नागरिकता संशोधन विधेयक-2019 और मुस्लिम महिला बिल-2018 ये वो दो बिल हैं जिन्हें लोगों के समर्थन के साथ-साथ विरोध का सामना भी करना पड़ा है। ये बिल लोकसभा में पास हो चुके थे जबकि राज्यसभा में अभी तक लंबित थे।पर तीन तलाक बिल पेश होने से पहले ही राज्यसभा में बजट सत्र के समाप्ति की घोषणा कर दी गई है।
मौजूदा समय में सरकार को तीन तलाक मुद्दे पर विपक्षी दलों के उग्र प्रतिरोध का सामना करना पड़ा रहा है। वहीं नागरिकता अधिनियम जिसका काफी विरोध हो रहा है, सरकार भी उसपर अडिग है। पर लोकसभा की प्रक्रिया के अनुसार लोकसभा में पेश किया गया कोई भी विधेयक अगर किसी भी सदन में लंबित है तो वह कार्यकाल के साथ ही समाप्त हो जाएगा।
सदन में अंतरिम बजट को भी बिना किसी चर्चा के पास कर दिया गया। राज्यसभा ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पारित कर दिया है। राफेल मुद्दे पर राज्यसभा में कैग रिपोर्ट पेश होने के बाद से विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया था। सीएजी रिपोर्ट के मुताबिक मोदी सरकार की राफेल डील यूपीए सरकार में प्रस्तावित डील से सस्ती है। सीएजी रिपोर्ट के मुताबिक राफेल डील यूपीए से 2.86 फीसदी सस्ते में हुई है।

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