April 21, 2026

क्या पुतिन अब यूक्रेन जीतने के लिए सीरियाई लड़ाकों की ले रहे हैं मदद?

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मॉस्को. रूस-यूक्रेन युद्ध (Russia-Ukraine War) को 12 दिन हो चुके हैं. लेकिन अब तक रूस को यूक्रेन पर फतह हासिल नहीं हुई है. यूक्रेन की राजधानी कीव (Ukraine Capital Kyiv) तो क्या खारकीव (Kharkiv) जैसे वहां के प्रमुख शहर पर भी पूरा जोर लगाने के बावजूद रूसी सेना (Russian Army) कब्जा नहीं कर पाई है. ऐसे में कहा जा रहा है कि मजबूरन रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन (Russian President Vladimir Putin) अब सीरियाई लड़ाकों (Syrian Fighter) की ओर देख रहे हैं. उनसे मदद हासिल करने की तैयारी कर रहे हैं. खबरों की मानें तो कुछ सीरियाई लड़ाके तो रूस पहुंच भी चुके हैं और कुछ अन्य पहुंचने वाले हैं. इसीलिए सवाल जेहन में आता है कि आखिर सीरियाई लड़ाकों में ऐसी कौन सी विशेषज्ञता है कि जो काम दुनिया की शक्तिशाली सेनाओं में शुमार रूसी फौज नहीं कर पाई, उसे वे कर लेंगे. इसका जवाब और उससे जुड़े पहलू जानना दिलचस्प हो सकता है.

रूस को जरूरत क्यों पड़ी सीरियाई लड़ाकों की

विशेषज्ञों के हवाले से मीडिया में आ रही खबरों की मानें तो यूक्रेन पर हमले से जुड़े रूस (Russia Atack on Ukraine) के समीकरण फिलहाल गड़बड़ाते दिख रहे हैं. रूस के राष्ट्रपति पुतिन और उनके रणनीतिकारों की योजना कीव (Kyiv) पर कब्जा कर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की (Ukraine President Volodymyr Zelensky) और उनके समर्थकों को गिरफ्तार करने की थी. फिर वहां रूस समर्थित सरकार काबिज करनी थी. इसके लिए अधिकतम एकाध सप्ताह का समय तय किया गया था. लेकिन आश्चर्यजनक रूप से यूक्रेन की सेना और वहां के आम नागरिकों तक ने रूसी सेना के रास्ते 12 दिन से लगातार रोक रखे हैं. यहां तक कि कई जगहों पर रूसी फौजों के लिए रसद आपूर्ति का संकट भी आ खड़ा हुआ है. इससे मजबूरन रूस को सीरियाई लड़ाकों की मदद लेनी पड़ रही है क्योंकि उन्हें शहरी युद्धों (Urban Combat) का विशेषज्ञ माना जाता है.