*उच्चस्तरीय टीम-09 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दिशा-निर्देश*
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■ ट्रेसिंग, टेस्टिंग, ट्रीटमेंट और टीकाकरण की नीति के सही क्रियान्वयन से प्रदेश में कोविड पर प्रभावी नियंत्रण बना हुआ है। बीते 24 घंटों में हुई 01 लाख 46 हजार 11 सैम्पल की जांच में 10 संक्रमितों की पुष्टि हुई। इसी अवधि में 10 संक्रमित कोरोना मुक्त भी हुए। आज प्रदेश में कुल एक्टिव कोविड केस की संख्या 90 है।
■ सामूहिक प्रयास से उत्तर प्रदेश में हुए कोविड प्रबंधन को आज वैश्विक सराहना प्राप्त हो रही है। टेस्ट हो या टीकाकरण, उत्तर प्रदेश देश में शीर्ष स्थान पर है। 13 करोड़ 73 लाख डोज लगाने वाला उत्तर प्रदेश एकमात्र राज्य है। कोविड टीकाकरण के लिए पात्र कुल 15 करोड़ प्रदेशवासियों में से अब तक हमने 10.07 करोड़ लोगों को पहली डोज लगा दी है। 25 फीसदी लोगों को दोनों डोज का सुरक्षा कवर मिल चुका है। हर जिले में रात्रि 10 बजे तक टीकाकरण का कार्य जारी रखा जाए। लक्ष्य को पूरा करने के लिए सभी जरूरी प्रयास किए जाएं।
■ टीकाकरण के लिए ग्राम प्रधानों से लेकर सांसद तक सभी जनप्रतिनिधियों का सहयोग लिया जाना चाहिए। “प्रथम डोज संतृप्त ग्राम” के माइक्रो लक्ष्य के साथ टीकाकरण किया जाना चाहिए। शहरी वार्डों में “प्रथम डोज संतृप्त वार्ड” की भावना के साथ मिशन मोड में काम किया जाना जरूरी है।
■ जीका वायरस की रोकथाम के लिए लखनऊ में भी कानपुर की तर्ज पर कंटेनमेंट ज़ोन निर्धारित किये गए जाएं। इस समय विशेष सतर्कता की जरूरत है। ट्रेसिंग-टेस्टिंग और तेज की जाए। अस्वस्थ लोगों के उपचार के लिए सभी अस्पतालों में प्रबंध किए गए हैं। हर एक मरीज के स्वास्थ्य की सतत निगरानी की जाए। बचाव के लिए व्यापक स्वच्छता, सैनिटाइज़ेशन और फॉगिंग का कार्य सतत जारी रखें। आशा बहनों सहित निगरानी समितियों का पूरा सहयोग लिया जाए।
■ प्रदेश में ऑक्सीजन प्लांट स्थापना अभियान स्वरूप में की जा रही है। पीएम केयर से स्वीकृत कुल 128 प्लांट्स एक्टिव हो चुके हैं। इस तरह अब तक विभिन्न जिलों में कुल 515 ऑक्सीजन प्लांट क्रियाशील किये जा चुके हैं। शेष 34 प्लान्ट की स्थापना का कार्य यथाशीघ्र पूरा किया जाए।
■ अतिवृष्टि/बाढ़ के कारण धान व गन्ना सहित जिस भी कृषि उपज का नुकसान हुआ है, राज्य सरकार सबकी क्षतिपूर्ति कर रही है। क्षतिपूर्ति के लिए धनराशि जारी की जा चुकी है, अब तक कुल चिन्हित 11 लाख 44 हजार किसानों के लिए 03 अरब 77 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि स्वीकृत की गई है। साढ़े 05 लाख किसानों की क्षतिपूर्ति, किसानों के खाते में किया जा चुका है। हर प्रभावित किसान की तत्काल क्षतिपूर्ति कर दिया जाए। एक भी पात्र किसान क्षतिपूर्ति से वंचित न रहे।
■ 01 नवम्बर से पूरे प्रदेश में धान क्रय प्रारंभ हो चुका है। जिन क्रय केंद्रों का संचालन अब तक प्रारंभ नहीं हो सका है। एडीएम, एसडीएम, तहसीलदार सहित सभी प्रमुख अधिकारी हर दिन क्रय केंद्रों का स्थलीय निरीक्षण करें। जनपद स्तर पर नोडल अधिकारी तैनात करते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि एक भी किसान की ओर से साथ घटतौली की शिकायत न आये। किसानों की जरूरतों/सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा जाए। धान क्रय से जुड़ी किसी भी प्रक्रिया में लापरवाही स्वीकाए नहीं की जाएगी।
■ प्रदेश में डीएपी खाद की पर्याप्त उपलब्धता है। सभी जनपदों में इसकी सप्लाई चेन सुचारू रखी जाए। सीमावर्ती जनपदों में तस्करी की घटना न हो। इसके लिए अतिरिक्त सतर्कता अपेक्षित है। यह सुनिश्चित करें कि डीएपी की कालाबाजारी, तय मूल्य से अधिक पर बिक्री न हो।





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