May 6, 2026

कोविड-19 प्रबंधन हेतु गठित टीम-09 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दिशा-निर्देश – अजय मिश्रा

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*भाग–01*

 

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*कोविड-19 प्रबंधन हेतु गठित टीम-09 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दिशा-निर्देश*

 

 

 

 

– कोविड टेस्टिंग के महत्व को देखते हुए उत्तर प्रदेश हर दिन टेस्टिंग को विस्तार दे रहा है। बीते 24 घंटों में हमने 2,97,021 सैम्पल टेस्ट किए हैं, इनमें से 1,28,000 से अधिक टेस्ट केवल आरटीपीसीआर माध्यम से हुए।यह एक रिकॉर्ड है। उत्तर प्रदेश में अब तक 4.13 करोड़ टेस्ट किए जा चुके हैं।

 

 

 

 

– विगत 24 घंटे में प्रदेश में 30,983 नए कोविड केस सामने आए हैं, जबकि इसी अवधि में 36,650 लोग उपचारित होकर स्वस्थ हुए हैं यह स्थिति संतोषप्रद है। मास्क, सैनिटाइजर, ग्लव्स, दो गज दूरी जैसे कोविड विहेवियर को सभी लोग अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाएं। कोविड से बचाव ही इसका उपचार है।

 

 

 

 

– कोविड से लड़ाई में टीकाकरण एक महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच है।उत्तर प्रदेश सर्वाधिक वैक्सीनेशन करने वाला राज्य है। अब तक प्रदेश के 1,03,54,904 लोगों को पहली डोज और 23,74,880 लोगों को दूसरी डोज़ लग चुकी है। इस तरह प्रदेश में 1.27 करोड़ डोज एडमिनिस्टर की जा चुकी है।

 

 

 

 

– प्रदेश में 18-44 आयु वर्ग के लोगों का कोविड टीकाकरण प्रारम्भ हो गया है। एक मई को अधिक एक्टिव केस वाले सात जिलों के 86 केंद्रों पर 18-44 आयु वर्ग के लोगों का टीकाकरण किया गया। लोगों ने उत्साह के साथ इसमें सहभागिता की। टीकाकरण का यह कार्यक्रम तेजी के साथ आगे बढ़ाया जाए।

 

 

 

 

– कोविड संक्रमण से हमें गांवों को बचाना होगा। गांवों के प्रति विशेष सतर्कता की जरूरत है। ऐसे में प्रदेश की सभी 97 हजार राजस्व गांवों में कोविड टेस्टिंग का वृहद अभियान संचालित किया जाए। इस संबंध में सभी जरूरी तैयारी कर ली जाए। आरआरटी की संख्या बढ़ाई जाए। निगरानी समितियों से सहायता लें। जो लोग अस्वस्थ हों, पॉजिटिव पाए जाएं, उन्हें मेडिकल प्रोटोकॉल का मुताबिक उपचार दिया जाए।आवश्यकतानुसार अस्पताल में एडमिट कराया जाए, क्वारन्टीन किया जाएगा। होम आइसोलेशन में रखा जाए। उन्हें मेडिकल किट उपलब्ध कराया जाए। स्वास्थ्य विभाग इस वृहद टेस्टिंग ड्राइव के सफल क्रियान्वयन के लिए समुचित तैयारी पूरी कर ले। पंचायत चुनाव की मतगणना के संपन्न होने के तत्काल बाद 04 मई से यह स्पेशल ड्राइव शुरू हो जाएगा।

 

 

 

 

– कोविड संक्रमण की चेन रोकने की दिशा में कुछ महत्वपूर्ण निर्णय लेने की आवश्यकता है।आवागमन न्यूनतम हो इसके लिए अंतरराज्यीय बस सेवा को तत्काल स्थगित कर दिया जाए। वायु सेवा से आवागमन करने वाले सभी यात्रियों के लिए कोविड नेगेटिव रिपोर्ट अनिवार्य किया किया जाए। गांवों में आने वाले हर एक प्रवासी व्यक्ति की टेस्टिंग की जाए। उन्हें नियमानुसार क्वारन्टीन किया जाए। ट्रेनों से आने वालों की तापमान जांच, संदिग्ध हों तो एंटीजन टेस्ट आदि कराया जाना सुनिश्चित करें। इसमें लापरवाही न हो।

 

 

 

 

– सीएम हेल्पलाइन, इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर सहित सभी प्रकार की हेल्पलाइन में सेवाएं दे रहे कार्मिक मरीज अथवा उनके परिजनों को सही और समुचित जानकारी दें। उनके साथ संवेदनशील व्यवहार किया जाए।

 

 

 

 

– हमें अस्पतालों में प्रशिक्षित मानव संसाधन की आवश्यकता है। एक्स सर्विस मैन, सेवानिवृत्त चिकित्सक, आर्मी के रिटायर्ड लोग, अनुभवी पैरामेडिकल स्टाफ, मेडिकल/पैरामेडिकल के अन्तिम वर्ष के छात्र/छात्राओं की सेवाएं ली जानी चाहिए। ऐसे में प्रदेश में मैन पॉवर बैंक जैसा प्रयास किया जाए। जहां जैसी आवश्यकता हो, मानव संसाधन को उपलब्ध कराया जा सकेगा। चिकित्सा शिक्षा मंत्री इस दिशा में कार्यवाही सुनिश्चित कराएं।

 

 

 

 

– रेमेडेसीवीर सहित सभी जीवनरक्षक दवाओं की प्रदेश में उपलब्धता सुनिश्चित कराई जा रही। मरीज की जरूरत के अनुसार पर्याप्त रेमेडेसीवीर उपलब्ध कराया जा रहा है। निजी अस्पतालों को जरूरत के अनुसार रेमेडेसीवीर की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए जिलाधिकारियों/सीएमओ को रेमेडेसीवीर वॉयल दिए गए हैं। यह किसके प्रयोग में आ रहा है, इसका विवरण रखा जाए।

 

 

 

 

– प्रदेश में रेमेडेसीवीर की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए भारत सरकार द्वारा प्रतिदिन 50,000 वॉयल का आवंटन किया गया है। यह नवीन आवंटन प्रदेश में रेमेडेसीवीर की आपूर्ति सुचारु रखने में बहुत उपयोगी होगी। स्वास्थ्य मंत्री इस जीवनरक्षक दवा की मांग और आपूर्ति के वितरण की स्वयं मॉनिटरिंग करें। मांग, आपूर्ति और वितरण की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी ढंग से संपन्न होनी चाहिए। इसकी कालाबाजारी न हो, यह सुनिश्चित कराएं।

 

 

 

 

– प्रदेश के सभी जिलों में बेड की क्षमता को दोगुनी करने की कार्यवाही तेज की जाए। लखनऊ के आरएमएल में कोविड बेड की संख्या बढ़ाई जाए। केजीएमयू में जल्द ही डेढ़ सौ बेड जल्द ही और कोविड मरीजों के लिए उपलब्ध हो जाएंगे। कैंसर हॉस्पिटल और डीआरडीओ द्वारा तैयार विशेष हॉस्पिटल भी बहुत जल्द क्रियाशील हो जाएंगे।चिकित्सा शिक्षा मंत्री इसकी हर दिन मॉनिटरिंग करें। बेड में बढ़ोतरी बहुत आवश्यक है।

 

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*भाग–02*

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*कोविड-19 प्रबंधन हेतु गठित टीम-09 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दिशा-निर्देश*

 

– कोविड प्रबंधन के लिए राज्य स्तर पर गठित टीम-09 की तर्ज पर सभी जिलों में विशेष टीम गठित किये जाने की आवश्यकता है। अधिकारियों को जिम्मेदारी दी जाए, उसकी मॉनिटरिंग की जाए और जवावदेही तय की जाए।

 

– साप्ताहिक बन्दी, रात्रिकालीन कोरोना कर्फ्यू को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए। ग्रामीण क्षेत्र में आने वाले एक-एक प्रवासी व्यक्ति की स्क्रीनिंग कराई जाए। आवश्यकतानुसार क्वारन्टीन किया जाए। निगरानी समितियों से लेखपाल को भी जोड़ा जाना चाहिए।

 

– होम आइसोलेशन में उपचाराधीन लोगों से हर दिन संवाद बनाया जाना चाहिए। सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से प्रतिदिन कम से कम 45-50 हजार मरीजों से संपर्क किया जाए। स्वास्थ्य मंत्री के स्तर पर भी मरीजों से बातचीत कर उनका हालचाल लिया जाए, फ़ीडबैक लिया जाए।

 

– सीएम हेल्पलाइन,आइसीसीसी सहित सभी हेल्पलाइन पर कार्यरत कार्मिक मरीजों/परिजनों को सही और समुचित जानकारी देना सुनिश्चित करें। उनके साथ संवेदनशील व्यवहार किया जाए।

 

– होम आइसोलेशन में इलाज करा रहे लोगों को मेडिकल किट जरूर उपलब्ध कराएं। जितनी जल्दी इलाज शुरू होगा, स्वास्थ्य लाभ भी उतना ही शीघ्र होगा। ग्रामीण क्षेत्रों में निगरानी समितियों को इस कार्य में सक्रिय किया जाए।

 

– सभी डीएम/सीएमओ अपने जनप्रतिनिधियों एवं क्षेत्रीय जनता के सतत संपर्क में रहें। जनप्रतिनिधियों का अनुभव और मार्गदर्शन कोविड प्रबंधन में सहायक होगा। फील्ड में तैनात सभी अधिकारी एक्टिव मोड में रहें। हर फोन कॉल अटेंड होनी चाहिए।

 

– प्रदेश सरकार सभी नागरिकों के सुचारु भरण-पोषण के लिए संकल्पित है। 05 मई से प्रदेश में पात्र लोगों को निःशुल्क राशन वितरण प्रारंभ हो रहा है। राशन वितरण केंद्रों पर कोविड विहैवियर पर सख्ती से अमल हो। पात्र लोगों को पूरी पारदर्शिता के साथ राशन वितरण किया जाए। इस संबंध में कृषि उत्पादन आयुक्त स्तर से कार्ययोजना तैयार कर ली जाए।

 

– प्रदेश में ऑक्सीजन की आपूर्ति सुनिश्चित कराई जा रही है। मांग और आपूर्ति में संतुलन के लिए सभी जरूरी प्रयास किये जा रहे हैं। कल प्रदेश में 682 मीट्रिक टन ऑक्सीजन का वितरण किया गया। आज 10 वीं ऑक्सीजन एक्सप्रेज़ चल रही है। कम संक्रमण दर वाले जिलों में भी ऑक्सीजन की आपूर्ति सुनिश्चित कराई जा रही है। डीआरडीओ के नए कोविड हॉस्पिटल में ऑक्सीजन आपूर्ति की व्यवस्था कर दी गई है।

 

– जामनगर (गुजरात) दुर्गापुर, बरजोरा (पश्चिम बंगाल) बोकारो (झारखंड), जमशेदपुर के साथ साथ काशीपुर, मोदीनगर और रुड़की से भी ऑक्सीजन की आपूर्ति कराई जा रही है। मेडिकल कॉलेजों/सरकारी असप्तालों के साथ-साथ निजी अस्पतालों को आपूर्ति कराई जा रही है। सभी जिलों की स्थिति पर शासन स्तर से सीधी नजर रखी जानी चाहिए।

 

– ऑक्सीजन प्लांट लगाने के लिए सरकार निजी क्षेत्र को सभी जरूरी सहयोग प्रदान करेगी। इस बारे में शासकीय नीति जल्द जारी की जाए। गन्ना विकास विभाग एवं आबकारी विभाग द्वारा भी ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट के संबंध में तेजी से कार्यवाही की जाए।

 

 

– कतिपय जिलों में वेंटिलेटर उपलब्ध हैं किंतु प्रशिक्षित मानव संसाधन के अभाव में इनके क्रियाशील न होने की जानकारी मिली है। स्वास्थ्य विभाग ऐसे सभी अस्पतालों के लिए तत्काल एनेस्थेटिक व अन्य टेक्नीशियन की उपलब्धता सुनिश्चित कराए। यह कार्य प्राथमिकता के साथ किया जाए। जिन जिलों में सीएमओ अथवा सीएमएस के पद रिक्त हैं, वहां 24 घंटे के भीतर नियुक्ति कर दी जाए।

 

– मरीज के परिजनों के साथ संवेदनशील व्यवहार किया जाना अपेक्षित है। हमारा सहयोगपूर्ण रवैया परिजन के लिए इस आपदाकाल में बड़ा सम्बल होगा। हेल्पलाइन में सेवाएं दे रहे कार्मिकों समुचित जानकारी दें। यदि कोई व्यक्ति किसी मरीज़ के लिए ऑक्सीजन सिलिंडर की रीफिलिंग के लिए जा रहा है तो उसे यथासंभव सहयोग करे उसे रोका न जाए। अस्पताल में भरती मरीज़ों के परिजनों को दिन में कम से कम एक बार उनके मरीज के स्वास्थ्य की जानकारी जरूर दी जाए। स्वास्थ्य मंत्री इस व्यवस्था को सुनिश्चित कराएं।

[5/2, 5:51 PM] Ajay Mishra Lko Cib: *भाग–01*

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*कोविड-19 प्रबंधन हेतु गठित टीम-09 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दिशा-निर्देश*

 

– कोविड टेस्टिंग के महत्व को देखते हुए उत्तर प्रदेश हर दिन टेस्टिंग को विस्तार दे रहा है। बीते 24 घंटों में हमने 2,97,021 सैम्पल टेस्ट किए हैं, इनमें से 1,28,000 से अधिक टेस्ट केवल आरटीपीसीआर माध्यम से हुए।यह एक रिकॉर्ड है। उत्तर प्रदेश में अब तक 4.13 करोड़ टेस्ट किए जा चुके हैं।

 

– विगत 24 घंटे में प्रदेश में 30,983 नए कोविड केस सामने आए हैं, जबकि इसी अवधि में 36,650 लोग उपचारित होकर स्वस्थ हुए हैं यह स्थिति संतोषप्रद है। मास्क, सैनिटाइजर, ग्लव्स, दो गज दूरी जैसे कोविड विहेवियर को सभी लोग अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाएं। कोविड से बचाव ही इसका उपचार है।

 

– कोविड से लड़ाई में टीकाकरण एक महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच है।उत्तर प्रदेश सर्वाधिक वैक्सीनेशन करने वाला राज्य है। अब तक प्रदेश के 1,03,54,904 लोगों को पहली डोज और 23,74,880 लोगों को दूसरी डोज़ लग चुकी है। इस तरह प्रदेश में 1.27 करोड़ डोज एडमिनिस्टर की जा चुकी है।

 

– प्रदेश में 18-44 आयु वर्ग के लोगों का कोविड टीकाकरण प्रारम्भ हो गया है। एक मई को अधिक एक्टिव केस वाले सात जिलों के 86 केंद्रों पर 18-44 आयु वर्ग के लोगों का टीकाकरण किया गया। लोगों ने उत्साह के साथ इसमें सहभागिता की। टीकाकरण का यह कार्यक्रम तेजी के साथ आगे बढ़ाया जाए।

 

– कोविड संक्रमण से हमें गांवों को बचाना होगा। गांवों के प्रति विशेष सतर्कता की जरूरत है। ऐसे में प्रदेश की सभी 97 हजार राजस्व गांवों में कोविड टेस्टिंग का वृहद अभियान संचालित किया जाए। इस संबंध में सभी जरूरी तैयारी कर ली जाए। आरआरटी की संख्या बढ़ाई जाए। निगरानी समितियों से सहायता लें। जो लोग अस्वस्थ हों, पॉजिटिव पाए जाएं, उन्हें मेडिकल प्रोटोकॉल का मुताबिक उपचार दिया जाए।आवश्यकतानुसार अस्पताल में एडमिट कराया जाए, क्वारन्टीन किया जाएगा। होम आइसोलेशन में रखा जाए। उन्हें मेडिकल किट उपलब्ध कराया जाए। स्वास्थ्य विभाग इस वृहद टेस्टिंग ड्राइव के सफल क्रियान्वयन के लिए समुचित तैयारी पूरी कर ले। पंचायत चुनाव की मतगणना के संपन्न होने के तत्काल बाद 04 मई से यह स्पेशल ड्राइव शुरू हो जाएगा।

 

– कोविड संक्रमण की चेन रोकने की दिशा में कुछ महत्वपूर्ण निर्णय लेने की आवश्यकता है।आवागमन न्यूनतम हो इसके लिए अंतरराज्यीय बस सेवा को तत्काल स्थगित कर दिया जाए। वायु सेवा से आवागमन करने वाले सभी यात्रियों के लिए कोविड नेगेटिव रिपोर्ट अनिवार्य किया किया जाए। गांवों में आने वाले हर एक प्रवासी व्यक्ति की टेस्टिंग की जाए। उन्हें नियमानुसार क्वारन्टीन किया जाए। ट्रेनों से आने वालों की तापमान जांच, संदिग्ध हों तो एंटीजन टेस्ट आदि कराया जाना सुनिश्चित करें। इसमें लापरवाही न हो।

 

– सीएम हेल्पलाइन, इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर सहित सभी प्रकार की हेल्पलाइन में सेवाएं दे रहे कार्मिक मरीज अथवा उनके परिजनों को सही और समुचित जानकारी दें। उनके साथ संवेदनशील व्यवहार किया जाए।

 

– हमें अस्पतालों में प्रशिक्षित मानव संसाधन की आवश्यकता है। एक्स सर्विस मैन, सेवानिवृत्त चिकित्सक, आर्मी के रिटायर्ड लोग, अनुभवी पैरामेडिकल स्टाफ, मेडिकल/पैरामेडिकल के अन्तिम वर्ष के छात्र/छात्राओं की सेवाएं ली जानी चाहिए। ऐसे में प्रदेश में मैन पॉवर बैंक जैसा प्रयास किया जाए। जहां जैसी आवश्यकता हो, मानव संसाधन को उपलब्ध कराया जा सकेगा। चिकित्सा शिक्षा मंत्री इस दिशा में कार्यवाही सुनिश्चित कराएं।

 

– रेमेडेसीवीर सहित सभी जीवनरक्षक दवाओं की प्रदेश में उपलब्धता सुनिश्चित कराई जा रही। मरीज की जरूरत के अनुसार पर्याप्त रेमेडेसीवीर उपलब्ध कराया जा रहा है। निजी अस्पतालों को जरूरत के अनुसार रेमेडेसीवीर की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए जिलाधिकारियों/सीएमओ को रेमेडेसीवीर वॉयल दिए गए हैं। यह किसके प्रयोग में आ रहा है, इसका विवरण रखा जाए।

 

– प्रदेश में रेमेडेसीवीर की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए भारत सरकार द्वारा प्रतिदिन 50,000 वॉयल का आवंटन किया गया है। यह नवीन आवंटन प्रदेश में रेमेडेसीवीर की आपूर्ति सुचारु रखने में बहुत उपयोगी होगी। स्वास्थ्य मंत्री इस जीवनरक्षक दवा की मांग और आपूर्ति के वितरण की स्वयं मॉनिटरिंग करें। मांग, आपूर्ति और वितरण की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी ढंग से संपन्न होनी चाहिए। इसकी कालाबाजारी न हो, यह सुनिश्चित कराएं।

 

– प्रदेश के सभी जिलों में बेड की क्षमता को दोगुनी करने की कार्यवाही तेज की जाए। लखनऊ के आरएमएल में कोविड बेड की संख्या बढ़ाई जाए। केजीएमयू में जल्द ही डेढ़ सौ बेड जल्द ही और कोविड मरीजों के लिए उपलब्ध हो जाएंगे। कैंसर हॉस्पिटल और डीआरडीओ द्वारा तैयार विशेष हॉस्पिटल भी बहुत जल्द क्रियाशील हो जाएंगे।चिकित्सा शिक्षा मंत्री इसकी हर दिन मॉनिटरिंग करें। बेड में बढ़ोतरी बहुत आवश्यक है।

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