November 6, 2026

PPF, NPS या सुकन्‍या समृद्धि योजना खाताधारक 31 मार्च तक जरूर करें ये काम, नहीं किया तो होगी मुश्किल

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नई दिल्‍ली. क्‍या आप जानते हैं कि पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (PPF), नेशनल पेंशन स्कीम (NPS) और सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) के खातों में न्‍यूनतम बैलेंस रखना जरूरी होता है. अगर नहीं जानते तो जान लें कि ऐसा करना आवश्‍यक है. इसलिए इन योजनाओं में से किसी भी बचत योजना में आपका खाता है और उसमें न्‍यूनतम बैलेंस नहीं हैं तो खातें में पर्याप्‍त राशि तुरंत जमा करा दें.

अगर आपको खाता एक्टिव रखना है तो चालू वित्त वर्ष के लिए इन खातों में 31 मार्च, 2022 तक मिनिमम बैलेंस जरूर मैंटेंन कर लें. न्‍यूनतम बैलेंस नहीं होने पर अगर ये खाते निष्क्रिय हो गए तो फिर आपको इन्‍हें दोबारा चालू कराने के लिए जुर्माना देना होगा. इन योजनाओं में निवेश पर आपको टैक्‍स में छूट मिलती है. गौरतलब है कि वर्ष 2021-22 से, कोई व्यक्ति पुरानी या मौजूदा टैक्स व्यवस्था का विकल्प चुन सकता है और मौजूदा कर छूट और कटौती का लाभ उठा सकता है. टैक्‍स देने की आप भले ही कोई भी व्‍यवस्‍था चुनें, इन खातों में आपको न्‍यूनतम बैलेंस तो रखना ही होगा.

नेशनल पेंशन स्कीम (NPS) : टीयर- I एनपीएस खाताधारकों के लिए, एक वित्तीय वर्ष में न्यूनतम 1,000 रुपये का योगदान देना होता है. यदि टियर- I खाते में न्यूनतम योगदान नहीं किया जाता है, तो खाता निष्क्रिय हो जाएगा. यदि किसी के पास टीयर II एनपीएस खाता भी है तो टियर- I खाते के निष्क्रिय होने के साथ ही टियर II खाता भी अपने आप बंद हो जाएगा. टियर-1 खाते को चालू कराने के लिए आपको अपने योगदान के 100 रुपये तो जमा कराने ही होंगे साथ ही आपको 100 रुपये का जुर्माना देना होगा. जो परेशानी होगी वो अलग.

सुकन्या समृद्धि खाता योजना (SSY) : सुकन्या समृद्धि खाते को सक्रिय रखने के लिए एक वित्‍त वर्ष में कम से कम 250 रुपये जमा कराने होते हैं. ये पैसे जमा नहीं कराने पर खाता निष्क्रिय हो जाता है और फिर यह खाता 50 रुपये जुर्माना देकर ही इसे दोबारा चालू कराया जा सकता है.

पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) : एक वित्तीय वर्ष में पीपीएफ खाते के लिए न्यूनतम वार्षिक योगदान 500 रुपये है. इसे जमा करने की अंतिम तिथि 31 मार्च होती है. यदि 31 मार्च तक अपना योगदान नहीं करते हैं तो खाता बंद हो जाएगा और आप इसमें से पैसे भी नहीं निकाल पाएंगे. दोबारा चालू कराने के लिए प्रतिवर्ष के 500 रुपये तो जमा कराने ही होंगे साथ ही 50 रुपये वर्ष के हिसाब से जुर्माना लगेगा.