April 19, 2026

अभय सिंह के नेतृत्व में बस्ती बचाओ समिति ने उपायुक्त कार्यालय में किया प्रदर्शन

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झारखंड बिकास मोर्चा के केंद्रीय महासचिव एवं बस्ती बचाओ अभियान समिति के संरक्षक अभय सिंह के नेतृत्व में मालिकाना हक की मांग को लेकर चंडी नगर एवं छायानागर के बस्तीवासियों का पैदल मार्च जुलूस हजारो की संख्या में चंडी नगर से निकला । जिसमे सैकड़ो महिलाएं ,पुरूष शामिल थे। हाथों में दर्जनों तख्तियां पकड़े जिसमे मालिकाना हक देना होगा का स्लोगन लेकर आगे आगे महिलाएं शामिल थी। सभी नारे लगा रहे थे कि अभी नही तो कभी नही। गरीबो को उजाड़ना बंद करो । झारखंड के मुख्यमंत्री को मालिकाना हक देना होगा का गगनभेदी नैरा लगा रहे थे। जुलूस छायानागर से निकलकर पुराना जेल रोड होते हुये उपायुक्त कार्यालय जमशेदपुर पहुँचा ।

महा प्रदर्शन को संबोधित करते हुए अभय सिंह ने कहा कि की भाजपा के लोंग बाज आये। गरीबो के साथ क्रूर मजाक करना बंद करे । आज मुख्यमंत्री ये बताये की 20 अगस्त 2005 को टाटा लीज एग्रीमेंट करते समय आखिर क्यों चंडी नगर, छायानागर, इंदिरा नगर, लाल भट्टा, बाबु डीह, शान्ति नगर, कान्हू भट्टा, निर्मल नगर, के बस्तियों को टाटा लीज की जमीन से क्यो बाहर नही किया गया ? आखिर टाटा स्टील के द्वारा इन बस्तियों के ऊपर क्यो आज तक केस दर्ज की है ?
आखिर सरकार बसे हुए बस्तियों को उजाड़कर पी एम आवास योजना के तहत क्यो घर बनाना चाहती है ? जबकि उक्त स्थानों पर सरकार की सारी योजना लागू है क्यो नही इन बस्तियों को सरकार द्वारा लिखित आश्वासन दिया जाता है कि ये सारी बस्तियां कभी नही टूटेगी । आज भाजपा के लोंग हमारे सत्यता आआंदोलन से घबराकर उलूल जुलूल बयान दे रहे है जबकि भाजपा के नेताओ को झारखंड बिकास मोर्चा के कार्यकर्ताओं या नेताओ की आलोचना करने के बजाय उन बस्तियों को लिखित आश्वासन दे । सरकार भाजपा की है तो मौखिक बयान आखिर क्यों ? अगर भाजपा के नेताओ में थोड़ी भी बहुत अगर नैतिकता बची है तो उन बस्तियों में अपने ही सरकार की लिखित ठोस बस्ती न टूटने का आश्वासन दे दे ।
यह दुष्प्रचार कर अब जनता को बरगलाया नही जा सकता । जनता मुख्यमंत्री का झूठा आश्वासन बिगत 25 बर्षो से मालिकाना हक की देने की बात सुनते आ रही है। कल तक मालिकाना हक देने के आश्वासन वाले लोंग अब लीज बन्दोबस्ती की बात करने लगे ।
हमने उपायुक्त जमशेदपुर के अनुपस्थिति में उनके रिप्रजेंटेटिव DDC बी माहेश्वरी से कहा की आप मालिकाना ना ही सही उन बस्तियों में लीज बन्दोबस्ती ही दे दे। तो उन्होंने कहा कि जब तक वह सारी बस्तियां टाटा लीज से बाहर नही होगी तब तक उक्त बस्तियों में लीज बन्दोबस्ती कैम्प नही लगाया जा सकता।
इसका अर्थ हमारा आन्दोलन सत्य के रास्ते मे है।
हमने कहा कि इन सारे बस्तियों को अबिलम्ब टाटा लीज से बाहर की जाए। साथ ही मौखिक नही बल्कि लिखित आश्वासन सरकार दे कि यह बस्ती कभी नही टूटेगी टैब हमारा आन्दोलंन वापस होगा अन्यथा जमशेदपुर के सारे बस्तियों को जोड़कर बडा आन्दोलन मुख्यमंत्री के बिरोध में होगा।