अप्डेट प्रयागराज
गंगा नदी के पास दफन शव का अंतिम विधि विधान के साथ विसर्जित करने के लिए राज्य सरकार को निर्देश मांग
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई से इनकार किया
याचिकाकर्ता को फटकार लगाते हुए कहा यह याचिका पब्लिक इंटरेस्ट नहीं बल्कि पब्लिसिटी के दाखिल की गई अर्ज़ी है,मुख्य न्यायाधीश संजय यादव ने याचिकाकर्ता के वकील को फटकार लगाते हुए कहा इस मामले में शोध नहीं किया
हाई कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए पूछा याचिकाकर्ता ने कितने शवों को पहचानने में सफल रहे हैं और कितने शवों का अंतिम संस्कार देने में सफल रहे हैं? व्यक्तिगत योगदान क्या रहा है?वकील ने कहा उस जगह पर गया था और वहां की स्थिति काफी खराब है, गंगा नदी के किनारे दफन शवों को विसर्जित करना राज्य का दायित्व है
इलाहबाद HC ने कहा राज्य ऐसा क्यों करे?अगर किसी परिवार में मौत होती है,तो क्या यह राज्य की जिम्मेदारी,इलाहाबाद हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ता से कहा आपने जमीनी हकीकत का परीक्षण नहीं किया है,अगर आप कहते हैं कि मानवाधिकार आयोग ने इस मामले पर कोई आदेश दे तो आप उनसे जाकर शिकायत करें और यह बात उनके द्वारा नहीं सुनी जा रही है, ऐसे निर्देश मांगने के लिए अदालत में मत आइये।

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