October 22, 2026

गुजरात उच्च न्यायालय ने यह जानने की कोशिश की है कि क्या एक महिला अपने बच्चे के पिता के नाम का खुलासा करने के लिए बाध्य है, जिसके साथ उसने विवाह नहीं किया- अजय मिश्रा

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गुजरात उच्च न्यायालय ने यह जानने की कोशिश की है कि क्या एक महिला अपने बच्चे के पिता के नाम का खुलासा करने के लिए बाध्य है, जिसके साथ उसने विवाह नहीं किया है। न्यायाधीश परेश उपाध्याय ने यह भी पूछा कि क्या किसी ऐसी महिला के मामले में आपराधिक पहलू की तलाश की जानी चाहिए जो दुष्कर्म की शिकायत न होने पर भी बिना शादी के जन्म देने वाली बच्चे के पिता की पहचान का खुलासा नहीं करना चाहती है।

 

उच्च न्यायालय ने ये सवाल 19 अगस्त को एक मामले की सुनवाई के दौरान उठाए थे। अदालत, निचली अदालत के एक आदेश के खिलाफ दोषी की अपील पर सुनवाई कर रही थी। उल्लेखनीय है कि दोषी करार दिए गए व्यक्ति को आईपीसी की धारा 376 और यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो) के प्रावधानों के तहत एक नाबालिग किशोरी से दुष्कर्म करने के आरोप में 10 साल के लिए कठोर कारावास की सजा सुनाई थी।