June 10, 2026

कोरोना काल के बाद से दिल्ली में साइबर अपराध की वारदातों में बेहताशा वृद्धि हुई- अजय मिश्रा

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दिल्ली

 

इस बात में कोई दो राए नहीं कि कोरोना काल के बाद से दिल्ली में साइबर अपराध की वारदातों में बेहताशा वृद्धि हुई है। बता दें साइबर स्टॉकिंग, मॉफिंग, ब्लैकमेलिंग, अकाउंट हैकिंग आदि साइबर अपराध में 67 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुआ है। जिसके चलते साइबर अपराध शाखा पर काबू पाने के लिए दिल्ली पुलिस अब हर जिले में साइबर पुलिस स्टेशन खोलने जा रही है। केन्द्रीय गृहमंत्रालय ने साइबर थाने खोलने की अनुमति दे दी है। दिल्ली पुलिस के विशेष पुलिस आयुक्त(अपराध) देवेश श्रीवास्तव ने बताया कि साइबर थाने खोलने को लेकर दिल्ली सरकारी ओर से नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। संभवत: अगले सप्ताह तक साइबर थाने खुल जाएंगे।

 

साइबर अपराध से पीड़ित को कहीं भटकने की जरूरत नहीं

बताते चलें कि विशेष पुलिस आयुक्त ने बताया कि साइबर थाने खोलने के लिए दिल्ली पुलिस विशेष पहल करने जा रही है। दिल्ली पुलिस में 15 जिले हैं। उन्होंने बताया कि हर जिले में एक साइबर थाना खोला जाएगा। इस तरह दिल्ली में 15 साइबर थाने खोल जाएंगे। इन थानों में थानाध्यक्ष होगा। हर थाने में कम्यूटर का जानकार व साइबर अपराध के बारे में जानकारी रखने वाला स्टाफ रखा जाएगा। इन थानों में साइबर अपराध अपराध से जुड़े विशेषज्ञ रखे जाएंगे। उन्होंने बताया कि अब साइबर अपराध से पीड़ित को कहीं भटकने की जरूरत नहीं है। वह इन थानों में जाकर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। जिलें में स्थित जिस बिल्डिंग में जगह होगी उस जगह पर साइबर थाना खोला जाएगा।

 

राकेश अस्थाना की निगरानी में पुलिस की नई पहल

दिल्ली पुलिस अधिकारियों के अनुसार साइबर पुलिस स्टेशन क्षेत्रीय पुलिस स्टेशनों से पूरी तरह अलग होंगे और यहां का स्टाफ पूरी तरह से साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए ही काम करेगा। विशेष पुलिस आयुक्त ने बताया कि पुलिस आयुक्त राकेश अस्थाना की निगरानी में दिल्ली पुलिस में नई पहल की जा रही है। देवेश श्रीवास्तव की देखरेख में इस पूरी प्रक्रिया को अंजाम दिया जा रहा है।

 

शिकायत के अभी दो तरीके

अभी साइबर अपराध के मामले में लोगों के पास शिकायत दर्ज करने दो तरीके हैं। या तो लोग सीधे स्थानीय पुलिस थाने में जाकर शिकायतें दर्ज कराते हैं या फिर नेशनल साइबर क्राइम रिपोट्रिंग पोर्टल पर शिकायत देते हैं, जिसके बाद जियो टैग होकर वह कंप्लेंट अपने आप संबंधित इलाके के पुलिस थाने में चली जाती है। उसके बाद लोकल पुलिस केस दर्ज करके उसमें आगे की कार्रवाई करती है। अब इस तरह की सारी शिकायतों को जिलों के साइबर पुलिस स्टेशन ही देखेंगे।

 

हर रोज आती हैं 1500 शिकायतें

कोरोना काल में जहां साइबर अपराध में करीब 67 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है वहीं साइबर अपराध के नए-नए तरीके भी सामने आए हैं। साइबर अपराध को लेकर इन पुलिस एडवांस नहीं हुई जितने की जालसाज हो गए हैं। साइबर अपराध के नए-नए तरीकों को देखते हुए साइबर पुलिस स्टेशन खोलने का निर्णय लिया गया है। हर थाने में अलग-अलग तरह के साइबर और साइबर फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स भी शामिल होंगे। इन थानों में पर्याप्त संख्या में ट्रेंड स्टाफ भी उपलब्ध कराया जाएगा। दिल्ली पुलिस की साइपैड यूनिट पिछले एक साल से इस दिशा में काम कर रही है, ताकि साइबर पुलिस स्टेशनों में ट्रेंड स्टाफ की कमी महसूस न हो। इसके लिए हर जिले में अच्छी संख्या में एसआई और इंस्पेक्टरों को ट्रेंड किया गया है, जिन्हें साइबर पुलिस स्टेशनों में तैनात किया जाएगा।