August 20, 2026

गाजियाबाद निलंबित इंस्पेक्टर राजेंद्र त्यागी एक बार फिर से अपने बयान से पलटी मार गए – अजय मिश्रा

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गाजियाबाद निलंबित इंस्पेक्टर राजेंद्र त्यागी एक बार फिर से अपने बयान से पलटी मार गए हैं. दरअसल, हाल ही में उन्होंने एसएसपी को एक मैसेज किया था. जिसके बाद उन्होंने मीडिया में भी बयान दिया. अब एक बार फिर से इंस्पेक्टर साहब कुछ और बोलने लगे हैं.अब एसएसपी को देवता बताते हुए उन्होंने कहा कि तालमेल का अभाव रहा. शायद कप्तान ने उनके अच्छे के लिए तबादला किया हो. जबकि तबादले का आदेश आने के बाद ही इंस्पेक्टर ने तस्करा तक डाल दिया था.

 

 

अब एसएसपी को बताया देवता

जानकारी के मुताबिक, हाल ही में गाजियाबाद जिले में अनुशासनहीनता के आरोप में निलंबित हुए इंस्पेक्टर राजेंद्र त्यागी ने एसएसपी को व्हॉट्सएप पर मैसेज भेजा था. मैसेज में उन्होंने कहा है कि ”एसएसपी जब भी बुलाएंगे, वह आ जाएंगे. उनका हर आदेश मानने को तैयार हैं, लेकिन एसपी ग्रामीण पर उन्हें भरोसा नहीं है.” इस बात को सही से 24 घंटे भी नहीं बीते थे अब अब इंस्पेक्टर ने नया बयान दिया है. एसएसपी को देवता बताते हुए उन्होंने कहा कि तालमेल का अभाव रहा. शायद कप्तान ने उनके अच्छे के लिए तबादला किया हो. गुरूवार को एसएसपी के सीयूजी नंबर से विभागीय वाट्सएप ग्रुप पर एसपी ग्रामीण को उत्कृष्ट, मेहनती और ईमानदार अधिकारी बताते हुए टिप्पणी की गई. उसमे ये भी कहा गया था कि इंस्पेक्टर राजेंद्र का यह बयान अनुशासनहीन और दंडनीय है.

 

इंस्पेक्टर ने पहले एसएसपी पर लगाए थे आरोप

आज एसएसपी को देवता बताने वाले इंस्पेक्टर राजेंद्र त्यागी ने तबादला आदेश जारी होने के बाद कप्तान पर गंभीर आरोप लगाए थे. उन्होंने कहा था कि, मुठभेड़ के बाद लोनी के भाजपा विधायक नंद किशोर गुर्जर व हिंदू संगठनों द्वारा उनका सम्मान करने के कारण उन्हें थाने से हटाया गया है. उन्होंने सम्मान करने के लिए किसी को नहीं बुलाया था. लोग खुद थाने आए थे. अफसरों को इसमें कुछ गलत लगा तो पहले जांच कराते, फिर कार्रवाई करते. उन्होंने लोगों से कहा था कि वह उनका नहीं, एसएसपी का सम्मान करें, लेकिन लोग नहीं माने.