लखनऊ
PC राकेश टिकैत
यूपी हमेशा आंदोलन का प्रदेश रहा है। मूंग के किसानों ने 3 हजार रूपए सस्ती फसल बेची। आलू का किसान बरबाद हुआ है गन्ना किसानों का 12 हजार करोड़ का भुगतान बाकी है। पिछली सरकारों में आंदोलन के बाद रेट बढ़ता रहा लेकिन इस सरकार ने कुछ नहीं बढ़ाया। यूपी में किसानों को सबसे महंगी बिजली मिलती है।
5 सितंबर को मुज्जफरनगर बड़ी पंचायत कर आंदोलन की शुरुआत करेंगे
संयुक्त मोर्चा ने 8 महीने आंदोलन करने के बाद ये फैसला लिया है कि यूपी यूके के साथ पूरे देश में इस आंदोलन को बढ़ाएंगे
जब तक ये सब कानून वापस नहीं होते तब तक किसान आंदोलन वापस नहीं होगा। लखनऊ को भी दिल्ली बना देंगे लखनऊ के चारों तरफ के रास्तों का भी वही हाल होगा जो दिल्ली में हुआ है

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