January 20, 2021

पीएम ने किसानों को MSP के बारे में विस्तार से समझाया.*

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पिछली सरकार के समय मसूर की दाल पर MSP थी 2950 रुपए।

हमारी सरकार प्रति क्विंटल मसूर दाल पर 5100 रुपए MSP दे रही है।

पिछली सरकार के समय धान पर MSP थी 1310 रुपए प्रति क्विंटल।

हमारी सरकार प्रति क्विंटल धान पर करीब 1870 रुपए MSP दे रही है।

पिछली सरकार के समय तूर दाल पर MSP थी 4300 रुपए प्रति क्विंटल।

हमारी सरकार तूर दाल पर प्रति क्विंटल 6000 रुपए MSP दे रही है।

पिछली सरकार के समय चने पर MSP थी 3100 रुपए।

हमारी सरकार अब चने पर प्रति क्विंटल 5100 रुपए MSP दे रही है।

पिछली सरकार में ज्वार पर MSP थी 1520 रुपए प्रति क्विंटल।

हमारी सरकार ज्वार पर प्रति क्विंटल 2640 रुपए MSP दे रही है।

ये इस बात का सबूत है कि हमारी सरकार MSP समय-समय पर बढ़ाने को कितनी तवज्जो देती है, कितनी गंभीरता से लेती है।

MSP बढ़ाने के साथ ही सरकार का जोर इस बात पर भी रहा है कि ज्यादा से ज्यादा अनाज की खरीदारी MSP पर की जाए।

पिछली सरकार के समय मूंग दाल पर MSP थी 4500 रुपए प्रति क्विंटल।

हमारी सरकार मूंग दाल पर करीब 7200 रुपए MSP दे रही है।

पिछली सरकार ने अपने पांच साल में किसानों से लगभग 1700 लाख मिट्रिक टन धान खरीदा था।

हमारी सरकार ने अपने पांच साल में 3000 लाख मिट्रिक टन धान किसानों से MSP पर खरीदा है।

पिछली सरकार ने अपने पांच साल में करीब पौने चार लाख मिट्रिक टन तिलहन खरीदा था।

हमारी सरकार ने अपने पांच साल में 56 लाख मिट्रिक टन से ज्यादा MSP पर खरीदा है।

कहां पौने चार लाख और कहां 56 लाख।

यानि हमारी सरकार ने न सिर्फ MSP में वृद्धि की, बल्कि ज्यादा मात्रा में किसानों से उनकी अपज को MSP पर खरीदा है।

इसका सबसे बड़ा लाभ ये हुआ है कि किसानों के खाते में पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा पैसा पहुंचा है।

पिछली सरकार के पांच साल में किसानों को धान और गेहूं की MSP पर खरीद के बदले 3 लाख 74 हजार करोड़ रुपए ही मिले थे।

हमारी सरकार ने इतने ही साल में गेहूं और धान की खरीद करके किसानों को 8 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा दिए हैं।