बिहार स्थित मुजफ्फरपुर शेल्टर होम मामले की आंच सूबे के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार तक पहुंच गई है। कोर्ट ने मामले में सीएम नीतीश कुमार और दो अन्य नौकरशाहों के खिलाफ सीबीआई जांच के आदेश दिए हैं। स्पेशल पॉक्सो एक्ट कोर्ट ने शुक्रवार को एक स्वयंघोषित चिकित्सक अश्विनी के द्वारा दायर किए गए एक आवेदन जांच पर ये आदेश दिया है।
बता दें कि बीते साल 2018 में मुजफ्फरपुर शेल्टर होम सेक्स स्कैंडल का मामला पूरे देश में बेहद चर्चा में रहा था। इस आश्रय गृह में 30 से अधिक लड़कियों के साथ कथित रुप से बलात्कार किया गया था।
अश्विनी शेल्टर होम में रहने वाली लड़कियों को नशीली दवाइयों का इंजेक्शन लगाकर उनका सेक्शुअली इस्तेमाल करता था। अश्विनी ने कोर्ट में दायर अपनी याचिका में कहा था कि इस मामले की जांच में सीबीआई सबूतों के साथ खिलवाड़ कर रही है। इसके साथ ही इस याचिका में उसने मुजफ्फरपुर के पूर्व डीएम धर्मेंद्र सिंह, वरिष्ठ आईएएस ऑफिसर अतुल कुमार सिंह, मुजफ्फरपुर के पूर्व डिवीजनल कमिश्नर, सामाजिक कल्याण विभाग के वर्तमान सचिव और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नाम का भी जिक्र किया था।




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