May 18, 2022

मानव जीवन में सबसे बड़ा अपराध होता है बड़ों का बात ना मानना-

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*मानव जीवन में सबसे बड़ा अपराध होता है बड़ों का बात ना मानना*

 

 

*संवाददाता / दीपक कुमार सिंह*

 

वाराणसी के चोलापुर के नेहिया में कथा के दूसरे दिन प्रेममूर्ति पूज्य प्रेमभूषण जी महाराज ने रामकथा के क्रम में एक भजन के माध्यम से अपनी बात को और स्पष्ट किया और कहा कि कथा स्थल पर पहुंच कर भी हर किसी के कान में कथा नहीं उतर पाती है। बहुत सौभाग्यशाली व्यक्ति होते हैं वो, जिनके कानों के माध्यम से उनके दिल तक यह कथा उतर पाती है। और जब एक बार इस कथा की ललक लग जाती है तो फिर जीवन में कुछ भी बुरा नहीं होता सब कुछ अच्छा ही अच्छा होने लगता है।

महाराज जी ने खासकर रामचरितमानस के आश्रय में ही यह बताया कि मानव शरीर धारण करने वाले भगवान राम जी का जीवन पूरी तरह से अनुशासन से बंधा हुआ था। केवल राम जी ही नहीं बल्कि उनके साथ जो कुछ भी हुआ उन घटनाओं को अगर हम देखें तो हर चीज प्रकृति के नियम के अनुरूप चलती हुई दिखती है। उन्होंने कहा कि यह कथा हमें यह बताती है कि आम आदमी को जीवन में क्या सीखना चाहिए, कैसे अपने संबंधों को जीना चाहिए। साथ ही साथ उन्होंने कई भजनों से श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। हजारों की संख्या में भक्त गण राजेश मिश्रा ,जितेंद्र मिश्रा,रबिंद्र मिश्रा,मनीष मिश्रा,संजय मिश्रा,सुनीता मिश्रा,नीलम मिश्रा,सुमन मिश्रा,निशा मिश्रा,विपिन चंद्र राय, परमानंद सिंह,संदीप सिंह ,धीरज दुबे, मनीष सिंह, रिंकू सिंह आदि लोग उपस्थित होकर रामकथा का आनन्द लेते हुए झूमते नजर आए।