June 19, 2026

खुलेआम घूम रहे हत्यारोपी 3 महीने बाद पुलिस नही कर सकी गिरफ्तार-

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खुलेआम घूम रहे हत्यारोपी 3 महीने बाद पुलिस नही कर सकी गिरफ्तारl FTR

तीन माह पूर्व पश्चिम शरीरा थाना में तेरह नामजद के साथ एक सैकड़ा लोगों के खिलाफ़ दर्ज हुआ था मामला

पंचायत में सुनाया गया था तालिबानी सजा देने का फैसला पुलिस का सूचनातंत्र महिला की हत्या को रोकने में नहीं हुआ था सफल

कौशाम्बी।
पहले प्रेम के झांसे में फंसाना फिर महिला की करोड़ो की संपत्ति हड़पना उसके बाद महिला पर धर्म परिवर्तन का दबाव डालना ना मानने पर भरी पंचायत में महिला को धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर करना और धर्म परिवर्तन में असफल रहने पर पंचायत के बीच तालिबानी फरमान सुनाते हुए महिला की हत्या कर लाश ठिकाने लगाए जाने के मामले में पश्चिम शरीरा पुलिस का रवैया ठीक नहीं है मामले में कई महीने बीत जाने के बाद हत्या में शामिल लोगों की गिरफ्तारी करने के बजाए थाना पुलिस महिला की हत्या में नामजद आरोपियों के घुटनों में गिर पड़ी है

धर्म परिवर्तन नहीं करने पर में 3 माह पूर्व पश्चिम शरीरा क्षेत्र के असाढा गांव में एक महिला की हत्या कर दी गई थी। मामले में काफी हीला हवाली करने के बाद पुलिस ने मुकदमा पंजीकृत किया था। जिसमें 13 नामजद लोगों के साथ सौ अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था। मामले में मुख्य आरोपी को पुलिस ने एनकाउंटर में गिरफ्तार किया था, लेकिन उसके बाद से मामले में किसी प्रकार की गिरफ्तारी नहीं हुई। जिससे अब पूरे मामले के आरोपी हौसला बंद होकर खुलेआम घूम रहे हैं। पूरे मामले में थाना क्षेत्र में तैनात एक सिपाही पर शुरू से ही आरोप लगता रहा है कि वह आरोपियों के बचाव में पैरोंकारी कर रहे हैं अब आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने पर भी सिपाही का नाम सामने आ रहा है जिससे जिले के हिंदुओं में रोष बढ रहा है।

बताते चलें कि 3 माह पूर्व मऊ जनपद की रहने वाली चंदा देवी 32 वर्ष की हत्या थाना क्षेत्र के एक गांव में कर दी गई थी मामले में थाना क्षेत्र के मीरदाहन का पुरवा गांव के रहने वाले मोहम्मद आरिफ का नाम सामने आया था। मामले में पीड़िता की मां ने आरोप लगाया था कि उसकी बेटी की हत्या पंचायत में इस्लाम धर्म कबूल ना करने के चलते हुई थी। मामले में मुख्य आरोपी को तो पुलिस ने एक एनकाउंटर के दौरान गिरफ्तार कर लिया था लेकिन उसके बाद 13 नामजद आरोपियों की आज तक गिरफ्तारी नहीं हो सकी शुरू से ही मामले में पुलिस की भूमिका संदिग्ध नजर आ रही थी। पुलिस ने पूर्व में ही एक विज्ञप्ति को जारी कर के मामले में लव जिहाद की घटना को इनकार किया था तथा यह भी आरोप लगाया था कि पीड़िता की मौत इलाज के दौरान हुई थी। जबकि पोस्टमार्टम से यह खुलासा हुआ था कि चंदा देवी की मौत गला दबाकर की गई थी। अब एक बार फिर पुलिस की हिला हवाली लोगों के मन में शंका उत्पन्न कर रही है कि पूर्व में जिस सिपाही का नाम आरोपी को बचाने के लिए मुकदमा दर्ज नहीं कराने पर आ रहा था क्या वही गिरोह फिर धर्म के नाम पर आरोपियों को बचाने में नहीं लग गया है। 3 महीने से लगातार गिरफ्तारी नहीं होने से अब हिंदू संगठनों में भी आक्रोश बढ़ रहा है। वहीं दूसरी ओर पीड़िता की मां ने कहा है कि यदि 15 दिनों के अंदर आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती तो वह लखनऊ पहुंचकर मुख्यमंत्री कार्यालय में धरना देकर अपनी बेटी को न्याय दिलाने की गुहार लगाएगी।
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