लखनऊ के सन्देशवाहक अख़बार ने आज प्रकाशित एक खुलासा किया है। ईओडब्ल्यू में 66 हजार करोड़ के शाइन सिटी घोटाले की जांच जारी है। मास्टरमाइंड राशिद नसीम दुबई में बैठा है। ईओडब्ल्यू से आरोपियों की गिरफ्तारियों के सम्बंध में जिलों के एसपी को एक पत्र भेजा जाता हैं। इसमें सन शाइन सिटी ग्रुप ऑफ कम्पनीज़ का नाम डाला जाता है, जिसका कोई अस्तित्व ही नहीं है।
ईओडब्ल्यू की कारस्तानी का सीधा कानूनी लाभ घोटालेबाजों को मिलेगा। अख़बार के संपादक मनीष श्रीवास्तव ने डीजी ईओडब्ल्यू आरपी सिंह को पत्र दिखाया तो वो बोले, मैं दो माह बाद आया हूँ। उन्होंने आईजी ईओडब्ल्यू हीरालाल को फोन करके उनके पास भेजा।
आईजी पहले बोले कि कोर्ट ने लिखा है। फिर जब मनीष ने पत्र दिखाया तो बोले कि शासन ने यही नाम भेजा था। जब मनीष ने शासन का पत्र दिखाने को बोला तो आईजी ने तत्काल कहा, मुझसे कोई मतलब नहीं। आप एसपी लखनऊ सेक्टर डीपीएन पांडेय से मिलिए।
अब मनीष पहुंचे एसपी के पास जिन्होंने पहले लंबे तर्क देकर सफाई पेश की, फिर पत्र देखते ही पल्ला झाड़ते हुए कहा कि टाइपिंग एरर है।

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