April 17, 2026

बस 20 मिनट और साइकल बन जाएगी ‘मोटरसाइकल’, देसी इन्वेंशन पर फिदा हुए उद्योगपति आनंद महिंद्रा-

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बस 20 मिनट और साइकल बन जाएगी ‘मोटरसाइकल’, देसी इन्वेंशन पर फिदा हुए उद्योगपति आनंद महिंद्रा

 

 

 

नई दिल्ली. आपने साइकल (Cycle) तो चलाई होगी. पैडल मार-मारकर. चलाते हुए आपको कभी न कभी लगा होगा कि काश इसमें कुछ ऐसा इंतजाम होता कि ये अपने आप चलती. तो आपकी इस ख्वाहिश को पूरा करने के लिए एक देसी इन्वेंटर गुरसौरभ सिंह (Gursaurabh Singh) ने एक ऐसी डिवाइस बना डाली है, जिसे फिट करते ही आपकी साइकल मोटरसाइकल (Motorcycle) की तरह सरपट दौड़ने लग जाएगी. गुरसौरभ के इस इनोवेशन पर उद्योगपति आनंद महिंद्रा (Anand Mahindra) इतने फिदा हो गए हैं कि उन्होंने इसमें निवेश करने का ऑफर दे दिया है.

 

 

 

गुरसौरभ सिंह ध्रुव विद्युत (Dhruv Vidyut) नाम से कंपनी चलाते हैं. ट्विटर प्रोफाइल के मुताबिक, इलेक्ट्रिक प्रोडक्ट्स पर रिसर्च और डेवलपमेंट करते हैं. इसी के तहत उन्होंने एक प्रोडक्ट बनाया है. ये छोटा-सा प्रोडक्ट देसी साइकल को मोटर और बैटरी से चलने वाली इलेक्ट्रिक साइकल में कन्वर्ट कर देता है. इसके लिए साइकल में कोई कटिंग, वेल्डिंग नहीं करनी होती. इसे पैडल के ऊपर नट बोल्ट से कसना होता है.

 

 

कई खूबियों वाली देसी डिवाइस

ध्रुव विद्युत की ओर से ट्विटर पर डाले गए वीडियो में बताया गया है कि ये डिवाइस फिट करने के बाद साइकल में पैडल मारने की जरूरत नहीं होती. वह अपने आप दौड़ती है. साइकल 25 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती है. 170 किलो तक वजन ढो सकती है. एक बार चार्ज होने पर 40 किमी तक का सफर तय कर सकती है. ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर भी चल सकती है. सबसे बड़ी बात आग-पानी का इस पर असर नहीं होता. कीचड़ में भी गिरने पर भी इसका कुछ नहीं बिगड़ता.

 

 

 

 

 

फोन भी चार्ज कर सकते हैं

ध्रुव विद्युत का दावा है कि इस डिवाइस को महज 20 मिनट में फिट किया जा सकता है. इसके लिए साइकल में कोई कटिंग वैल्डिंग या मॉडिफिकेशन नहीं किया जाता. एयरक्राफ्ट ग्रेड एल्यूमीनियम से बनी ये डिवाइस वजन में हल्की है और इसमें जंग भी नहीं लगता. इसमें एक तरफ बैटरी चार्ज करने का ऑप्शन होता है तो दूसरी तरफ आप अपने फोन को यूएसबी के जरिए कनेक्ट करके चार्ज कर सकते हैं.

 

 

इनका दावा है कि 20 मिनट पैडल मारने पर बैटरी 50 प्रतिशत चार्ज हो जाती है. इसमें बैटरी इंडिकेटर लगा होता है जो बैटरी लो होने की जानकारी देता रहता है. मोटरसाइकल की तरह थ्रोटल घुमाकर स्पीड को कंट्रोल किया जा सकता है. डिवाइस को ऑन-ऑफ करने का बटन भी लगा होता है.

 

 

गुरसौरभ के इस इनोवेशन से प्रभावित आनंद महिंद्रा ने शनिवार को तीन ट्वीट करके इसकी तारीफ की. उन्होंने लिखा कि दुनिया में साइकल को मोटरसाइकल जैसा बनाने के लिए कई डिवाइस हैं, लेकिन इसका छोटा सा डिजाइन, कीचड़ आदि में भी काम करने की क्षमता और फोन चार्ज करने की सुविधा इसे खास बनाता है. उन्होंने कहा कि इसमें निवेश करके उन्हें फख्र महसूस होगा. आनंद महिंद्रा के इस ट्वीट के बाद ध्रुव विद्युत ने ट्विटर पर ही उनका शुक्रिया अदा किया है.