प्रेस विज्ञप्ति दिनांक : 12.12.2021
बनारस रेल इंजन कारख़ाना ने प्रथम डीजल-विद्युत रेल इंजन (डब्ल्यूडीएम-2) के निर्माण के साथ घरेलू निर्माण क्षेत्र में पदार्पण किया जिसका लोकार्पण 03 जनवरी 1964 को श्री लाल बहादुर शास्त्री जी के करकमलों से हुआ। उसी समय से बरेका विनिर्माण सकल घरेलू उत्पाद बढ़ाने में वर्ष प्रति वर्ष अपना योगदान कर रहा है। भारतीय रेल के लिए बरेका ने अभी तक 8307 डीजल रेल इंजन तथा 944 विद्युत रेल इंजन का निर्माण किया है। खदान तथा ऊर्जा क्षेत्र के गैर-रेलवे ग्राहकों के लिए 800 डीजल रेल इंजनों का निर्माण किया गया है। विश्व स्तर पर भारत निर्मित उत्पाद – आत्म निर्भर भारत की संकल्पना को साकार करते हुए 171 डीजल रेल इंजनों का निर्यात किया गया है। बरेका निर्मित रेल इंजनों ने तंजानिया, वियतनाम, श्रीलंका, बांग्लादेश, म्यांमार, सेनेगल, सूडान, अंगोला, माली, मोज़ाम्बिक तथा मलेशिया जैसे देशों में अपनी उपस्थिति दर्ज की है।
ईंधन लागत, कार्बन उत्सर्जन, ईंधन आयात की निर्भरता में कमी तथा रेल गाड़ियों के औसत गति एवं भार-वहन क्षमता में वृद्धि के रेल मंत्रालय के बहु-उद्देशीय योजनाओं के दृष्टिगत बरेका में डीजल लोको के स्थान पर विद्युत लोको का उत्पादन किया जा रहा है।
बरेका निर्मित विद्युत रेल इंजन के उत्पादन में 98% से अधिक स्वदेशी सामग्री का प्रयोग किया जा रहा है। इससे सूक्ष्म एवं लघु उद्यम तथा घरेलू निर्माण क्षेत्र को भी सहयोग मिल रहा है। 2020-21 में बरेका की वार्षिक खरीद ₹3000 करोड़ से अधिक थी। इस खरीद में एक बड़ा हिस्सा सूक्ष्म एवं लघु उद्यम से था। 2020-21 में सूक्ष्म एवं लघु उद्यम से लगभग ₹670 करोड़ की खरीद हुई।
अपने बहुआयामी आधारभूत ढांचे के फलस्वरूप मल्टी गेज एवं मल्टी ट्रैक्शन चल स्टॉक के निर्माण से सरकार की आत्म-निर्भर भारत की संकल्पना को साकार करने में बरेका अद्वितीय रूप से सक्षम है। अभी हाल ही में बरेका ने मोज़ाम्बिक को ₹91.02 करोड़ मूल्य के 3000 अश्व शक्ति के 6 केप गेज डीजल रेल इंजन का निर्यात कर कमीशनिंग किया है। बरेका, मोज़ाम्बिक के लिए एक और 3000 अश्व शक्ति केप गेज डीजल रेल इंजन का निर्माण कर रहा है। मलेशिया तथा अफ्रीकी देशों के लिए अन्य निर्यात आदेश विचाराधीन हैं। गैर-रेलवे ग्राहकों से ₹37.52 करोड़ मूल्य के 04 रेल इंजनों का आदेश मिल चुका है तथा 07 रेल इंजनों के आदेश के लिए बातचीत हो रही है। इस वित्त वर्ष में गैर-रेलवे ग्राहकों को ₹6.66 करोड़ के अतिरिक्त पुर्जों की आपूर्ति की जा चुकी है। बरेका ने श्रीलंका को वित्त वर्ष 2018-19 एवं 2019-20 में 3000 अश्व शक्ति के 10 रेल इंजनों का निर्यात किया है। बरेका में पुराने उपयोगी उच्च अश्व शक्ति डीजल लोको में स्टैंडर्ड गेज बोगी लगाया गया एवं इसका सफल परीक्षण किया गया। इससे भविष्य में स्टैंडर्ड गेज का प्रयोग कर रहे देशों में नए एवं पुराने उपयोगी डीजल लोको के निर्यात का मार्ग प्रशस्त होगा।
प्राविधिक प्रशिक्षण केंद्र, बरेका उत्कृष्ट कौशल विकास केंद्र के रूप में विकसित किया गया है। रेल कौशल विकास योजना के अंतर्गत इस केंद्र पर युवाओं को निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य युवाओं को विभिन्न उद्योगों में रोजगार के साथ-साथ स्वरोजगार के लिए भी तैयार करना है। बरेका सम्पूर्ण भारतीय रेलवे में इस कार्यक्रम के समन्वय के लिए नोडल इकाई है। वर्तमान में सम्पूर्ण भारतीय रेल के 88 संस्थानों में 2800 से अधिक प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षित किया जा रहा है तथा 3700 से अधिक प्रशिक्षु पंजीकृत हैं।
बरेका हमेशा से ही अपने सामुदायिक लाभार्थियों के हितों के लिए व्यापक भूमिका का निर्वाह करने के प्रति सचेत रहा है। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने विश्व जल दिवस के अवसर पर जल संरक्षण के लिए ‘जल शक्ति अभियान : कैच द रेन’ का शुभारंभ किया। इस अभियान की टैग लाइन “जब भी बारिश हो, जहाँ भी बारिश हो, संचय करो” ने वर्षा जल संचय संरचना को उपयुक्त तरीके से विकसित करने पर जोर दिया। बरेका भी भूमि जल रिचार्ज करने के लिए 425 सोकपिट एवं 50 गहरे कुएँ का निर्माण कर वर्षा जल संचय हेतु प्रतिबद्ध है। वर्षा जल संचय के अंतर्गत लगभग 44000 वर्ग मीटर का रूफ टॉप एरिया कवर है। इस अभियान के क्रम में महाप्रबंधक अंजली गोयल के नेतृत्व में 1 दिसंबर 2021 को कंचनपुर कालोनी में जल संचय के लिए तालाब बनाने का कार्य शुरू किया गया है। इस तालाब का क्षेत्र 7517.76 वर्ग मीटर (114.60 मी. x65.60 मी.) तथा इसकी जल भरण क्षमता 31101 क्यूबिक मीटर (311 लाख लीटर) होगा। इससे भूमि की नमी बढ़ेगी और भूमि जल स्तर में वृद्धि होगी। इससे सड़कों पर पानी नहीं लगेगा, सड़कें खराब नहीं होंगी और जल जमाव भी नहीं होगा। इसके अलावा तालाब के चारों तरफ पाथवे का भी निर्माण किया जाएगा, जिससे यह टहलने के लिए रमणीय स्थान बन जाएगा।
पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में नेतृत्वकारी भूमिका का निर्वहन करते हुए बरेका ने मानव अपशिष्ट के उपचार के लिए 12 एम.एल.डी क्षमता का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और संदूषित एवं मिश्रित पेट्रोलियम आयल एवं ल्यूब्रिकेंट के उपचार के लिए 3 एम एल डी क्षमता का औद्योगिक नि:स्राव उपचार संयत्र की स्थापना की है। ये संयत्र गंगा नदी को स्वच्छ रखने के अलावा संसाधनों को पुन: प्रयोज्य बनाने में भी अपना योगदान करते हैं। बरेका को इस बात का गर्व है कि गंगा नदी में ट्रीटेड या अनट्रीटेड कोई भी जल प्रवाहित नहीं किया जाता है। उपचारित मल-जल जैव खाद के रूप में बदल जाता है और बागवानी में इसका प्रयोग किया जाता है। बरेका के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट ने वर्ष 2020-21 के दौरान 1248 मिलियन लीटर जल का उपचार किया। आईईटीपी (औद्योगिक नि:स्राव उपचार संयंत्र) ने वर्ष 2020-21 के दौरान जल से 500 लीटर पीओएल अलग किया। एसटीपी एवं आईईटीपी के मानक की ऑनलाइन निगरानी की जाती है, ताकि यह केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के निर्धारित मानक के भीतर बना रहे।
स्वच्छ पर्यावरण की दिशा में अपने प्रयास के तहत 0.25 एम.एल.डी. क्षमता के दो वाटर रिसाइकिलिंग प्लांट लगाए गए। ये रिसाइकिल जल बागवानी एवं भूमि जल रिचार्जिंग के प्रयोग में लाए जाते हैं, जिससे शुद्ध जल की खपत कम होती है।
जल, वायु, हानिकारक अपशिष्ट, उत्सर्जन इत्यादि के विभिन्न निर्धारित मानकों को बनाए रखने के अपने प्रयास पर बल देने के लिए बरेका ने 2001 में पर्यावरण प्रबंधन प्रणाली के लिए आईएसओ:14001 प्राप्त किया। बरेका अपने कारखाना एवं कालोनी में पर्यावरण संरक्षण के लिए सुपरिभाषित एवं सुलिखित नीति पर कार्य कर रहा है।
बरेका पर्यावरण संरक्षण के अपने प्रयासों के लिए CII-गोदरेज ग्रीन बिजनेस सेंटर द्वारा ग्रीन-को सिल्वर रेटिंग प्राप्त करने वाला भारतीय रेल की पहली इकाई है।
बरेका ने विभिन्न स्थानों पर 3.86 मेगावाट क्षमता का ग्रिड कनेक्टेड सोलर पावर संयंत्र लगाया है। वित्त वर्ष 2020-21 में सौर ऊर्जा उत्पादन 4.27 एमयू था। वित्त वर्ष 2021-22 में नवंबर माह तक सौर ऊर्जा उत्पादन 3.04 एमयू था। वर्ष 2020-21 में बरेका में उपभोग किए गए कुल विद्युत ऊर्जा में 23.31% सौर ऊर्जा थी। पिछले वर्ष की तुलना में वर्ष 2020-21 में ग्रिड से ली गई कुल ऊर्जा में 22% की कमी आई है। बरेका को बेहतर ऊर्जा संरक्षण के लिए आईएसओ -50001 प्रमाणन प्राप्त है। पारंपरिक प्रकाश व्यवस्था की जगह ऊर्जा दक्ष एलईडी आधारित प्रकाश व्यवस्था की गई है।
बरेका परिसर में 1,50,000 से अधिक छोटे-बड़े पेड़ है जिससे 40% क्षेत्र हरा-भरा है । वर्ष 2020-21 में 2000 अधिक पौधे लगाए गए। बरेका परिवार के सामूहिक प्रयासों से न केवल स्वच्छ बरेका-हरित बरेका का हमारा ध्येय पूरा होता है बल्कि जल, वायु, औद्योगिक उत्सर्जन एवं हानिकारक अपशिष्ट के प्रदूषण स्तर को भी नियत सीमा के भीतर रखा जाता है।
कोविड महामारी जब चरम पर थी तब बरेका ने समाज में सक्रिय रूप से योगदान दिया। बनारस जिला प्रशासन द्वारा केंद्रीय अस्पताल बरेका को लेवल-1 )प्रथम लहर के दौरान) और लेवल-2 )द्वितीय लहर के दौरान) कोविड अस्पताल घोषित किया गया था। 3404 कोविड पॉज़िटिव मरीजों ने यहाँ उपचार प्राप्त किया। बरेका अस्पताल में 13000 से अधिक रेपिड एंटीजन परीक्षण और 11700 आरटीपीसीआर परीक्षण किए गए। बरेका केंद्रीय अस्पताल कोविड टीकाकरण अभियान का प्रमुख भागीदार है, यह वाराणसी में किसी एक टीकाकरण केंद्र पर सबसे बड़ी संख्या में टीकाकरण करने वाला केंद्र है। इस केंद्र पर 75000 से अधिक लाभार्थियों ने पहली खुराक ली है। दूसरी खुराक में 63000 से अधिक व्यक्तियों ने टीकाकरण करवाया है। कार्पोरेट सामाजिक उतरदायित्व के अंतर्गत जून 2021 के अंतिम सप्ताह में 125 सिलिन्डर प्रतिदिन की क्षमता वाला ऑक्सीज़न संयंत्र स्थापित किया गया। पीडियाट्रिक कोविड वार्ड के लिए 18 बेड और पीडियाट्रिक कोविड आईसीयू वार्ड के लिए 6 बेड, पहले से आवंटित 40 कोविड बेड के अतिरिक्त तैयार हैं। पीडियाट्रिक कोविड वार्ड के लिए 24 नई सर्जिकल सामग्री भी खरीदी गई है।
स्वच्छ भारत अभियान के तहत बरेका में कारख़ाना, कॉलोनी, कार्यालयों एवं अस्पतालों में जोरदार सफाई अभियान चलाया जाता है। नागरिक सुरक्षा संगठन, भारत स्काउट एवं गाइड और सेंट जॉन एम्बुलेंस ब्रिगेड के सदस्यों सहित सभी अधिकारी, कर्मचारी और उनके परिवार के सदस्य परिसर को साफ सुथरा रखने के लिए इन अभियानों में सक्रिय रूप से भाग लेते हैं।
बरेका आजादी का अमृत महोत्सव हर्ष एवं उल्लास के साथ मना रहा है। इसकी प्रत्येक गतिविधि में राष्ट्र निर्माण का संकल्प है, आजादी के आंदोलन में भाग लेने वाले अपने पूर्वजों के प्रति गहरी श्रद्धा एवं कृतज्ञता है। सम्पूर्ण बरेका परिवार प्रतिस्पर्धी लागत एवं सर्वोच्च गुणवत्ता वाले रेल इंजनों का निर्माण करने एवं आत्म निर्भर भारत के ध्येय को प्राप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके अंतर्गत आपूर्तिकर्ताओं और सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों का सहयोग तथा युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर ब्रांड इंडिया उत्पाद के निर्यात की लिए प्रयासरत है। इसके अलावा सामुदायिक कल्याण एवं स्वच्छ पर्यावरण हमारा प्रमुख उद्देश्य है। बरेका परिवार अपनी सभी गतिविधियों में पर्यावरण के अनुकूल कदम उठाते हुए स्वच्छ एवं हरे भरे भारत के लिए अपने योगदान हेतु सतत प्रयासरत है।
(राजेश कुमार) जन सम्पर्क अधिकारी

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