April 20, 2026

एसएसपी झांसी : रोहन पी कनय का मनीष सोनकर के इस्तीफे पर दिया गया बयान-अजय मिश्रा

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*SSP jhansi रोहन पी कनय का मनीष सोनकर के इस्तीफे पर दिया गया बयान*

 

 

अवगत कराना है कि श्री मनीष चन्द्र सोनकर जो जनपद झाँसी में काफी समय से तैनात हैं। जिनके द्वारा क्षेत्राधिकारी लाइन होने का भरपूर फायदा उठाते हुए सरकारी फॉलोवर के अतिरिक्त, बिना किसी सक्षम अधिकारी की परमिशन से सरकारी व्यय पर एक अन्य प्राइवेट फॉलोवर रखा गया था,जिसको संज्ञान में आते ही तत्काल हटा दिया गया। जो इन्हें अच्छा नही लगा। सरकारी फॉलोवर को इनके द्वारा जान-बूझकर चोरी का आरोप लगाकर हटा दिया गया था। पुनः दूसरा फॉलोवर लगया गया, तो इनके द्वारा ये कहकर हटा दिया गया कि यह गंदा है।

श्री मनीष चन्द्र सोनकर की ड्यूटी क्षेत्राधिकारी मऊरानीपुर के कोविड पॉजिटिव होने की वजह से तहसील मऊरानीपुर में वोट काउंटिंग में लगी थी किन्तु इनकी विनती पर कि शहर से दूर है, जिस पर क्षेत्राधिकारी मऊरानीपुर के स्वस्थ्य हो जाने की पुष्टि पर तत्काल किये गये आदेश में बदलाव करके इनकी ड्यूटी भोजला मंडी में वोट काउंटिग हेतु लगा दी गयी।

श्री मनीष चंद्र सोनकर द्वारा 28,29,30 अप्रैल एवं 01 मई को न ही तो अपने कार्यालय आकर किसी कार्य सरकार संपादित किया गया और न ही किसी मीटिंग में प्रतिभाग किया गया।

दिनाँक 02.05.2021 को जब श्रीमान जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक झाँसी द्वारा भोजला मंडी में लगे पुलिस बल को चेक किया गया, तो ये ड्यूटी पर अनुपस्थित पाये गये एवं वहाँ लगा फोर्स तितर-बितर था। जरिये दूरभाष संपर्क करने पर इनके द्वारा बताया गया कि मेरी पत्नी कोविड पॉजिटिव है एवं मेरी बच्ची की देखभाल कौन करेगा। इस पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा कहा गया कि जब लगे हुए सभी फॉलोवर को हटाएंगे तो कौन देखभाल करेगा। इन्होंने कहा कि वो मैं नही जानता एवं मै इस्तीफा देने को तैयार हूँ और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को डराने के लिए तुरंत जरिये ह्वाट्सएप्प इस्तीफा भेज दिया गया।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा रात्रि को वापस आने पर इनके द्वारा माँग की गयी छुट्टी की संस्तुति कर दी गयी (श्रीमान DGP महोदय के मना करने उपरांत, मानवीय दृष्टि से) एवं दिये गये इस्तीफे को उच्चाधिकारी गण के संज्ञान हेतु प्रेषित कर दिया गया।

जब पूरा विश्व कोविड महामारी से जूझ रहा है, किसी पुलिस अधिकारी का (जो दोनों डोज़ वैक्सीन लिए हुए है) ड्यूटी से गायब रहना अपने कर्तव्यों की उपेक्षा है एवं यह उत्तर प्रदेश पुलिस का सिर झुकाने/छबि धूमिल करने की बात है।