इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फर्जी मुठभेड़ में सिखों की हत्या करने वाले 34 पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त आदेश देते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया है।
1991 फर्जी मुठभेड़ में 10 सिखों को आतंकवादी मानकर हत्या करने का आरोप लगा है।
मामले में सुनवाई करते हुए जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बृज राज सिंह की खंडपीठ ने कहा कि आरोपी पुलिसकर्मी निर्दोष व्यक्तियों को आतंकवादी कहकर उनकी बर्बर और अमानवीय हत्या में शामिल रहे।
इसीलिए यह आरोपी माफी के योग्य नहीं है।‼️





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