April 21, 2026

नियमों के पालन को लेकर हम कितने सजग?

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*नियमों के पालन को लेकर हम कितने सजग..?*

 

*कोई सुरक्षा और सावधानी सुनिश्चित करने को लेकर पर्याप्त गंभीरता नहीं बरतते..!*

 

*आप कीजिये अपनी रक्षा,तभी होगी परिवार की सुरक्षा*

 

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यातायात नियमों को धता बताते हुए सड़कों पर चलने वालों में ऐसे लोग भी शामिल होते हैं जो अपने परिवार के सदस्यों के साथ सफर कर रहे होते हैं लेकिन ज्यादा अफसोस की स्थिति तब देखी जाती है जब दुपहिया वाहनों पर भी कुछ लोग छोटे छोटे बच्चों को अपने पीछे या आगे बिठाए कहीं जा रहे होते हैं प्रथम दृष्टया ही देखा जा सकता है कि मोटर साइकिल पर आगे पीछे बैठा बच्चा चालक को पकड़े तो होता है लेकिन असुरक्षित होता है

सामान्य रफ्तार में भी बहुत छोटी सी चूक या वाहन के असंतुलित होने से बच्चा गिर जा सकता है और कोई बड़ा नुकसान हो सकता हैं ऐसी आशंका लगातार बने रहने के बावजूद लोग आमतौर पर अपनी ओर से कोई सुरक्षा और सावधानी सुनिश्चित करने को लेकर पर्याप्त गंभीरता नहीं बरतते हैं नतीजतन कई बार हादसे का शिकार दुपहिया चलाने वाला तो होता ही है उस पर बैठा बच्चा भी उसकी चपेट में आ जाता है दरअसल ज्यादातर सड़क हादसों का कारण या तो वाहन चालक की लापरवाही होती है या फिर नियम कायदों का उल्लंघन होता है किसी मामूली चूक की वजह से वाहन में सवार लोगों की जान जा सकती है या फिर बाकी जीवन के लिए शरीर में स्थायी नुकसान झेलने की नौबत आ जाती है ऐसी स्थिति में बच्चों पर खतरा ज्यादा रहता है यह अपने आप में एक बड़ी विडंबना है कि सड़कों पर वाहन चलाते हुए लापरवाही बरतने वाले कुछ लोग न तो अपनी फिक्र करते हैं न ही दूसरों की दूसरी ओर किसी हादसे से बचाव के इंतजाम के लिए पहले से ही खुद को सुरक्षित रखने के उपायों को लेकर भी ज्यादा ध्यान नहीं दिया जाता है नतीजा यह होता है कि अचानक हुए हादसों में जिन लोगों की मौत हो जाती है उन्हें बचाया जा सकता है ऐसे जोखिम की जद में बच्चे ज्यादा होते हैं उम्मीद है कि लोग जिस तरह अपने बच्चों का खयाल रखने के लिए हर संभव कदम उठाते हैं उसी क्रम में दुपहिया पर उनकी सुरक्षित सवारी भी सुनिश्चित करेंगे और नियमों के पालन को लेकर सजग रहेंगे।

 

*🙏🏻🙏🏻💥💥समीर कुमार(विक्की)*