लखनऊ में मृत्यु के सरकारी आँकड़े रोज़ाना 19-20 दिखाए जातें हैं लेकिन सरकार की तरफ़ से कोविड संक्रमित मृत व्यक्ति का अंतिम संस्कार नगर निगम द्वारा किया जा रहा जिसमें अन्य ज़िलों से ट्रकों लकड़ी आ रही क्या सिर्फ़ 20 के अंतिम संस्कार के लिए ? लखनऊ में लाशें जलाने के नए पुराने सभी ठिकानों का आँकलन किया जाए तो कम से कम 300 लाशें रोज़ जलायी जा रहीं हैं। हो सकता है ये तर्क दिया जाए कि सभी कोविड संक्रमित नहीं है तो साहब जो बिना बेड मिले मर रहे उनका अकड़ा आपके पास नहीं है सरकार ….क्योंकि आप जो जारी करते हैं वह CMO के रेफ़रल पर admit होने के बाद जब कोई मरता है वही आँकड़े हैं । लेकिन कोरोना होने के बाद जो बिना बेड बिना ऑक्सिजन के मर रहे उनका क्या यह संदेश पढ़कर सरकार के किसी अधिकारी में अगर मुझे फ़ोन करके इसे डिलीट कराने की इच्छा जागी हो…तो कृपया लीलाधर दीक्षित 57 को वेंटिलेटर चाहिए व्यवस्था कर लें तभी फ़ोन करें





More Stories
एक अधिशासी अभियंता निलंबित, पांच-पांच अधिशासी अभियंता व सहायक अभियंता हटाए-
यूपी में बड़े पैमाने पर जिला जजों के तबादले-
निकाय चुनाव के मद्देनजर में सार्वजनिक अवकाश घोषित-