मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास पर केस के बाद निर्वाचन आयोग से भी कार्रवाई,अखिलेश के नाम पर दी थी अधिकारियों को धमकी
मऊ।सपा मुखिया अखिलेश यादव के नाम पर अधिकारियों को खुलेआम धमकी देने के मामले में मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी पर केस के बाद निर्वाचन आयोग की तरफ से भी कार्रवाई की गई है। अब्बास पर 24 घंटे के लिए किसी भी तरह की राजनीतिक गतिविधियों में भागीदारी और प्रचार प्रसार पर रोक लगा दी गई है।
यह पाबंदियां शुक्रवार की शाम सात बजे से शुरू हो गई हैं। इस बारे में निर्वाचन आयोग ने अब्बास अंसारी को एक नोटिस भी जारी किया है। निर्वाचन आयोग की तरफ से जारी नोटिस में लिखा गया है कि बतौर प्रत्याशी अब्बास ने जनसभा के दौरान आचार संहिता का उल्लंघन किया है। उनका जो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, उसे देखने पर साफ लग रहा है कि यह निर्वाचन के लिए बने नियमों का उलंघन है। नोटिस में वीडियो का ट्रासक्रिप्ट भी दिया गया है।
नोटिस में कहा गया है कि वीडियो के बारे में तीन मार्च को आपसे स्पष्टीकरण मांगा गया था। लेकिन 4 मार्च तक आपने कोई जवाब नहीं दिया है। ऐसे में अब्बास पर कई तरह की पाबंदिया लगा दी गई हैं। अब्बास अगले 24 घंटे तक किसी जनसभा को संबोधित नहीं करेंगे और न ही किसी बैठक आदि में भाग लेंगे।
अब्बास किसी सार्वजनिक कार्यक्रम और रोड-शो आदि में भी भागीदारी नहीं करेंगे। किसी भी मीडिया प्लेटफार्म पर कोई इंटरव्यू भी नहीं देंगे। न ही सोशल मीडिया में किसी तरह का प्रचार करेंगे।
मऊ में अंतिम चरण में सात मार्च सोमवार को मतदान होगा। शनिवार की शाम यहां चुनाव प्रचार का शोर थम जाएगा। ऐसे में अब चुनाव तक अब्बास किसी सभा आदि में हिस्सेदारी नहीं कर सकेंगे।अब्बास अपने पिता मुख्तार अंसारी की परंपरागत सीट मऊ सदर से इस बार सपा गठबंधन के प्रत्याशी हैं।अब्बास को सुभासपा ने चुनावी मैदान में उतारा है।
आपको बता दें कि अब्बास अंसारी ने सरकार बनने पर अफसरों से हिसाब-किताब की एक जनसभा के दौरान खुलेआम धमकी दी थी। इसका वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें अब्बास अंसारी सपा प्रमुख अखिलेश यादव का नाम लेकर कह रहे हैं कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्ययक्ष अखिलेश यादव जी से कहकर आया हूं कि छह महीने तक किसी की ट्रांसफर-पोस्टिंग नहीं होगी भइया। जो यहां है, यहीं रहेगा, पहले हिसाब किताब होगा। उसके बाद उनके जाने के सर्टिफिकेट पर मुहर लगाया जाएगा। वीडियो वायरल होने के बाद एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार की ओर से कार्रवाई का आदेश दिया गया था। अब्बास के खिलाफ मऊ पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है।





More Stories
उत्तर प्रदेश में निकाय चुनाव के हाईकोर्ट के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी-
बिना OBC आरक्षण के होंगे UP निकाय चुनाव-
8 सवालों से समझें पूरे गुजरात चुनाव का गणित-