वाराणसी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सुरेश राव आनंद कुलकर्णी ने बुधवार की शाम दो निलंबित चल रहे पुलिसकर्मियों को जांच में दोषी पाए जाने के बाद बर्खास्त कर दिया। दोनों ही पुलिसकर्मियों पर ड्यूटी के दौरा शराब पीकर दुर्व्यहवहार और अभद्र भाषा के प्रयोग का आरोप लगा था। देर शाम एसएसपी कार्यालय से जारी हुए आदेश में एक आरक्षी और एक ओपी को बर्खास्त कर दिया गया है।
इस सम्बन्ध में एसएसपी कार्यालय से जारी प्रेस नोट के अनुसार कैंट थाने पर नियुक्त आरक्षी सुरेंद्र नाथ राय ने 27 अगस्त 2018 को काशी विश्वनाथ मंदिर/ज्ञानवापी सुरक्षा में द्वितीय पाली की ड्यूटी के दौरान उक्त आरक्षी की ड्यूटी सरस्वती फाटक पर लगाईं गई थी। ड्यूटी के दौरान शाम 6 बजे नशे की हालत में श्रद्धालुओं एवं ड्यूटीरत पुलिसकर्मियों के सतह दुर्व्यहवहार करने व अभद्र भाषा का प्रयोग कर ज़मीन पर लेटने की सूचना मिली थी। इसपर 28 अगस्त 2018 को उक्त आरक्षी को निलबित किया था। जांच पूरी होने के बाद उन्हें आज पद से मुक्त करते हुए बर्खास्त किया जा रहा है।
बता दें की उस समय वाराणसी पुलिस ने अपनी सफाई में आरक्षी सुरेंद्र नाथ राय को न्यूरो पेशेंट बताया था और शराब न पीने की बात कही थी
और जब विश्वनाथ मंदिर के सरस्वती फाटक पर सिपाही की ‘हरकत’ देख पुलिसकर्मियों के उड़े होश
इसके अलावा एक अन्य पुलिसकर्मी ओपी राजेंद्र बहादुर को 23 नवम्बर 2017 को गोपनीय कार्यालय में मेस में ड्यूटी के दौरान 6 बजे शाम में शराब पीकर अमर्यादित भाषा का प्रयोग कर राजकीय कार्य में बाधा और अव्यवस्था उत्पन्न करने के गंभीर आरोप का पर 25 नवम्बर 2017 को निलंबित कर दिया गया था। इस सम्बन्ध जांच के बाद ओपी राजेंद्र बहादुर पूर्णतः दोषी पाए गए हैं, जिसके बाद उन्हें पदमुक्त (बर्खास्त ) कर दिया गया
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