October 16, 2026

एक ओर पूरा विश्व और भारत पर्यावरण विश्व पर्यावरण दिवस मनाने की तैयारी कर रहा, एक तरफ विश्व पर्यावरण दिवस के ठीक पहले हरे भरे वृक्षों की होलिका जलाई जा रही- M.K. राजपूत

Spread the love

एक ओर पूरा विश्व और भारत पर्यावरण विश्व पर्यावरण दिवस मनाने की तैयारी कर रहा था और एक तरफ विश्व पर्यावरण दिवस के ठीक पहले हरे भरे वृक्षों की होलिका जलाई जा रही थी जी हां ठीक सुना आपने ये ताजा तरीन मामला है थाना तरवा के नूरपुर उर्फ भंवरपुर गांव का जहां एक किसान ने 7 सालों की मेहनत और अपने बच्चों की तरह पाल खाद पानी देकर 550 वृक्षों से गांव को हरा-भरा किया था वृक्षों का एहसास इस महामारी करोना काल ने ऑक्सीजन के कमी के कारण याद दिला दिया और हमें बता दिया वृक्ष और ऑक्सीजन की महत्व हमारे जीवन के लिए कितना आवश्यक है पूरे भारत में केंद्र सरकार और राज्य सरकार एवं सभी भारतवासी वृक्षारोपण पर जोर देने पर लगे हुए थे और पूरा भारत ऑक्सीजन के संकट से कोरोना काल में जुझ रहा था लोगों को एहसास हुआ कि वृक्ष का हमारे जीवन में कितना ज्यादा महत्व है किसान का प्रकृति से प्यार और लोगों को पर्यावरण वृक्षारोपण के प्रति जागरूप करने के उद्देश्य से उसने अपने निजी जमीन पर वृक्षारोपण किया था और सोचा था कि गांव के लोगों के लिए एक मिसाल पेश करेगा और हुआ ऐसा भी लोगों ने बढ़-चढ़कर वृक्षारोपण किया पर यह क्या द्वेषवश गांव के ही मनोज सिंह और विवेक सिंह पुत्र जगदीश सिंह ने पुवाल डालकर वृक्षों और खेतों में आग लगा दिया ये दृश्य देखकर किसान को ऐसा महसूस हुआ कि काटो तो खून नहीं जून का महीना गर्मी और तपन ने आग में घी का काम किया और हरे-भरे वृक्ष धू-धू करके जल उठे किसान जिसका मन में गांव को हरा-भरा करने की उम्मीद थी वह अपने आप को ठगा सा महसूस करने लगा वृक्षों की देखरेख करने वाले रघुनंदन सिंह नहीं जाकर आग लगाने वाले मनोज सिंह और विवेक सिंह से बातचीत करने का प्रयास किया तो उसे डरा धमका कर भगा दिया गया संरक्षक डरा सहमा जा कर घर में छुप गया और उसे अपनी जान माल खतरा सताने लगा प्राप्त सूचना के अनुसार पीड़िता की पत्नी सत्यभामा ने आरोपियों की लिखित के नाम की लिखित सूचना थाना तरवा में दे दिया है पर उस पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है उसे समझ में नहीं आ रहा है कि वह जाए तो कहां जाए अगर पीड़िता के संग न्याय नहीं हुआ तो उसका प्रशासन पर से भरोसा उठ जाएगा और वह कभी अपने बच्चों और परिवार को वृक्षारोपण और पर्यावरण के प्रति जागरूक करने से पहले बार-बार सोचेगी