May 8, 2026

गढ़वाघाट आश्रम ने प्रधानमंत्री राहत कोष में दिया 51 लाख का दान*

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वाराणसी/दिनांक 04 अप्रैल*गढ़वाघाट आश्रम ने प्रधानमंत्री राहत कोष में दिया 51 लाख का दान*

*इस संक्रमण काल के समय देश को सुरक्षित रखने में प्रधानमंत्री के प्रयासों की संतमत अनुयायी आश्रम मठ गढ़वाघाट के पीठाधीश्वर श्री श्री 108 श्री स्वामी सद्गुरू सरनानन्दजी महाराज परमहंस ने मुक्त कंठ से प्रशंसा की*

कोरोना वायरस संक्रमण से पैदा हुए हालात से निपटने की मुहिम में संतमत अनुयायी आश्रम मठ गढ़वाघाट के पीठाधीश्वर श्री श्री 108 श्री स्वामी सद्गुरू सरनानन्दजी महाराज परमहंस ने 51 लाख (51,00,000/-) रूपये की मदद का एलान किया और इस संक्रमण काल के समय देश को सुरक्षित रखने में प्रधानमंत्री जी के प्रयासों की मुक्त कंठ से प्रशंसा भी की।
इस 51 लाख (51.,00,000/-) रूपये की राशि को प्रधानमंत्री राहत कोष पीएम केयर्स 2121PM20202 स्टेट बैंक आफ इंडिया नई दिल्ली की मुख्य शाखा के लिये आरटीजीयस किया गया प्रतीक स्वरुप इसका चेक प्रधानमंत्री जी को
सौंपा गया। श्री स्वामी सरनानन्दजी की मंशा है कि इस धनराशि का उपयोग प्रधानमंत्री जी अपने विवेक के अनुसार कोरोना से उपजी संकट की स्थिति के क्षतिपूर्ति, आवश्यक चिकित्सकीय सुविधा एवं उपकरण इत्यादि के लिये करें। श्री स्वामी जी के अनुसार देश के मठ, मन्दिर, न्यास और ट्रस्ट सभी राष्ट्र और जनता के कल्याणार्थ स्थापित किये जाते हैं और राष्ट्र पर आयी विपत्तियों के समय इनकी भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। कोरोना का संक्रमण मानवता के इतिहास में, मानव जाति के लिये सबसे कठिन चुनौतियों में से एक है। इस कठिन समय में सभी को मुक्त हस्त से दान कर राष्ट्र के कल्याणार्थ आगे आना चाहिए।
ज्ञातव्य हो कि पिछले दिनों भी संतमत अनुयायी आश्रम मठ गढ़वाघाट प्रधानमंत्री राहत कोष में दस लाख रुपये (10,00,000/-) की सहायता राशि प्रधानमंत्री जी को प्रदान की थी। भूखमरी की आवश्यकता पूर्ति हेतु लगातार चन्दौली
और वाराणसी में प्रतिदिन 2000 लोगों को भोजन सामग्री अथवा भोजन का पैकेट भी वितरित किया जा रहा है जहाँ पर कि लोगों को अन्न का संकट है।
स्वामी जी का स्पष्ट निर्देश है कि देश भर में जितने भी संतमत अनुयायी मठ गढ़वाघाट के आश्रम हैं। वहाँ-वहाँ के प्रतिनिधि भी अपने-अपने क्षेत्र में कोरोना से उपजी भूखमरी की समस्या से निजात दिलाने हेतु अन्नों का या खाने का वितरण सुनिश्चित करें। अब तक हम दिल्ली, कलकत्ता, मुम्बई, हरिद्वार, गुरुदेवनगर, झकाहीं, वाराणयी, चन्दौली तथा बिहार के आश्रमों से यह वितरण लगातार करवा रहे हैं।