फर्रुखाबाद जेल में बंदियों के उपद्रव के बाद जिला कारागार में सख्ती बरती जा रही है। मुरादाबाद कारागार को अतिसंवेदनशील श्रेणी में रखा जाता है। ऐसे में यहां पर 24 घंटे में तीन बार बैरकों की तलाशी लेने के साथ ही मुलाकातियों पर भी विशेष निगाह रखी जा रही है। वहीं पूर्व में घटित हुई छोटी घटनाओं के चलते कारागार से बंदियों को स्थानांतरित करने की कार्रवाई की जा रही है। जिला कारागार में मौजूदा समय में लगभग तीन हजार बंदी है। जबकि कारागार की क्षमता साढ़े छह सौ बंदियों की है।
190 बंदियों किया गया स्थानांतरण-
ऐसे में जिला कारागार में लगभग तीन सौ बंदी ऐसे थे, जिन्हें उम्रकैद की सजा मिल चुकी है। ऐसे में इन बंदियों को बरेली सेंट्रल जेल स्थानांतरित करने की कार्रवाई की जा रही है। वरिष्ठ जेल अधीक्षक डा. वीरेश राज शर्मा ने बताया कि बीते एक माह में 190 बंदियों का दूसरी जेल में स्थानांतरण किया चुका है। जबकि 204 बंदियों को सेंट्रल जेल बरेली स्थानांतरित करने का निर्णय लिया गया था। इसके साथ ही चार बंदियों को प्रशासनिक आधार पर दूसरे जनपद की जेल में स्थानांतरित करने के लिए शासन को पत्र भेजा गया था। हालांकि, अभी तक शासन स्तर पर इन चार बंदियों को दूसरी जेल में स्थानांतरित करने की संस्तुति जेल अफसरों को नहीं मिली है।
बैरकों का लगातार निरीक्षण जारी —
कारागार में मौजूदा समय में सवा सौ और बंदी हैं, जिन्हें उम्रकैद की सजा मिल चुकी है। ऐसे में बंदियों को बरेली सेंट्रल जेल स्थानांतरित करने के लिए कारागार महानिदेशालय को पत्र भेजा गया है। वरिष्ठ जेल अधीक्षक ने बताया कि सेंट्रल से क्षमता की जानकारी मिलने के बाद ही बंदियों को स्थानांतरित करने की कार्रवाई की जाती है। उन्होंने बताया कि कारागार की बैरकों का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है,वहीं समय-समय पर बंदियों की बैरक भी बदलने की कार्रवाई की जा रही है। बंदियों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो इस बात का भी ध्यान रखा जा रहा है।





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