April 16, 2026

मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच अपडेट –

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IAS Pooja Singhal Case Update:

 

मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच कर रही ईडी ने आईएएस पूजा सिंघल के घर पर रेडी की थी. छापेमारी के दौरान उनके घर से करोड़ों रुपये बरामद हुए थे-

 

ED Arrests IAS Pooja Singhal: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आईएएस पूजा सिंघल (IAS Pooja Singhal) को झारखंड (Jharkhand) के रांची (Ranchi) से गिरफ्तार कर लिया है. हाल ही में रेड के दौरान आईएएस पूजा सिंघल के घर से करोड़ों रुपये बरामद हुए थे. आईएएस पूजा सिंघल इसका हिसाब नहीं दे पाई थीं, जिसके बाद उनके खिलाफ ईडी ने ये कार्रवाई की है. इससे पहले ईडी उनके पति के सीए सुमन कुमार को गिरफ्तार कर चुकी है.

 

खनन सचिव के पद पर तैनात हैं पूजा सिंघल

 

जान लें कि ईडी ने हाल ही में मनरेगा (MGNREGA) मामले में झारखंड समेत कई राज्यों में छापेमारी की थी. इस मामले में झारखंड की सीनियर आईएएस पूजा सिंघल के घर पर भी रेड की गई थी. पूजा सिंघल इस समय झारखंड सरकार में खनन सचिव के पद पर तैनात हैं.

 

ईडी कर रही है मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच

 

गौरतलब है कि ये मामला साल 2020 में झारखंड में दर्ज 16 मामलों से जुड़ा है, जिसपर ईडी ने बाद में मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया था. इस मामले में जूनियर इंजीनियर राम विनोद प्रसाद सिन्हा को गिरफ्तार किया गया था.

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सरकारी फंड से 18 करोड़ का घपला

 

आरोप है कि राम विनोद प्रसाद सिन्हा ने MGNREGA के सरकारी फंड से 18 करोड़ रुपये का घपला किया था, जब वो झारखंड के खूंटी जिले में तैनात थे. उसी दौरान पूजा सिंघल भी वहां की जिलाधिकारी थीं. झारखंड पुलिस ने इस मामले में 16 FIR दर्ज कर अपनी जांच शुरू की थी और राम विनोद प्रसाद सिन्हा को गिरफ्तार किया था।

 

बता दें कि इस मामले में झारखंड पुलिस चार्जशीट भी दाखिल कर चुकी है. इन दर्ज मामलों के आधार पर ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया था, जिसमें ईडी ने राम विनोद प्रसाद सिन्हा की करीब 4.25 करोड़ की संपत्ति भी अटैच की थी.

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जान लें कि, ईडी ने जो अब तक जांच की थी उसके मुताबिक, झारखंड सरकार को MGNREGA के तहत खूंटी जिले में जो काम दिए थे उसमें से 18 करोड़ रुपये राम विनोद प्रसाद सिन्हा और दूसरे आरोपियों ने सरकारी खजाने से दूसरे खातों में ट्रासफर कर दिए.

ईडी ने जांच में पाया कि 75 लाख रुपये M/s Arunachal Pradesh Mineral Development and Trading Corp Ltd की ईटानगर में M/s Vijya Bank में कोयला खरीद के नाम पर ट्रांसफर किए गए जबकि कोयले की कोई खरीद हुई ही नहीं थी. इसी के आधार पर ईडी ने कार्रवाई करते हुए दो बार में राम विनोद प्रसाद सिन्हा की करीब 4.25 करोड़ की संपत्ति अटैच की थी