May 9, 2026

कृषि उत्पादन मंडी समिति का एसडीएम ने किया निरीक्षण- अमित कुमार प्रजापति

Spread the love

कृषि उत्पादन मंडी समिति का एसडीएम ने किया निरीक्षण

खागा /फतेहपुर 12 जून । कृषि उत्पादन मंडी समिति में संचालित हो रहे गेहूं क्रय केंद्र में किसानों द्वारा सबसे अधिक गेंहू की बिक्री करने वाले दस किसानों का सत्यापन किए जाने के लिए उप जिलाधिकारी ने मंडी सचिव से सूची लेने के बाद लेखपालो को जांच के निर्देश दिए हैं।

मालूम हो कि बीते 25 मई से कृषि उत्पादन मंडी समिति खागा में गेहूं क्रय केंद्र स्थापित किया गया है जिसमें अब तक 84 किसानो से 3570 कुंटल गेहूं की खरीद की गई है।

जिलाधिकारी के निर्देश पर गेंहू क्रय केंद्र में टाप 10 किसानो द्वारा सौ कुन्तल कुंटल तक गेंहू की बिक्री करने वाले की सूची मंडी सचिव से लेते हुए लेखपालो को जांच के निर्देश दिए।

जिसमें टाप 10 किसानो द्वारा गेहूं की बिक्री करने वालों में रमेश सिंह हसनपुर अकोढिया सौ कुन्तल, रामप्रसाद मनावा 98 कुंतल 50 किलो, सुमित्रा देवी निवासी कूरा 98 कुन्तल, पुष्पा देवी निवासी खागा 97 कुंतल, अभय नारायण निवासी सरकंडी 96 कुन्तल, शैलेंद्र सिंह निवासी खागा 80 कुंतल, लाल बहादुर निवासी सातो जोगा 70 कुंतल 60 किलो, सूरजमल निवासी रोहेल्लापुर 60 कुन्तल, सहोदरा निवासी गणेशपुर कूरा 60 कुंतल, राजकुमार निवासी बौड़र 50 कुंतल गेहूं की मंडी समित में बिक्री किया है। उन्होंने बताया कि जांच के बाद दोषी पाए जाने वालो पर कार्रवाई की जाएगी क्योंकि किसानों द्वारा खतौनी लगाकर गेंहू की बिक्री गई है। गेहूं बिक्री की धनराशि सीधे उनके खातों में पहुंचेगी।

 

इनसेट

 

एक पखवारे में 3570 कुंतल गेहूं की हुई खरीद

मंडी निरीक्षक अंजनी कुमार पांडेय ने बताया कि मंडी समित में गेंहू क्रय केन्द्र 25 मई से स्थापित किया गया है उसके बाद से अब तक 84 किसानों से 3570 कुंतल गेंहू की खरीद 70 लाख 51 हजार 737 रुपये में की गई है।

 

इनसेट

 

मंडी शुल्क में की जा रही है हेरा फेरी

देहात क्षेत्र से अपनी उपज की बिक्री करने वाले किसानों ने नाम न छापने की सर्त पर बताया कि किसानों से उपज की बिक्री का डेढ़ प्रतिशत मंडी शुल्क बराबर लिया जाता है लेकिन इस मण्डी शुल्क को सरकारी अभि लेखो में आधा अधूरा दिखाया जाता है। यह केवल अनाज में ही नहीं बल्कि सब्जियों की बिक्री के साथ भी यही किया जाता है । उधर किसानों ने बताया कि मंडी में प्रतिदिन व्यापार करना होता है। इससे अधिकारियों से बचकर रहना पड़ता है। उधर मंडी सचिव से बात करने का प्रयास किया गया लेकिन उनका फोन नेटवर्क के बाहर बता रहा था।