April 21, 2026

एडीजे प्रथम मनोज शुक्ला को अपनी पैतृक जमीन बचाने के लिए जेसीबी के आगे लेटना पड़ा।

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सूत्रों से खबर आ रही है की —

सुल्तानपुर जिले के एडीजे प्रथम मनोज शुक्ला को अपनी पैतृक जमीन बचाने के लिए जेसीबी के आगे लेटना पड़ा।

स्थानीय थानान्तर्गत छपिया शुक्ल गावँ में नहर खुदाई कर रही जेसीबी के आगे जमीन पर एक न्यायिक अधिकारी लेट गए और अपनी जमीन को जबरदस्ती खोदवाने का आरोप लागते हुए कार्य रोकवा दिया।सूचना पर जिले के तमाम अधिकारी और भारी संख्या में पुलिस पहुँच गई।अधिकारी न्यायिक अधिकारी को समझाने के प्रयास कर रहे थे। लेकिन रात 10 बजे खबर लिखे जाने तक वे जेसीबी के आगे जमीन पर लेटे हुए थे।
जानकारी के अनुसार हर्रैया-रजवाहा नहर लगभग 28.5 किमी खुदाई हो रही थी।लगभग पूरी नहर की खोदाई पूरी हो गई केवल छपिया शुक्ल निवासी जगदीश प्रसाद शुक्ल की जमीन के खोदाई बाकी था।वे अपनी जमीन नहीं देना चाह रहे हैं।उनके द्वारा जिलाधिकारी समेत अन्य अधिकारियों को पत्र देकर अपनी जमीन में नहर बनाने का विरोध भी जताया लेकिन नहर विभाग के अधिकारियों ने बुधवार को ठेकेदार जय मंगल सिंह के साथ मौके पर पहुँचकर उनकी जमीन में जेसीबी से खुदाई शुरू करवा दिया।उनके परिजन मयंक और योगेंद्र ने विरोध किया तो उन्हें पुलिस ने हिरासत में ले लिया।छुट्टी लेकर घर आए जगदीश प्रसाद शुक्ल के पुत्र अपर जिला जज मनोज कुमार शुक्ल मौके पर पहुंच कर खुदाई रोकने लगे तो ठेकेदार नहीं माने।अपर जिला जज कोट पैंट और टाई पहने जेसीबी के आगे जमीन पर लेट गए।उन्होंने जिलाधिकारी पर जबरदस्ती नियम के विरुद्ध उनकी जमीन में नहर खोदवाने का आरोप लगाते हुए कहा कि जबतक खोदा गया जमीन पाट कर उन्हें नहर ना खोदने का आश्वासन नहीं मिलेगा वह जमीन पर ही लेटे रहेंगे।रात 10 बजे तक एस डी एम सदर ,ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अमृत पाल कौर,नहर विभाग के अधिशासी अभियंता जय सिंह, ए.इ राज कुमार आजाद,जे.इ पवन कुमार सहित तमाम अधिकारी और भारी संख्या में पुलिस बल और आस-पास के तमाम लोग मौजूद थे।अधिकारी अपर जिला जज को मनाने का प्रयास कर रहे थे।नहर विभाग के अधिकारी ने बताया कि उनका लगभग 34 लाख मुआवजा बना है।एस एल ओ ऑफिस बस्ती से उन्हें कहा गया लेकिन नही ले रहे हैं जबकि अपर जिला जज का कहना है कि वे अपनी जमीन नहीं देंगे।जिलाधिकारी नियम विरुद्ध तरीके से जबरन उनकी जमीन से नहर निकलवाना चाह रही हैं।