April 23, 2026

आज विकास खंड पिंडरा के सभागार में विकासखंड स्तरीय बाल संरक्षण समिति की बैठक-

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आज विकास खंड पिंडरा के सभागार में विकासखंड स्तरीय बाल संरक्षण समिति की बैठक ब्लाक प्रमुख धर्मेंद्र विश्वकर्मा की अध्यक्षता में संपन्न हुई ।बैठक में खंड विकास अधिकारी /प्रशिक्षु उप जिलाधिकारी पिंडरा विकास चंद्र, खंड शिक्षा अधिकारी , बाल विकास परियोजना अधिकारी, बाल संरक्षण अधिकारी ,प्रभारी चिकित्सा अधिकारी ,सहायक विकास अधिकारी पंचायत , ए आर पी शिक्षा विभाग ,सिंधोरा ,बड़ागांव ,फूलपुर थाने के बाल कल्याण पुलिस अधिकारी ,एडीओ समाज कल्याण ,सभी ग्राम पंचायत अधिकारी, मुख्य सेविका,आंगन बाड़ी कार्यकत्री, स्वयंसेवी संगठनों से कुटुंब ,संस्था एशियन सहयोगी संस्था, मानवाधिकार जन निगरानी समिति के प्रतिनिधियों के साथ ही भारी संख्या में ग्राम प्रधान एवं बच्चे भी मौजूद रहे ।

 

 

 

खंड विकास अधिकारी विकास चंद्र द्वारा सभी को संबोधित करते हुए कहा गया कि बाल संरक्षण एक संवेदन शील मुद्दा है इस क्षेत्र में हम लोगों को पूरी संवेदन शीलता के साथ बेहतर कार्य करना है, तथा यह ध्यान रखना है कि गांव स्तर पर ग्राम बाल संरक्षण समितियों को सक्रिय किया जाए जिससे उन के माध्यम से गांव में होने वाले बाल विवाह बाल श्रम आदि मुद्दों पर रोक लगाई जा सके उन्होंने कहा कि शासन स्तर से बच्चों की सुरक्षा के लिए बेहतर प्रयास किए जा रहे हैं लेकिन जब तक हम सभी लोग जमीनी स्तर पर बच्चों की सुरक्षा एवं संरक्षण के लिए कार्य नहीं करेंगे यह कार्य पूर्ण नहीं होगा अतः ग्राम बाल संरक्षण समिति के सभी सदस्यों को पूरी संवेदनशीलता के साथ बाल संरक्षण के मुद्दे को जमीनी स्तर पर क्रियान्वित करना है तथा नियमित रूप से ग्राम पंचायत के भवन में बाल संरक्षण समिति की बैठकों का आयोजन करना होगा। बाल संरक्षण अधिकारी निरुपमा सिंह द्वारा बाल विवाह से होने वाले नुकसान तथा बाल विवाह के कानून के प्रति सभी को जानकारी दी गई एवं बताया गया कि अगर बाल विवाह की सूचना प्राप्त होती है तो तत्काल 1098 को सूचित करें बाल संरक्षण समिति स्वयं इस पर जागरूकता करे। मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत कॉविड 19 से माता पिता दोनो अथवा किसी एक को खो देने नाले बच्चों को चिन्हित करने हेतु एवं कोविड के दौरान अन्य कारणों से अगर किसी बच्चे ने अपने माता-पिता दोनों अथवा विधिक अभिभावक को खोया है तो ऐसे बच्चों को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना सामान्य के तहत लाभान्वित किए जाने हेतु प्रत्येक गांव से उनकी सूची ग्राम प्रधान तथा ग्राम पंचायत सेक्रेटरी के माध्यम से तैयार कराने को कहा गया। बाल संरक्षण समिति के द्वारा यह निर्देश दिए गए कि सभी ग्राम पंचायतों से मार्च 2020 के बाद माता पिता को खो देने वाले बच्चों की पूरी सूची बनाई जाए तथा आशा एनम आंगनवाड़ी एवं विद्यालय के प्रधानाध्यापक यह सुनिश्चित करें की कोई भी बच्चा उक्त योजना के तहत लाभान्वित होने से वंचित ना रह जाए इसके अतिरिक्त बाल श्रम में लगे हुए बच्चों को भी कैसे बचाया जाए तथा उन्हें बाल सेवा योजना से लाभान्वित करने की जानकारी दी गई । नवजात शिशुओं के फेंके जाने की खबर को लेकर सभी को यह जानकारी दी गई कि किशोर न्याय अधिनियम के तहत अगर कोई बच्चा सरेंडर करना चाहता है तो बाल कल्याण समिति के समक्ष जाकर सरेंडर कर सकता है ऐसे व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी तथा उन्हें 2 माह का समय दिया जाएगा अगर 2 माह के अंदर अपना बच्चा वापस लेना चाहते हैं तो उन्हें अपना बच्चा वापस मिल जाएगा अन्यथा बच्चे को बाल कल्याण समिति द्वारा विधिक रुप से स्वतंत्र कर दत्तक ग्रहण हेतु अग्रिम कार्यवाही की जाएगी। इस तरह के प्रकरण में जागरूकता हेतु आंगनवाड़ी आशा तथा एवं बहुत बड़ी भूमिका है कि गांव स्तर पर लोगों के बीच में जागरूकता फैलाने का काम करें कि नवजात शिशुओं को यहां वहां ना फेंके जिससे उनकी जान को खतरा हो बल्कि उन्हें सुरक्षित रूप से बाल कल्याण समिति के समक्ष सरेंडर कर दें साथ ही ब्लॉक बाल संरक्षण समिति के समक्ष यह प्रस्ताव रखा गया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर एक पालना केंद्र का स्थापना किया जाए और उसका प्रचार प्रसार किया जाए जिससे नवजात शिशु को फेंकने के बजाय उन्हें वहीं पर सुरक्षित छोड़ दिया जाए ।बैठक के दौरान नेवादा गांव की बस्ती में माता पिता दोनो को खो देने वाले बच्चों की सूचना प्राप्त हुई कि वर्तमान में बच्चे अपने नाना नानी के पास हैं आर्थिक स्थिति सही नही है,जिसमें यह निर्देशित किया गया कि बच्चों को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत कराया जाए जिससे उनका संरक्षक नियुक्त किया जा सके तथा उनका कार्यवाही की जा सके साथ ही स्वयंसेवी संगठनों के माध्यम से यह समस्या रखी गई कि बच्चों के खाता खुलवा के समय बैंक में गारंटर की समस्या आती है ऐसे में ब्लाक प्रमुख महोदय द्वारा कहा गया कि अगर ऐसी कहीं पर समस्या आती है तो ऐसे प्रकरण में तत्काल सूचना दें हम सब लोग स्वयं ऐसे बच्चों के लिए गारंटर के रूप में मौजूद रहेंगे ।अगर कही भी कोई समस्या आती है तो तत्काल सूचना दें पूरी मदद की जाएगी ,अंत में सभी को यूरी संवेदन शीलता के साथ बच्चो के मुद्दे पर कार्य करने को कहा गया।बाल विकास परियोजना अधिकारी वी के उपाध्याय द्वारा सभी को धन्यवाद देते हुए बैठक का समापन किया।

 

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