उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में हुई कानपुर के प्रॉपर्टी डीलर मनीष गुप्ता मौत प्रकरण की गुत्थी सुलझा रही सीबीआई टीम बिसरा जांच कराने की तैयारी में जुटी है। आपको जानकारी देते हुए बता दें कि पोस्टमार्टम के बाद मनीष का बिसरा सुरक्षित रखा गया था। सीबीआई को भी उम्मीद है कि मौत की गुत्थी सुलझाने में इससे काफी मदद मिलेगी। जिससे मौत के कारणों का भी पता चल पाएगा। घटना से पहले मनीष ने अपने दोस्तों के साथ कितनी शराब पी थी, इसकी भी जानकारी बिसरा से लगाई जाएगी।
टीम में उच्चाधिकारी भी रहेंगे मौजूद
आपको जानकारी देते हुए बता दें कि मनीष गुप्ता मौत मामले की जांच कर रही सीबीआई एक बार फिर से गोरखपुर रवाना हो सकती है। इस बार केस से जुड़े तमाम सबूतों को समाने लाकर मनीष की मौत का राज उजागर करने के लिए सीबीआई जब गोरखपुर जाएगी तो उसके साथ एक्सपर्ट की टीम भी मौजूद होगी। जिसमें उच्चाधिकारी भी मौजूद रहेंगे। जिससे वह अधिकारियों से पूछताछ कर सकें। साथ ही सीबीआई अपने साथ मेडिकल टीम, फोरेंसिक टीम और सर्विलांस एक्सपर्ट की टीम भी लेकर जाएगी, जिससे घटना से संबंधित हर एक पहलू की बेहद ही बारीकी से जांच हो सके।
राइम सीन रीक्रिएट करवा सकती है CBI
मनीष के गुड़गांव वाले दोस्त हरबीर सिंह और प्रदीप सिंह से भी CBI पूछताछ कर सकती है। मामले में सिलसिलेवार ब्योरा जानने के लिए सीबीआई सबूतों की परख करने के साथ सीन रीक्रिएट करवाकर आरोपी पुलिसकर्मियों का नार्को टेस्ट भी करवा सकती है।
क्या था मामला
कानपुर निवासी मनीष गुप्ता अपने दोस्तों के साथ गोरखपुर घूमने आये थे जहां वह रामगढ़ताल क्षेत्र में एक होटल में रुके थे। इसी बीच जांच के नाम पर रात 12 बजे रामगढ़ताल थाना पुलिस कमरे के अंदर जाती है और 10 मिनट बाद मनीष को गंभीर हालत में अस्पताल लेकर जाया गया। लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था। मामले में तत्कालीन थानाध्यक्ष सहित 6 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर जेल भेजा जा चुका है।

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