August 15, 2026

खाद्य सामग्रियों पर प्रशासन को तय करने चाहिए सरकारी दर, रुकेगी कालाबाज़ारी- अभिलाष राम

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*खाद्य सामग्रियों पर प्रशासन को तय करने चाहिए सरकारी दर, रुकेगी कालाबाज़ारी*

 

चित्रकूट। कोरोनाकाल में हर तरफ कालाबाज़ारी का दौर जारी है। लॉकडाउन है और आवश्यक वस्तुओं में आने वाली खाद्य सामग्रियों के दाम ने सेंसेक्स से भी तेज़ उछाल मार दिया है। दुकानदार खुलेआम कालाबाज़ारी कर रहा है। जिनमें खासतौर पर बात की जाए सब्ज़ी और फलों की तो इनके दामो ने आपदा मे

के दौरान त्यौहारों को भी पीछे छोड़ दिया है। जबकि चित्रकूट में पैदा होने वाली सब्ज़ियां व अन्य सामग्री गैर जनपद में ले जाकर उनकी खरीदफरोख्त नही हो पा रही है फिर भी इनके दामों ने आम इंसान के पसीने निकाल दिए हैं। एक वर्ष पूर्व कोरोना की पहली लहर और लॉकडाउन में जिला प्रशासन ने हर खाद्य सामग्री की दर तय की थी। जो व्यापारी और खरीददार के बीच एक वाजिब बचत के साथ दरों को मुकम्मल करते हुए आम इंसान और व्यापारियों को राहत पहुचाई थी। आवश्यकता है कि जिला प्रशासन भी खाद्य सामग्रियों की दरों को मुकम्मल तय करते हुए आम इंसानों को राहत देने का कार्य करना चाहिए। जो आम और खास सभी ज़रूरतमन्दों के लिए मुफ़ीद साबित होगा।

 

*रिपोर्ट अभिलाष राम चित्रकूट*