July 31, 2026

अब आपको मिलेगी असली दवा-

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💊💉 अब आपको मिलेगी असली दवा ‼️

 

 

केंद्र सरकार ने दवाओं में इस्तेमाल होने वाले एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रीडिएंट्स ( API ) पर QR कोड डालना अनिवार्य कर दिया है। QR कोड लगाने से असली और नकली दवाओं की पहचान में आसानी होगी। साथ ही, इससे दवा बनाने वाली कंपनी को ट्रैक करना आसान होगा। यह नया नियम पहली जनवरी, 2023 से लागू होगा। केंद्र सरकार ने इस संदर्भ में अधिसूचना जारी कर दी है। बता दें कि QR कोड से जहां फार्मास्युटिकल फर्म का पता लगाना आसान होगा, वहीं यह जानकारी हासिल करना भी आसान हो जाएगा कि दवा के फॉर्मूले के साथ क्या कोई छेड़छाड़ की गई है या नही। इसके अलावा उत्पाद कहां से आया और कहां जा रहा है, इसे भी ट्रैक किया जा सकेगा। काबिलेजिक्र है कि स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय लंबे समय से दवा उद्योग को गुणवत्तापूर्ण API की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए बार कोडिंग को अनिवार्य करने की कवायद में जुटा हुआ था, विभिन्न दवा संगठन भी इस संदर्भ में मांग उठा रहे थे, क्योंकि अक्सर सामने आया है कि नकली और कम गुणवत्ता वाले API से तैयार की जाने वाली दवाएं वास्तव में मरीजों को फायदा नहीं पहुंचाती हैं। इसी के मददेनजर ड्रग्स टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड ने जून 2019 में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। कई रिपोट्र्स में दावा किया जा चुका है कि देश में तीन प्रतिशत दवाएं घटिया गुणवत्ता की हैं। इसी कड़ी में सरकार वर्ष 2011 से इस व्यवस्था को लागू करने की कोशिश कर रही थी, लेकिन विभिन्न कारणों से इस पर कोई ठोस फैसला नहीं हो पा रहा था। दरअसल उस दौरान फार्मा कंपनियां इस बात को लेकर ज्यादा चिंतित थीं कि अलग-अलग सरकारी विभाग अलग-अलग गाइडलाइंस जारी न कर दें। फार्मा कंपनियों की ओर से मांग थी कि पूरे देश में एक समान QR कोड लागू किया जाए, जिसके बाद वर्ष 2019 में केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन ने यह मसौदा तैयार किया▪️