April 17, 2026

  अशांति फैलाना था नक्सलियों का मकसद –

Spread the love

  झारखंड के कोल्हान प्रमंडल में करीब 100 नक्सलियों ने 7 घंटे तक तांडव मचाया. कोल्हान प्रमंडल मुख्यालय चाईबासा से करीब 12 किलोमीटर दूर पश्चिमी सिंहभूम जिला के मुफ्फसिल थाना अंतर्गत सैतवा वन प्रक्षेत्र के बरकेला स्थित कार्यालय, चेक नाका व आवासीय परिसरों को विस्फोट करके उड़ा दिया. माओवादियों ने शनिवार की देर रात को कई वाहनों को भी आग के हवाले कर दिया | बताया गया है कि माओवादियों ने वन विभाग के रेंज कार्यालय, गेस्ट हाउस व वनरक्षियों के लिए बने आवास सहित कुल 13 भवनों को बम से उड़ा दिया. साथ ही वहां रखे दर्जन भर वाहनों को फूंक दिया. इनमें दो पहिया वाहन भी शामिल हैं. इस तरह वन विभाग की संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचा है. नक्सलियों ने एक महिला वनकर्मी की जमकर पिटाई भी कर दी |

सैतवा वन परिक्षेत्र के भवनों को उड़ाने से पहले माओवादियों ने परिसर में रहने वाले सभी वनकर्मियों की मोबाइल छीन ली. विरोध करने पर एक महिला फॉरेस्ट गार्ड की जमकर पिटाई कर दी. 11 वनरक्षी सहित वहां रह रहे करीब 40 लोगों को बंधक बना लिया. साथ ही वन परिसर के भवनों को हथियार के बल पर खाली कराया लिया |


कोल्हान के डीआइजी राजीव रंजन ने कहा है कि काफी संख्या में माओवादी आये थे. अशांति फैलाना ही उनकी मंशा है. उग्रवादी संगठन जब घबरा जाते हैं, कमजोर पड़ जाते हैं, तब इस तरह का काम करते हैं. पूरा देश कोरोना काल में आर्थिक संकट से जूझ रहा है. ऐसे वक्त में उग्रवादियों द्वारा इस तरह की कार्रवाई, उनकी मानसिकता को दर्शाता है |

यह बताता है कि वे विध्वंसक कार्य करने के अलावा कुछ और सोच ही नहीं सकते. बरकेला में वनरक्षियों के गेस्ट हाउस को माओवादियों द्वारा क्षतिग्रस्त किया गया है. एक कार व एक बाइक को भी नुकसान पहुंचाया गया है. पुलिस पूरे मामले की छानबीन कर कार्रवाई करेगी.

पोस्टर चिपकाकर कराया मौजूदगी का अहसास

माओवादियों ने घटना को अंजाम देने के बाद घटनास्थल पर पोस्टर चिपकाकर अपनी मौजूदगी का अहसास कराया है. बरकेला से कुछ ही दूरी पर अंजेदबेड़ा में यदा-कदा माओवादियों की आवाजाही बनी रहती है. पुलिस के साथ पहले उनकी मुठभेड़ भी हो चुकी है. नक्सलियों ने इस इलाके में पहले भी बम विस्फोट कर वन विभाग की संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया है |

सूत्रों के अनुसार, हाल ही में इस क्षेत्र में आइइडी ब्लास्ट होने की वजह से इनके एक लीडर की मौत हो गयी थी. उसका बदला लेने के लिए भाकपा माओवादियों ने इस तरह की घटना को अंजाम दिया है. बरकेला व कुइड़ा जैसे क्षेत्रों में नक्सली आये दिन अपनी मौजूदगी का अहसास इस तरह की घटनाओं को अंजाम देकर कराते रहते हैं |

लोगों का कहना है इस क्षेत्र में एक सुरक्षा पिकेट का होना अति आवश्यक है. लोगों का कहना है कि यदि यहां पर पुलिस और सीआरपीएफ के जवान रहेंगे, तो यह जोन पूरी तरह से सुरक्षित हो जायेगा. शहर से सटे इस क्षेत्र में रहने वाले लोगों की सुरक्षा पर सरकार को ध्यान देना चाहिए |