जेलर प्रमोद तिवारी ने कहा कि उन्हें यह नहीं पता कि मुख्तार अंसारी के खिलाफ कब और कहां मनी लॉड्रिंग का मामला दर्ज हुआ, लेकिन अदालत के आदेश पर ईडी अधिकारी यहां आए और पिछले पांच घंटे से अंसारी से पूछताछ कर रहे हैं।
अंसारी ने जताया अपनी जान को खतरा-
आपको बता दें कि कुछ समय पहले मुख्तार अंसारी ने अपनी जान को खतरा जताया था। मुख्तार अंसारी ने आरोप लगाया था कि शासन, प्रशासन और जेल अधिकारी बांदा जेल में बंद पेशेवर अपराधियों को पांच करोड़ रुपये की सुपारी देकर उनकी हत्या कराने का प्रयास कर रहे हैं। इसलिए उन्हें जेल में खास सुरक्षा मुहैया कराई जाए।
मऊ से विधायक हैं मुख्तार अंसारी-
गौरतलब है कि मुख्तार अंसारी मऊ सदर विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। वह 1999 में आगरा की सेंट्रल जेल में बंद थे, तब उनकी बैरक में 18 मार्च 1999 को पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों ने छापा मारा था। वहां से मोबाइल और बुलेट प्रूफ जैकेट मिली थी। इस मामले में आगरा के जगदीशपुरा थाने में अंसारी के खिलाफ आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने अंसारी के खिलाफ चार्जशीट अदालत में दाखिल की थी।





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