September 22, 2026

क्यों नहीं मिल सकता पोस्टल वोटिंग का अधिकार?

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नई दिल्ली. विदेश मंत्रालय (MEA) के साथ पिछले हफ्ते हुई एक बैठक में चुनाव आयोग (Election Commission) ने सरकार को उन देशों को लेकर संकेत दिया, जहां वे पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर एनआरआई के लिए पोस्टल वोटिंग शुरू करना चाहते हैं. यह प्रस्ताव संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा, न्यूजीलैंड, जापान, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी, फ्रांस और दक्षिण अफ्रीका में स्थित एनआरआई मतदाताओं के लिए पहले लागू हो सकता है. फिलहाल खाड़ी देश प्रस्तावित पायलट प्रोजेक्ट का हिस्सा नहीं हैं.

कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात जैसे खाड़ी देशों में बसे प्रवासी भारतीयों के खिलाफ आयोग के पास स्पष्ट रूप से कोई पूर्वधारणा नहीं है. हालांकि MEA ने पहले भी गैर-लोकतांत्रिक देशों में रहने वाले भारतीय नागरिकों के लिए मतदान की सुविधा को लेकर आपत्ति जाहिर की है. गैर-लोकतांत्रिक देशों में भारतीय मिशनों और दूतावासों के बाहर मतदाताओं की कतार लगाने के लिए परमिशन की जरूरत होगी और मेजबान राष्ट्रों के अनुमति नहीं देने की आशंका ज्यादा है. इसको देखते हुए चुनाव आयोग ने अब तक अपने प्रस्तावित पायलट में खाड़ी देशों को शामिल नहीं किया है.

NRI मतदाताओं का पंजीकरण बहुत कम

संयुक्त राष्ट्र की साल 2015 की एक रिपोर्ट के अनुसार, विदेश में बसे 16 मिलियन भारतीय संख्या के लिहाज से दुनिया में सबसे अधिक हैं. चुनाव आयोग के अनुसार, NRI मतदाताओं का पंजीकरण बहुत कम हुआ है. मतदाता के रूप में 1 लाख से अधिक प्रवासी भारतीयों ने अब तक पंजीकरण कराया है. वहीं पिछले साल के लोकसभा चुनावों में उनमें से लगभग 25,000 ही वोट देने आए.

चुनाव आयोग के पास एनआरआई मतदाताओं के पास देश-वार आंकड़े नहीं हैं. हालांकि आयोग के पास भारत के राज्यों में पंजीकृत एनआरआई मतदाताओं की जानकारी है. 1.18 लाख एनआरआई मतदाताओं में से, सबसे बड़ी संख्या – लगभग 89,000 – केरल में मतदान करने के लिए पंजीकृत हैं. दूसरा सबसे बड़ी संख्या (लगभग 7,500) आंध्र प्रदेश में पंजीकृत हैं, इसके बाद महाराष्ट्र (5,500 लगभग), कर्नाटक (4,500 लगभग), तमिलनाडु (3,200), और फिर तेलंगाना (2,500) है.

कैसे पहुंचेगा बैलेट?
एमईए के साथ पिछले हफ्ते बैठक में चुनाव आयोग ने प्रस्ताव दिया है कि चुनाव में पोस्टल बैलट के माध्यम से मतदान करने में रुचि रखने वाले किसी भी एनआरआई को चुनाव की अधिसूचना के पांच दिन के भीतर रिटर्निंग ऑफिसर (आरओ) को सूचित करना होगा. इस तरह की जानकारी प्राप्त करने पर आरओ इलेक्ट्रॉनिक रूप से बैलेट पेपर भेजेगा.

भारतीय मिशन द्वारा तैनात एक अधिकारी मतदाता की ओर से मतपत्र डाउनलोड करेगा और इसे प्रवासी मतदाता को सौंप देगा. प्रवासी निर्वाचक तब मिशन में वोट दे पाएगा. इसके बाद प्रवासी भारतीय अधिकारी द्वारा अटेस्टेड सेल्फ डिक्लिरेशन फॉर्म ले सकता है, और मिशन को एक मुहरबंद लिफाफे में बैलेट पेपर और सेल्फ डिक्लिरेशन फॉर्म वापस सौंप सकता है. तब मिशन संबंधित चुनाव अधिकारी को सभी लिफाफे भेजेगा.