November 7, 2026

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा- बाल अपराध के केसों की त्वरित सुनवाई के लिए विकसित करें तंत्र-

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इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा- बाल अपराध के केसों की त्वरित सुनवाई के लिए विकसित करें तंत्र

 

प्रयागराज- इलाहाबाद हाई कोर्ट ने बाल यौन अपराध संरक्षण कानून के तहत न्यायालय में त्वरित जानकारी उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश की बाल कल्याण समितियों को जरूरी साजो-सामान उपलब्ध कराने के लिए दो हफ्ते में बैठक कर निर्णय लेने का निर्देश दिया है। पारित आदेश की प्रति महानिबंधक को भेजने का निर्देश दिया है।

 

इन्‍हें अनुपालन को हाई कोर्ट ने दिया निर्देश : इलाहाबाद हाई कोर्ट ने प्रमुख सचिव न्याय उत्तर प्रदेश, प्रमुख सचिव महिला एवं बाल विकास, सचिव हाई कोर्ट विधिक सेवा समिति, सचिव राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण व डीजीपी को अनुपालनार्थ प्रेषित करने का निर्देश दिया है।

 

शकीला की याचिका पर कोर्ट का आदेश : यह आदेश न्यायमूर्ति अजय भनोट ने शकीला उर्फ सरिता उर्फ सकूना की याचिका पर दिया है। कोर्ट ने कहा कि बाल यौन अपराधों के मामले में दाखिल केस पर स्पीड पोस्ट या साधारण डाक से जानकारी भेजने पर काफी समय लगता है। इससे न्यायिक प्रक्रिया में देरी होती है। इसलिए ऐसी प्रक्रिया अपनाई जाए ताकि जल्द से जल्द जानकारी उपलब्ध हो।

 

याचिका की सुनवाई 18 मई को होगी : कोर्ट ने प्रदेश में हर जिले की बाल कल्याण समितियों को इंफ्रास्ट्रक्चर मुहैया कराने के लिए अधिकारियों को बैठक कर उचित आदेश जारी करने का निर्देश दिया है। याचिका की सुनवाई 18 मई को होगी।