✒️ *यूपी बोर्ड रिजल्ट पर बड़ा बदलाव, ईमेल पर भी भेजे जाएंगे हाई स्कूल और इंटर परीक्षा परिणाम*
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) द्वारा हाई स्कूल और इंटरमीडिएट कक्षाओं की बोर्ड परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन और छूटे परीक्षार्थियों के लिए प्रायोगिक परीक्षाओं के आयोजन बाद अब यूपी बोर्ड रिजल्ट 2022 की तैयारियां की जा रही हैं। इस बीच परिषद द्वारा विभिन्न जनपदों में कक्षा 10 और कक्षा 12 के 47 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं की ईमेल आइडी बनाये जाने की प्रक्रिया चलाई जा रही है। स्कूलों को उनके पंजीकृत छात्रों की ईमेल आइडी बनाने और इसे यूपीएमएसपी की वेबसाइट पर अपलोड किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए 26 मई 2022 की अंतिम तिथि निर्धारित की गई है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, यूपीएमएसपी 10वीं, 12वीं रिजल्ट 2022 छात्रों को उनके इन्हीं पंजीकृत ईमेल आइडी पर भेजने की व्यवस्था की जा सकती है, जो कि वेबसाइट upmsp.edu.in और रिजल्ट पोर्टल, upresults.nic.in के अतिरिक्त होगी।यूपी बोर्ड हाई स्कूल और इंटर रिजल्ट 2022 को लेकर प्राप्त जानकारी के मुताबिक आमतौर पर स्टूडेंट्स को नतीजे चेक करने के लिए साइबर कैफे के चक्कर लगाने पड़ते हैं। साथ ही, अत्यधित यूजर्स के यूपी रिजल्ट पोर्टल पर एकसाथ विजिट करने से वेबसाइट हैंग होने की समस्या रहती है। ऐसे में यूपी बोर्ड रिजल्ट 2022 ईमेल पर भेजे जाने से छात्र अपना यूपीएमएसपी 10वीं रिजल्ट 2022 और यूपीएमएसपी 12वीं रिजल्ट 2022 को घर बैठे अपने मोबाइल या कंप्यूटर पर देख सकेंगे। साथ ही, इस व्यवस्था से यूपीएमएसपी का उद्देश्य छात्रों से सीधा संवाद कायम करना भी है।
✒️ *ज्ञानवापी मस्जिद केस फास्ट ट्रैक कोर्ट में हुआ ट्रांसफर, 30 मई को होगी अगली सुनवाई*
ज्ञानवापी मस्जिद केस फास्ट ट्रैक कोर्ट में ट्रांसफर हुआ। सिविल जज (सीनियर डिविजन) रवि कुमार दिवाकर की अदालत में भगवान आदि विश्वेश्वर विराजमान के नाम से मुकदमा दाखिल किया गया है। यह मुकदमा विश्व वैदिक सनातन संघ की अंतराष्ट्रीय महामंत्री किरन सिंह ने दाखिल किया है। इस दौरान हिंदू पक्ष की ओर से वाद दाखिल करने वाले लोग भी शामिल रहें। इस मामले में दोपहर दो बजे के बाद सुनवाई हुई तो ज्ञानवापी केस सिविल जज ने फास्ट ट्रैक कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया। सिविल जज रवि दिवाकर ने नई याचिका को फास्ट ट्रैक कोर्ट में भेजा है जिसकी सुनवाई के लिए 30 मई नई तिथि मुकर्रर कर दी गई है। अब इस केस की सुनवाई जज महेंद्र पांडेय करेंगे।
✒️ *इतिहास में अगर कोई सबसे विफल सरकार हुई तो वह यही है:अखिलेश यादव*
यूपी विधानमंडल के बजट सत्र में आज सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ उप मुख्यमंंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने समाजवादी पार्टी पर हमला बोला। जवाब में सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भाजपा को इतिहास की सबसे असफल सरकार करार दिया।विधानसभा में सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 में सरकार आने के बाद हमने हर जरूरतमंद के लिए जिसे खद्यान से वांछित किया गया था उसे राशन कार्ड उपलब्ध कराया। साथ ही सदी की सबसे बड़ी महामारी के दौरान उत्तर प्रदेश में सभी के लिए खाद्यान के किट के साथ फ्री राशन की भी व्यवस्था की गई।उप मुख्यमंत्री केपी मौर्य ने कहा कि कई केंद्रीय योजनाएं यूपी में आईं, लेकिन सपा ने सुनिश्चित किया कि उन्हें कभी लागू नहीं किया जाए। लोगों ने इसे देखा और उन्हें वोट दिया। हम गरीबों के लिए काम कर रहे हैं, 1 करोड़ से अधिक लोगों को गैस कनेक्शन दिए हैं। सपा सरकार गरीबों के लिए नहीं है, यह गैंगस्टरों और माफियाओं के लिए है।आज तक के इतिहास में अगर कोई सबसे विफल सरकार हुई है तो वह यह सरकार है। यह भ्रष्टाचार बढ़ाने वाली, विकास रोकने वाली, महंगाई को चरम सीमा पर पहुंचाने वाली सरकार है।
✒️ *अखिलेश यादव जब बिफरे केशव प्रसाद मौर्य पर,बाप तक पहुंच गई बात,योगी को संभालना पड़ा मोर्चा*
उत्तर प्रदेश विधानसभा में आज नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव और योगी सरकार के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के बीच तीखी बहस हुई और बात इतनी अधिक बढ़ गई कि खुद नेता सदन और सीएम योगी को खड़े होकर माहौल शांत करना पड़ा। केशव प्रसाद मौर्य की ओर से यह कहे जाने पर कि क्या आपने सैफई की जमीन बेचकर सड़क बनाई थी, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव बिफर पड़े। वह अपनी सीट से खड़े हुए और कहा कि क्या तुम पिता जी का पैसा लाते हो। राशन बांटा तो पिताजी का पैसा था? अखिलेश के यह कहते ही दोनों तरफ से शोर-शराबा होने लगा तो खुद सीएम योगी आदित्यनाथ मोर्चा संभाला और सबको मर्यादा में रहने की नसीहत दी।राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान बुधवार को अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर एक घंटे से अधिक समय तक हमले किए। इसके बाद योगी सरकार के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य खड़े हुए तो उन्होंने सपा पर पलटवार शुरू किया। अखिलेश यादव ने उन्हें बीच-बीच में टोकने लगे। अखिलेश यादव ने केशव प्रसाद मौर्य के भाषण के बीच खड़े होकर उनसे पूछा कि वह (केशव) बताएं कि लोकभवन में कब बैठ पाएंगे। केशव ने जवाब दिया कि लोक भवन में कलम खिल गया है और खिला रहेगा। साइकिल पंक्चर ठीक हो गई है उसे यूपी की जनता ठीक नहीं करेगी।
✒️ *ख़ुशख़बरी: 3 जून को मोदी-योगी रखेंगे 40 उद्योगों की आधारशिला, 5 हजार लोगों को मिलेगा रोजगार*
3 जून को अलीगढ़ को बहुत बड़ी खुश खबर मिलने जा रही है। बंडर सीमेंट, फूड प्रोसेसिंग, ताला-हार्डवेयर व देश के पहले डिफेंस इंडस्ट्रीज कारिडोर में फैक्ट्री सहित 40 इकाइयां स्थापित होंगी। इस दिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ के इंदिरागांधी प्रतिष्ठान में उद्योगों की आधारशिला रखेंगे। इन इकाइयों से करीब पांच हजार रोजगार पैदा होंगे।यूपी सरकार की ग्रैंड सेरेमनी में पूरे प्रदेश के लिए 75,000 करोड़ से अधिक की 1500 निवेश परियोजनाओं की आधार शिला रखी जाएगी। इनमें से तीन हजार करोड़ निवेश की परियोजनाएं जिले में हैं। सूक्ष्म, लघु व मध्यम (एमएसएमई) क्षेत्र में 35986 करोड़ रुपये के निवेश से पूरे प्रदेश में 865 औद्योगिक इकाइयां खुलने जा रही हैं। इनकी संख्या अभी बढ़ भी सकती है। इनमें अलीगढ़ के पारंपरिक हुनरमंदों को मौका देने के लिए ताला, हार्डवेयर की यूनिटें शामिल हैं। अलीगढ़ में गभाना तहसील सोमना रोड के निकट जीटी रोड पर बंडर सीमेंट 850 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। डिफेंस कारिडोर में निवेश करने वाले उद्यमी भी पीएम नरेन्द्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट मूर्त रूप देने जा रहे हैं। आर्डिनेंस फैक्ट्री के अलावा एलन एंड एलवन व अन्य कंपनियों अपनी फैक्ट्री का निर्माण शुरू करेंगे। कारिडोर का काम पूरा वर्ष 2024 से पहले करना होगा। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) ने निवेशकों के समक्ष यह कड़ी शर्त भी रखी है।
✒️ *सीएम योगी का फरमान: युवाओं को मिलेंगे अवसर, हर सप्ताह लगेगा रोजगार मेला*
अब जिले में प्रति सप्ताह युवाओं को रोजगार के लिए रोजगार मेला का आयाेजन किया जाएगा। वहीं प्रति माह एक बड़े रोजगार मेला का आयोजन मंडल स्तर पर अलीगढ़ में किया जाएगा। इन मेलाओं में विभिन्न कंपनियां सहित स्वराेजगार का सृजन करने वाले विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।प्रधानमंत्री की आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को पूरा करने के लिए बेरोजगारों को रोजगार दिलाने को प्रदेश सरकार पूरी तरह से संकल्पित दिख रही है। इसे लेकर रोजगार मेला आ आयोजन प्रदेश में शुरू कराया गया था। इन मेलाओं का आयोजन तीन या चार महीने में एक बार किया जा रहा था। इससे लोगों को रोजगार मिलने में समस्याएं आ रही थीं। अपेक्षा के अनुरूप भी लाभ बेरोजगारों को नहीं मिल पा रहा था। इसे लेकर शिकायतें व सुझाव प्रदेश स्तर पर पहुंचने लगे।
✒️ *आज के मैच पर बारिश का साया, मौसम बिगाड़ सकता है खेल*
इंडियन प्रीमियर लीग के 15वें सीजन में आज शाम कोलकाता के इडेन गार्डन्स मैदान पर लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ रायल चैलेंजर बैंगलोर की टीम को खेलना है। इस मुकाबले में जीत हासिल करने वाली टीम आगे बढ़ेगी जबकि हार से उसका सफर यहीं खत्म हो जाएगा। जीत और हार के अलावा भी एक चीज है जो इस मैच पर असर डालने वाला है। कोलकाता का मौसम पिछले कुछ दिनों में अच्छा नहीं रहा और बारिश का साया आज के मुकाबले पर भी मंडरा रहा है।बुधवार, 25 मई को लखनऊ और बैंगलोर की टीम आइपीएल एलिमिनेटर में आमने सामने होंगी। यह मैच वैसे तो दोनों ही टीम के लिए अहम है क्योंकि जिसे भी हार मिली उसके ट्राफी जीतने का सपना टूट जाएगा। जीत और हार सिर्फ मैच होने की सूरत में ही नहीं बल्कि इसके नहीं खेले जाने पर ही तय किया जाना है। आइपीएल के नए नियम के मुताबिक अगर मैच नहीं कराया जा सका तो लीग स्टेज में ज्यादा अंक हासिल करने वाली टीम आगे बढ़ जाएगी।इंडियन प्रीमियर लीग के 15वें सीजन में प्लेआफ में पहुंची चार टीमों में सबसे आखिर में जगह बनाने वाली रायल चैलेंजर्स बैंगलोर का मुकाबला एलिमिनेटर में लखनऊ सुपर जायंट्स से होना है। इस मुकाबले में जीत हासिल करने वाली क्वालीफायर 2 में राजस्थान की टीम के खिलाफ खेलेगी जिसे पहले क्वालीफायर में गुजरात से हार मिली थी। एलिमिनेटर को लेकर एक अहम बात है कि अगर जो मुकाबला नहीं खेला जा सका तो बैंगलोर की टीम बिना खेले ही बाहर हो जाएगी।
✒️ *फिसला शेयर बाजार, सेंसेक्स 300 अंक टूटा, निफ्टी 16000 के स्तर पर*
बुधवार को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स सूचकांक 303 अंक या 0.56 फीसदी टूटकर 53,749 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी सूचकांक 99 अंक या 0.62 फीसदी की गिरावट के साथ 16,026 के स्तर पर बंद हुआ। सप्ताह के तीसरे कारोबारी दिन बुधवार को मिश्रित वैश्विक संकेतों के बीच शेयर बाजार की शुरुआत बढ़त के साथ हुई और हरे निशान पर हुई, लेकिन दिनभर के कारोबार के बाद दोनों सूचकांक अंत में गिरावट के साथ बंद हुए। एक ओर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स सूचकांक 303 अंक या 0.56 फीसदी टूटकर 53,749 के स्तर पर बंद हुआ।
✒️ *देश का इकलौता केंद्रीय गोवंश अनुसंधान संस्थान मेरठ से अलीगढ़ शिफ्ट होगा , प्रस्ताव शासन को भेजा*
मेरठ में संचालित देश का इकलौता केंद्रीय गोवंश अनुसंधान संस्थान (सीआइआरसी) अब जल्द ही अलीगढ़ में स्थानांतरित होगा। अलीगढ़ जिला प्रशासन ने इसका प्रस्ताव बनाकर शासन में भेज दिया है। इसके लिए धनीपुर ब्लाक के गुरसिकरन में कुल 250 एकड़ जमीन आवंटित की गई है। यह संस्थान गाय की चार प्रजातियों पर शोध पर काम कर रहा है। एक साथ कुल दो हजार गोवंश को रखने की व्यवस्था की जा रही है। केंद्र सरकार के निर्देश पर प्रदेश सरकार ने इस प्रस्ताव की मांग की थी।प्रदेश की शान और देश का इकलौता केंद्रीय गोवंश अनुसंधान सस्थान फिलहाल मेरठ स्थित डिफेंस के छावनी क्षेत्र में संचालित है। यहां की कुल 32.5 एकड़ जमीन में इसका संचालन किया जा रहा है, लेकिन पिछले साल ही इस जमीन की लीज खत्म हो चुकी है। इस पर अब केंद्र सरकार पिछले काफी समय से इस संस्थान को किसी अन्य जगह पर शिफ्ट करने की तैयारी में हैं। मेरठ में भी काफी समय से जमीन की तलाश चल रही थी, लेकिन अब वहां पर जमीन न मिलने पर अब केंद्र सरकार के निर्देश पर प्रदेश सरकार ने अलीगढ़ में जमीन का चिह्नानक किया है।पिछले दिनों जिला प्रशासन व विभागीय अफसरों से इसको लेकर प्रस्ताव मांगा गया था। इस पर गुरसिकरन में कुल 250 एकड़ जमीन का प्रस्ताव भेज दिया गया है। जल्द ही केंद्र सरकार की टीम यहां दौरे पर आएगी।
✒️ *अलीगढ़ जादौन इंफ्राटेक पर मुकदमे की विवेचना ईओडब्ल्यू भेजने की तैयारी*
अलीगढ़ मैरिस रोड स्थित सरकारी भूमि का बैनामा कराकर उस पर अपार्टमेंट बनाने की आरोपी फर्म जादौन इंफ्राटेक और उसके मालिकान – साझीदारों पर दर्ज मुकदमा ईओडब्ल्यू (आर्थिक अपराध शाखा) को भेजा जाएगा। इस संबंध में जिला पुलिस ने रिपोर्ट तैयार कर ली है और यह रिपोर्ट डीजीपी को भेजी जा रही है। डीजीपी स्तर से मुकदमे की विवेचना ईओडब्ल्यू को सौंपी जाएगी। चूंकि यह प्रकरण 50 लाख से अधिक का है इसलिए इसे वहां भेजा जा रहा है। एडीए से भी इसकी कीमत के आंकलन का ब्योरा मांगा गया है।जादौन इंफ्रोटक और उनके पार्टनर योगेंद्र सिंह बंटी, सुनील चौहान, अर्जुन सिंह फकीरा, पूर्व विधायक दलवीर सिंह के पौत्र विजय सिंह, सुनीता देवी, प्रदीप कुमार, प्रमोद कुमार, अशनीत पाल सिंह, परमजीत सिंह, राजेंद्र पाल सिंह आदि पर 13 मई को लेखपाल की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया है। जिसमें आरोप है कि डीएम के नाम दर्ज जमीन का बैनामा कराकर अपार्टमेंट का निर्माण कराया जा रहा है। करीब 90 करोड़ से अधिक कीमत के इस प्रोजेक्ट पर मुकदमा दर्ज होने के अगले दिन एडीए द्वारा सील लगाने की कार्रवाई की गई है। हालांकि आरोपी पक्ष का कहना है कि उन्होंने बैनामा सही कराया है और नियमानुसार सभी तरह की एनओसी लेकर निर्माण शुरू किया है। इसी कड़ी में सिविल लाइंस में दर्ज इस मुकदमे में जो अपराध है, उससे जुड़ी संपत्ति की कीमत कई करोड़ में है। इसलिए नियमानुसार ऐसे अपराध की जांच पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा द्वारा कराई जाती है। पुलिस सूत्रों के अनुसार इसी प्रक्रिया के तहत थाने से मुकदमे को ईओडब्ल्यू भेजने के लिए रिपोर्ट एसएसपी कार्यालय भेज दी है। जिसमें मुकदमे की विवेचना ईओडब्ल्यू को भेजे जाने का अनुरोध है।
✒️ *डीएम अलीगढ़ ने डॉ.भीमराव अम्बेडकर आईएएस/पीसीएस पूर्व परीक्षा प्रशिक्षण संस्थान मुकुन्दपुर का किया निरीक्षण*
डीएम अलीगढ़ सेल्वा कुमारी जे. ने मुख्य विकास अधिकारी अंकित खंडेलवाल के साथ डॉ. भीमराव अम्बेडकर आईएएस/पीसीएस पूर्व परीक्षा प्रशिक्षण संस्थान, मुकुन्दपुर, आगरा रोड, अलीगढ का निरीक्षण किया।इसके साथ ही डीएम अलीगढ़ ने सभी छात्रों से बात करके उनकी समस्याओं के जल्दी निस्तारण कराने के संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए।इस मौके पर जिला समाज कल्याण अधिकारी मौजूद रही।
✒️ *अलीगढ़ में एक व्यक्ति के दो मृत्यु प्रमाण पत्र जारी, नगर निगम बोला- कोर्ट तय करेगा कौन सा है सही*
नगर निगम से एक ही व्यक्ति के दो मृत्यु प्रमाण पत्र जारी होने का मामला सामने आया है। नगर निगम खुद तय नहीं कर पा रहा है कि दोनों में से कौन सा मृत्यु प्रमाण पत्र वैध है और कौन सा अवैध है। बल्कि जवाब यह दिया है कि न्यायालय से प्रमाण पत्र की वैधता तय कराई जाए। अब इस मामले में पीड़ित ने मंडलायुक्त से शिकायत की है। पीड़ित का कहना है कि पिछले दो साल से वह नगर निगम के चक्कर काट रहा है।शिकायतकर्ता छिपैटी निवासी अजय कुमार के अनुसार, उनके भाई विजय आवास विकास लोधी विहार में रहते थे। तबियत बिगड़ने पर उन्हें जेएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां से उन्हें घर भेज दिया गया और 8 नवंबर 2019 को उनकी मौत हो गई थी। परिवार के आवेदन पर 21 नवंबर 2019 को नगर निगम ने उनका मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर दिया। 29 जुलाई 2020 को यह प्रमाण पत्र आवास विकास में दाखिल किया गया तो पता चला कि उनके भाई के नाम पर 21 जुलाई 2020 को एक महिला ने मृत्यु प्रमाण पत्र नगर निगम से जारी कराया है, जिसमें मृत्यु का स्थान जेएन मेडिकल कॉलेज दर्शाया गया है। उस प्रमाण पत्र के आधार पर महिला ने भवन पर गृहकर नामांतरण भी कराया है। इस मामले में नगर निगम में लगातार शिकायत की जा रही है। अब नगर निगम से जवाब दिया गया है कि दोनों में से कौन सा प्रमाण पत्र वैध है, इसके लिए न्यायालय की शरण ली जाए। इस पर पीड़ित अजय कुमार ने मंडलायुक्त से शिकायत की है, जिसमें कहा गया है कि जांच कर सच्चाई का पता कराया जाए। तय किया जाए कि कौन का प्रमाण पत्र सही है। नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एमके माथुर ने बताया कि इस तरह का प्रकरण उनके संज्ञान में नहीं है।
✒️ *अलीगढ़ हरदुआगंज में चार माह पूर्व व्यक्ति के साथ हुई साइबर ठगी में पुलिस को रकम बरामदगी में मिली सफलता*
अलीगढ़ हरदुआगंज के व्यक्ति के साथ साइबर ठगों द्वारा बैंक अधिकारी बनकर 1.11 लाख रुपये की ठगी में पुलिस को 1.6 लाख रुपये बरामद करने में सफलता हासिल हुई है। बरामद रकम का बैंक चेक मंगलवार को साइबर थाना इंस्पेक्टर सुरेंद्र कुमार सिंह द्वारा पीड़ित को सौंपा गया।इंस्पेक्टर सुरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि सिद्धराज सिंह पुत्र अहिवरन निवासी बरकातपुर, हरदुआगंज के साथ जनवरी 2022 में ठगी हुई थी। उन्होंने द्वारा गूगल पर बैंक कस्टमर केयर नंबर सर्च किया था। सर्च में आए नंबर पर कॉल की, जिसके बाद उनको दूसरे नंबर से कॉल आया। बातों में फंसाकर साइबर ठगों ने मोबाइल पर एनीडेस्क एप डाउनलोड कराकर क्रेडिट कार्ड से 111099 रुपये की धोखाधड़ी कर ली थी। इस मामले में बैंक द्वारा कार्यवाही कराते हुए रकम को होल्ड कराया और 106998 रुपये वादी के सोर्स बैंक खाते में वापस कराए गए। जांच व बरामदगी टीम में एसआई समरपाल सिंह, आरक्षी दिनेश पाल सिंह शामिल रहे।
✒️ *अमुवि के सेंटनरी गेट से फिर गिरा पत्थर का टुकडा*
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी सैंटनरी गेट से एक बार फिर पत्थर का एक टुकड़ा नीचे आ गिरा। गनीमत रही कि इस पत्थर की चपेट में कोई आया नहीं। इससे पहले मार्च व मई माह में भी गेट से पत्थर नीचे आ गिरा था।अमुवि के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष फैजुल हसन ने बताया कि एएमयू के सौ साल पूरा होने पर यह सैंटनरी गेट बना था। जिसका ऑनलाइन उद्घाटन 17 अक्तूबर 2020 को चांसलर डॉ. सैयदना मुफद्दल सैफउद्दीन ने किया था।सैंटनरी गेट के ऊपरी हिस्से से अचानक पत्थर का टुकड़ा गिर गया। गेट की ऊंचाई करीब 50 फुट है। बता दें कि सैंटनरी गेट सुर्खियों में रहा है। पहले भी दो बार बडा हादसा होने से बचा है। इससे पहले सैंटनरी गेट का नाम उर्दू भाषा में न होने पर भी विवाद खडा हो चुका है। मुद्दा कई दिनों तक मीडिया और सोशल पर छाया रहा। फिर उर्दू में गेट का नाम लिखा गया। गेट के निर्माण में करीब एक करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च होने का अनुमान है।

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