✒️ *कोरोना एलर्ट: कल की तुलना में 11 हजार कम मिले मरीज, लेकिन दोगुनी हो गईं मौतें*
भारत में कोरोना संक्रमण को लेकर आज थोड़ी राहत की खबर जरूर आई है लेकिन मृतकों की संख्या ने चिंता बढ़ा दी है।दरअसल, बीते 24 घंटे में सोमवार की तुलना में जहां 11 हजार मरीज कम आए हैं वहीं मृतकों की संख्या दोगुनी आई है। स्वास्थ्य मंत्रालय के द्वारा मंगलवार को जारी आंकड़े के अनुसार बीते 24 घंटे में कोरोना के कुल 1.68लाख (1,68,063) नए मामले सामने आए हैं और 277 लोगों की मौत हो गई। बता दें कि सोमवार को 1.79 लाख मामले सामने आए थे और 146 लोगों की मौत हुई थी। सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि देश में सक्रिय मरीजों की संख्या आठ लाख (8,21,446) को पार कर गई है। वहीं वैक्सीनेशन का आंकड़ा 152 करोड़ को पार कर गया है। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक देश में कोरोना वायरस का दैनिक पॉजिटिविटी रेट अब 10.64 फीसदी है। ओमिक्रोन के मामलों की कुल संख्या बढ़कर 4,461 हो गई है जिसमें से 1,711 मरीज़ डिस्चार्ज हो गए हैं।
✒️ *ओमिक्रोन एलर्ट:4461 हुए ओमिक्रोन के मरीज*
भारत में ओमिक्रोन के मरीजों की संख्या में भी इजाफा हो रहा है। ओमिक्रोन के कुल मरीजों की संख्या बढ़कर अब 4,461 हो गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि 1,711 मरीज ठीक भी हो चुके हैं।देश में कोरोना वायरस का दैनिक पॉजिटिविटी रेट अब 10.64% है। ओमिक्रोन के मामलों की कुल संख्या बढ़कर 4,461 हो गई है जिसमें से 1,711 मरीज़ डिस्चार्ज हो गए हैं
वहीं, भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद ने बताया कि भारत में कल कोरोना वायरस के लिए 15,79,928 सैंपल टेस्ट किए गए। इस तरह कल तक कुल 69,31,55,280 सैंपल टेस्ट किए जा चुके हैं।
✒️ *कोरोना एलर्ट: अमेरिका में एक दिन में 11 लाख नए मरीज, बना विश्व रिकॉर्ड, भर्ती होने वालों की संख्या भी सर्वाधिक*
ओमिक्रॉन वैरिएंट को भले कम घातक बताया जा रहा है, लेकिन अमेरिका में नए कोरोना मरीजों की संख्या नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। सोमवार को देश में 11 लाख से ज्यादा मरीज मिले हैं। वहीं अस्पतालों में भर्ती होने वालों की संख्या भी अब तक की सर्वाधिक हो गई है। अमेरिका में इससे पहले 3 जनवरी को 10 लाख 3 हजार से ज्यादा नए मरीज मिले थे। बढ़ते मरीजों से पता चलता है कि अमेरिका में तेजी से फैलने वाला ओमिक्रॉन कहर बरपा रहा है। चिंताजनक वैरिएंट माने गए ओमिक्रॉन ने अमेरिका के अस्पतालों में भर्ती होने वालों की संख्या अब तक के सर्वोच्च स्तर पर पहुंचा दी है। पिछले साल जनवरी में यह संख्या 1,32,051 के मुकाबले बीत तीन सप्ताहों में यह संख्या रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के आंकड़ों के अनुसार, रविवार को अमेरिका में कुल कोविड-19 मामले 6 करोड़ तक पहुंच गए। देश में जनवरी 2020 के बाद से अब तक 8,37,594 मौतें भी हो चुकी हैं।
✒️ *IIT प्रोफेसर का दावा- मार्च में खत्म हो जाएगी कोरोना की तीसरी लहर, जनवरी के अंत में चरम पर होगा संक्रमण*
भारत में कोरोना की तीसरी लहर इसी माह जनवरी के अंत या फरवरी की शुरुआत में चरम पर होगी। मार्च के आखिर तक यह खत्म हो जाएगी। अपने गणितीय सूत्र माडल के आधार पर पद्मश्री से सम्मानित आइआइटी कानपुर के प्रोफेसर मणींद्र अग्रवाल ने यह जानकारी दी।उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस जिस तेजी से फैल रहा है, उससे कोरोना की दूसरी लहर के दौरान दर्ज किए गए मामलों से ज्यादा केस आएंगे। अब तक देश में सामने आए प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार, देश भर में संक्रमण के मामले इस महीने के अंत तक चरम पर होने की उम्मीद है। साथ ही जिस तेजी से साउथ अफ्रीका में मामलों में गिरावट आई, उसी तेजी से भारत में भी मामले तेजी से घटेंगे। मार्च तक खत्म हो जाएंगे। दिल्ली में प्रतिदिन 22,000 से अधिक मामले सामने आ रहे हैं। जनवरी के मध्य तक संक्रमण चरम पर होने की स्थिति में वहां 40,000 मामले रोजाना सामने आ सकते हैं। इसी तरह मुंबई व कोलकाता में भी जनवरी के मध्य में ही तीसरी लहर चरम पर होने की संभावना है। साथ ही इन तीनों शहरों में इस महीने के अंत तक तीसरी लहर लगभग खत्म होने की भी संभावना है। उन्होंने कहा कि चुनावी रैलियां ही संक्रमण फैलने का एकमात्र कारण नहीं हैं, लेकिन कई अन्य जरूरी बातों को नजरअंदाज करने से भी संक्रमण तेजी से फैलता है। अगर कोई कहता है कि रैलियों को रोककर संक्रमण का प्रसार रोक सकते हैं तो यह सही नहीं है।
✒️ *कोरोना इम्पेक्ट:दिल्ली में सभी प्राइवेट ऑफिस बंद, केवल जरूरी सेवाओं वाले कामों को मिली छूट*
दिल्ली में कोरोना की बेकाबू रफ्तार को रोकने के लिए सरकार ने सख्ती बढ़ा दी है। दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) के नए आदेश के अनुसार, दिल्ली में अब सभी प्राइवेट ऑफिस बंद रहेंगे, सभी को वर्क फ्रॉम होम का पालन करना होगा। हालांकि, केवल जो छूट की श्रेणी में आते हैं उन्हें इससे बाहर रखा गया है। सभी रेस्तरां और बार बंद रहेंगे, लेकिन खाना लेकर जाने की अनुमति रहेगी। जानकारी के अनुसार, दिल्ली सरकार ने मंगलवार को कोविड-19 मामलों की बढ़ती संख्या के बीच छूट प्राप्त श्रेणियों को छोड़कर सभी प्राइवेट ऑफिसों को बंद करने का निर्देश दिया है। जो प्राइवेट ऑफिस अब तक 50 प्रतिशत स्टाफ के साथ काम कर रहे थे, अब उन्हें वर्क फ्रॉम होम की प्रथा का पालन करने के लिए कहा गया है।डीडीएमए द्वारा जारी एक आदेश में शहर में रेस्तरां और बार को बंद करने का भी निर्देश दिया गया है। हालांकि, रेस्तरां को होम डिलीवरी और खाना ले जाने की अनुमति दी गई है। दिल्ली के सरकारी ऑफिस भी इस समय 50 प्रतिशत क्षमता के साथ काम कर रहे हैं। उपराज्यपाल बैजल ने ट्वीट किया, ‘कोरोना संक्रमित लोगों की संख्या बढ़ने के मद्देनजर हमने रेस्तरां और बार बंद करने का फैसला किया, लेकिन रेस्तरां से भोजन घर ले जाने की सुविधा रहेगी। यह भी निर्णय लिया गया कि प्रति जोन हर दिन केवल एक साप्ताहिक बाजार के संचालन की अनुमति दी जाएगी।
✒️ *उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 : अलीगढ़ में तीन सीटों पर सपा के प्रत्याशी लगभग तय, एक पर असमंजस*
विधानसभा चुनाव में ताल ठोक रही सपा दिग्गजों पर दांव लगा रही है। पार्टी हाईकमान ने अलीगढ़ की सातों विधानसभा सीटों पर प्रत्याशियों की तस्वीर स्पष्ट तो नहीं की है, लेकिन इतना जरूर तय है कि नए चेहरों को पीछे कर दिया गया है। तीन सीटों पर प्रत्याशियों के नाम लगभग तय हैं। एक सीट पर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। बाकी तीन सीटों पर सहयोगी दल रालोद के प्रत्याशी उतारे जा सकते हैं। फिलहाल धुंधला रही यह तस्वीर अगले चार दिन में साफ हो जाएगी।सत्ता से पांच साल दूर रही सपा फिर सत्ता पाने के लिए पूरे दमखम के साथ चुनाव में उतरी है। रालोद भी साथ खड़ी है। सातों सीटों में ज्यादातर पर प्रत्याशियों को लेकर मंथन हो चुका है। खैर, इगलास और बरौली सीट रालोद के खाते में जा सकती है। बाकी चार सीटों पर सपा अपने प्रत्याशी उतारेगी। पार्टीजनों में ऐसी चर्चाएं हो रही हैं। इस चुनाव में पार्टी कोई चूक करना नहीं चाहती। यही वजह है कि प्रत्याशियों के चयन के लिए सर्वे कराए गए थे। उन दावेदारों को भी चिह्नित किया गया, जो टिकट न मिलने पर बगावत कर सकते हैं। सर्वे में शामिल रहे नेताओं ने रिपोर्ट बनाकर हाईकमान को भेज दी। इसी आधार पर प्रत्याशियों का चयन किया गया है। दावेदारों ने लखनऊ में डेरा डाल दिया है।फिलहाल इनके नाम सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। 13 या 14 जनवरी को पार्टी प्रत्याशियों की घोषणा कर सकती है। शहर, छर्रा और अतरौली की तस्वीर लगभग साफ है। कोल सीट पर असमंजस बना हुआ है। 2012 के चुनाव में ये चारों सीटें सपा के खाते में गई थीं। कई दावेदार लखनऊ में डटे हुए हैं। टिकट पाने के लिए हर स्तर पर बातचीत हो रही है। पार्टीजनों का कहना है कि अंतिम फैसला पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ही करेंगे
✒️ *लखनऊ में भाजपा चुनाव समिति की बैठक में शामिल रहे राधा मोहन सिंह कोरोना पाजिटिव*
कोरोना वायरस संक्रमण की तीसरी लहर का प्रसार तेज होता जा रहा है। भाजपा के बड़े नेता भी इसकी चपेट में आते जा रहे हैं। लखनऊ से सांसद देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, भाजपा के प्रदेश महामंत्री संगठन सुनील बंसल तथा भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के बाद अब भाजपा के उत्तर प्रदेश के प्रभारी राधा मोहन सिंह भी कोरोना पाजिटिव हैं। राधा मोहन सिंह सोमवार को लखनऊ में भाजपा की चुनाव संचालन समिति की बैठक में भी शामिल थे।भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष तथा उत्तर प्रदेश के प्रभारी पूर्व केन्द्रीय मंत्री राधा मोहन सिंह भी कोरोना वायरस की तीसरी लहर से संक्रमित हो गए हैं। राधा मोहन सिंह ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा है कि मैंने कोरोना वायरस संक्रमण के लक्षण दिखने के बाद खुद को घर में आइसोलेट किया है। मैं स्वस्थ महसूस कर रहा हूं। राधामोहन राधा मोहन सिंह ने अपील की है कि जो लोग मेरे संपर्क में आए कृपया वो अपनी जांच जरूर करा लें।सोमवार को विधानसभा चुनाव के लिए गठित प्रदेश चुनाव समिति की बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तथा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह के साथ प्रदेश प्रभारी राधा मोहन सिंह भी शामिल थे। सूची लेकर मंगलवार को मुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष, प्रदेश प्रभारी और प्रदेश महामंत्री संगठन सुनील बंसल दिल्ली पहुंचे। इसी दौरान राधा मोहन सिंह की कोरोना जांच की रिपोर्ट आ गई।
✒️ *विधानसभा चुनाव:एक बूथ दस यूथ के पैटर्न से जीत के लिए उतर रही बसपा,बनाई खास रणनीति*
अलीगढ़ बसपा जिलाध्यक्ष रतनदीप सिंह ने अतरौली विधानसभा क्षेत्र में पदाधिकारियों से मुलाकात की। उन्हें चुनाव आचार संहिता के नियमों से अवगत कराया। कहा, एक बूथ पर दस यूथ, जीत की जमीन तैयार करेंगे। एक बूथ दस यूथ के पैटर्न से जीता जाएगा। इस बार सरकार के प्रति बहुत ही आक्रोश है। अतरौली की जनता परिवर्तन करके नया इतिहास लिखने जा रही है।जिलाध्यक्ष ने कहा, हमें बहुजन समाज पार्टी की आधारशिला यानी हमारी बूथ कमेटी मैनेजमेंट के दम पर चुनाव जीतना है। अब हमारे गांव-गांव में मौजूद बूथ स्तर के नेता ही जनता से सीधा संवाद करंगेे। प्रत्याशियों की खूबियां और पार्टी के नीति-रीति से क्षेत्रीय जनता को अवगत कराएंगे। कल लखनऊ में हुई बैठक में विधानसभा के अध्यक्ष व उनकी कमेटी पर ज्यादा भरोसा जताते हुए उनको जिम्मेदारी सौंपी गई है। हमारे बसपा के बूथ व सेक्टर अध्यक्ष बहनजी के दूत बनकर जनता के बीच जाएंगे। हर बूथ पर कमेटी अलग 10-10 यूथ की टीम बनाने के निर्देश दिए। अतरौली विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष एनएस गौड़ ने कहा, इस बार सरकार के प्रति बहुत ही आक्रोश है।अतरौली की जनता परिवर्तन करके नया इतिहास लिखने जा रही है। बसपा जिलाध्यक्ष के साथ आगरा यूनिवर्सिटी के शिक्षक संघ (औटा) अध्यक्ष डा.ओमवीर सिंह, बच्चू सिंह, मुनीश गाजी, हरजीत सिंह, नगर अध्यक्ष मुजस्सिम गाजी, पुष्पेंद्र माइकल, जसवंत रावल, फगोइ आदि उपस्थित रहे
✒️ *उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022: कांग्रेस को आस…अबकी बार खत्म होगा वनवास, बनाई खास रणनीति*
यूं तो कांग्रेस के लिए जनपद की धरती 2002 के बाद से ही बंजर है, लेकिन एक दौर ऐसा भी था जब सभी सीटों पर कांग्रेस के प्रत्याशी जीतते थे। कांग्रेस में बंटवारे, जनसंघ व जनता पार्टी के उदय से कांग्रेस का जनाधार निरंतर घटता रहा। भारतीय किसान दल ने खूब नुकसान पहुंचाया। इसका नतीजा यह हुआ कि 1977 के चुनाव में सभी सीटों पर कांग्रेस के प्रत्याशी हार गए। 1980 के चुनाव में कोल, बरौली, खैर, अतरौली व सीट जीतकर शानदार वापसी तो की, लेकिन रामलहर ने चारों खाने चित्त कर दिया। वर्ष 1991 के चुनाव में फिर कांग्रेस का सूपड़ा साफ हो गया। इसके बाद कांग्रेस उबर नहीं पाई और एक-दो सीट तक सिमटकर रह गई। 2002 में दो सीटें जीतें, लेकिन 2007 में जनता ने फिर नकार दिया। तब से कांग्रेस का सियासी वनवास खत्म नहीं हुआ है। अबकी बार कांग्रेसियों को राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा की सक्रियता और उनकी प्रतिज्ञाओं से आस जगी है। जीत के लिए पूरी ताकत झोंके हुए हैं। एक-एक सीट की फीडबैक हाईकमान को पहुंचाई जा रही है।जातीय संतुलन भी साधा जा रहा है।जिले में कांग्रेस के जनाधार खोने की कई वजह रहीं। एक तो वह जातीय संतुलन नहीं साध पाई और न क्षत-विक्षत हुए संगठन को समेट सकी। इस बार कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा खुद इसके लिए प्रयासरत हैं। कांग्रेसियों में उत्साह का संचार हुआ है। चुनाव लडऩे के लिए खींचतान हो रही है। कई सीटों पर अच्छी स्थिति के संकेत मिल रहे हैं। हाईकमान भी आशावान है। लगातार जिले से फीडबैक ली जा रही हैं। दावेदारों को बार-बार स्क्रीङ्क्षनग कमेटी के सामने लाया जा रहा है। पूर्व विधायक विवेक बंसल शहर सीट की बजाय इस बार कोल से सियाली ताल ठोंक रहे हैं। कई युवा व वरिष्ठ नेताओं ने अलग-अलग सीटों से दावेदारी की है।
✒️ *खराब छवि मौजूदा विधायकों को टिकट नहीं देगी भाजपा, प्रत्याशी चयन को लेकर दिल्ली में बैठक आज*
भाजपा विधानसभा चुनाव में खराब छवि वाले मौजूदा विधायकों को टिकट नहीं देगी। वह जिताऊ व टिकाऊ उम्मीदवारों पर ही दांव खेलेगी। आज पार्टी की चुनाव समिति की पहली बैठक में प्रत्याशी चयन पर मंथन किया गया। पहले व दूसरे चरण के कुछ प्रत्याशियों की सूची इसी सप्ताह जारी की जाएगी। उधर, दिल्ली में मंगलवार को होने वाली पार्टी की बैठक में यूपी के प्रत्याशी चयन को लेकर निर्णय किया जाएगा। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह की अध्यक्षता और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में पार्टी मुख्यालय में हुई बैठक में प्रदेश महामंत्री संगठन सुनील बंसल ने चुनाव प्रचार की रणनीति प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग की कोविड गाइडलाइन के तहत डोर टू डोर प्रचार किया जाएगा। पार्टी बड़े नेताओं की डिजिटल सभा और रैली करेगी। इसके लिए बूथ स्तर तक पूरी तैयारी है। बैठक में तय किया गया कि पार्टी चरणवार प्रत्याशी घोषित करेगी। हालांकि कुछ जगहों पर सपा और बसपा के प्रत्याशी को देखते हुए जातीय समीकरण के हिसाब से उम्मीदवार घोषित किए जाएंगे। बैठक में पश्चिमी यूपी में पहले चरण के चुनाव प्रचार की रणनीति पर भी मंथन किया गया। पार्टी किसानों, जाटों के साथ जाटव समाज को साधने पर फोकस करेगी। बैठक में प्रदेश प्रभारी राधा मोहन सिंह, समिति के सदस्य ब्रजेश पाठक, सलिल विश्नोई, अश्विनी त्यागी सहित अन्य सदस्य मौजूद थे।
✒️ *उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022: भाजपा में बेहद गोपनीय हो रही है बैठक, दावेदारों के लिए बनी चुनौती*
टिकट को लेकर सबसे अधिक मारामारी भाजपा में है। इसलिए टिकट के दावेदार दिल्ली से लेकर लखनऊ तक दौड़ लगाए हुए हैं। पार्टी के पदाधिकारियों से तो मिल ही रहे हैं, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख नेताओं से भी मिलकर टिकट की पैरवी कर रहे हैं। मगर इस बार नजरिया थोड़ा बदला हुआ है। क्योंकि कोरोना है, इसलिए बड़े पदाधिकारी मिलने से बच रहे हैं। इसका परिणाम यह हो रहा है कि टिकट के दावेदार बड़े नेताओं तक पहुंच नहीं पा रहे हैं और अपनी पैरवी कर नहीं पा रहे हैं। क्योंकि अलीगढ़ का चुनाव पहले चरण में है इसलिए सबसे अधिक बेसब्री अलीगढ़ के दावेदारों में है। इस समय कोई भी ऐसा पल नहीं है, जिसे वो गंवाना चाहते हों। इसलिए चाहे दोपहर के 12 बजे हो या फिर देररात के 12 बज रहें हों, कहीं से भी किसी बड़े नेता की सूचना आती है वह दौड़ लगाने में चूकते नहीं है। एक से दो दिन में सारी स्थितियां क्लियर हो जाएंगी। इसलिए दावेदार तुरंत दौड़ लगा लगा देते हैं। इस समय 24 घंटे नेता चक्रगिन्नी बने हुए हैं।तमाम ऐसे दावेदार हैं जो एक से डेढ़ साल पहले तैयारी कर रहे हैं, उनके लिए तो कुछ स्थिति आसान हो सकती है, मगर जो हाल फिलहाल तैयारी में जुटे हैं उनके लिए यह दौर बहुत मुश्किल का है। क्योंकि बड़े नेताओं से उनकी पहचान नहीं है और जिले और क्षेत्र के नेताओं की टिकट में बहुत अहम भूमिका नहीं है। बहरहाल भाजपा पहले चरण में अलीगढ़ होने के चलते 16 और 17 जनवरी तक प्रत्याशियों की सूची जारी करनी शुरू कर देगी।
✒️ *अलीगढ़ क्वार्सी चौराहे पर 20 किमी प्रति घंटे से तेज गाड़ी दौड़ाई तो कटेगा चालान*
अलीगढ़ के अंदर सड़क दुर्घटनाओं और इनमें होने वाली मृत्यु दर पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से यातायात पुलिस ने आठ ऐसे स्थान चुने हैं। जहां पर गति सीमा निर्धारित कर दी है। क्वार्सी चौराहे पर 20 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार तय की गई है। जबकि अन्य जगहों पर 30 और 40 किमी प्रति घंटे की अधिकतम गति सीमा तय की गई है। इन गतिसीमा का उल्लंघन करने वाले लोगों पर स्मार्ट सिटी के कैमरे आज (मंगलवार) से चालान करना प्रारंभ करेंगे। क्वार्सी चौराहे पर 20 से अधिक की गति से हल्के वाहनों का सीधा दो हजार रुपये का चालान होगा। जबकि भारी वाहनों पर चार हजार रुपये का चालान होगा।स्मार्ट सिटी के गति उल्लंघन की पहचान करने वाले कैमरों की सहायता से यह प्रणाली आज से ही लागू की जा रही है।बता दें कि सबसे कम गति सीमा क्वार्सी चौराहे पर ही रखी गई है। यहां 20 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से ही अब चालकों को अपना वाहन चलाना होगा। जबकि खेरेश्वर चौराहा, नादा पुल-सारसौल चौराहा, एफएम टॉवर जमालपुर क्रासिंग, क्यामपुर मोड़ और एटा चुंगी चौराहे पर गति सीमा 30 किमी प्रति घंटे की निर्धारित की गई है। जबकि मथुरा रोड चेंजर और आगरा रोड चेंजर पर 40 किमी प्रतिघंटे की गति तय की गई है। यह जानकारी देते हुए यातायात पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इन आठों स्थानों पर स्मार्ट सिटी परियोजना के अंतर्गत गति उल्लंघन पहचान कैमरा (स्पीड वायलेशन डिटेक्शन कैमरा ) स्थापित हैं। अगर ओवर स्पीड में लोग वाहन चलाते मिले तो चालकों के विरुद्ध एमवी एक्ट में विधिक कार्रवाई की जाएगी।
✒️ *यूपीटीईटी 2021परीक्षा 23 जनवरी को और आंसर की 27 जनवरी को*
यूपीटीईटी 2021 के संशोधित कार्यक्रम के अनुसार परीक्षा का आयोजन 23 जनवरी 2022 को किया जाना है। उत्तर प्रदेश टीचर इलिजिबिलिटी टेस्ट (यूपीटीईटी) 2021 दोनो पेपरों के लिए कुल 21 लाख से अधिक पंजीकरण हुए हैं। परीक्षा के आयोजन के बाद प्रोविजिनल ‘आंसर की’ 27 जनवरी को जारी होगी। जिस पर उम्मीदवारों से उनकी आपत्तियों को 1 फरवरी तक स्वीकार किया जाएगा। इन आपत्तियों की समीक्षा के बाद फाइनल आंसर की 23 फरवरी और नतीजे 25 फरवरी 2022 को जारी किए जाएंगे।
✒️ *यूपीटीईटी 2021 परीक्षा:21 लाख उम्मीदवारों को मुफ्त यातायात*
दूसरी तरफ, उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा यूपीटीईटी 2021 में सम्मिलित होने जा रहे उम्मीदवारों के लिए यूपी रोडवेज की बसों में परीक्षा तारीख पर फ्री यातायात की सुविधा देने की घोषणा की है। उम्मीदवार अपने यूपीटीईटी एडमिट कार्ड 2021 को दिखाकर मुफ्त यात्रा कर सकेंगे।
✒️ *यूपीटीईटी 2021 परीक्षा: उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र डाउनलोड कल से*
यूपीटीईटी 2021 परीक्षा की तैयारी में जुटे उम्मीदवारों के लिए महत्वपूर्ण अपडेट। पेपर लीक के चलते स्थगित की गयी उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी) 2021 के 45 दिन तक लंबित रहने के बाद अब उम्मीदवारों के लिए प्रवेश पत्र कल, 12 जनवरी 2022 को जारी किए जाएंगे। परीक्षा आयोजित करने वाले परीक्षा नियामक प्राधिकारी, प्रयागराज द्वारा संशोधित यूपी टीईटी एडमिट कार्ड 2021 डाउनलोड के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। बता दें कि इससे पहले राज्य सरकार स्थगित यूपीटीईटी 2021 के लिए संशोधित कार्यक्रम जारी किया था, जिसके अनुसार प्रवेश पत्र 12 जनवरी 2022 को जारी किए जाने हैं।उम्मीदवारों को ध्यान देना चाहिए कि परीक्षा नियामक प्राधिकारी द्वारा यूपीटीईटी एडमिट कार्ड 2021 डाउनलोड का लिंक आधिकारिक वेबसाइट, updeled.gov.in पर एक्टिव किया जाएगा। लिंक एक्टिव होने के बाद उम्मीदवार इस पर क्लिक करके और फिर नये पेज पर अपनी पंजीकरण संख्या और वन टाईम पासवर्ड (ओटीपी) के माध्यम से एक्सेस कर पाएंग। यूपीटीईटी 2021 एडमिट कार्ड का प्रिंट करने के बाद इसकी सॉफ्ट कॉपी भी सेव कर लेनी चाहिए।
✒️ *सड़क हादसे में घायल युवक की उपचार के दौरान मौत*
थाना दादों क्षेत्र के गांव अटा निवासी मुनेश कुमार (32 वर्षीय) पुत्र वीरी सिंह प्राइवेट स्कूल में टीचर के पद पर तैनात था बच्चों को शिक्षा देकर अपने परिवार का पालन पोषण करता था, सोमवार की शाम छर्रा से टेंपो में बैठकर घर के लिए जा रहा था इसी दौरान भमोरी मोड छर्रा के पास तेज गति से आते ट्रैक्टर ने टेंपो में टक्कर मार दी जिससे 9 लोग घायल हुए थे। घटना में मुनेश की हालत गंभीर होने पर उसे अलीगढ़ जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था जहां मंगलवार की सुबह मुनेश ने दम तोड़ दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया भाई घटना से परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है। मृतक अपने पीछे पत्नी और बच्चे रोते बिलखते छोड़ गया है।

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