अलीगढ़
जहरीली शराब मामले का अपडेट, मजिस्ट्रेट जांच में प्रथम दृष्टया हुआ बड़ा खुलासा, अनिल चौधरी ऋषि मुनि और विपिन यादव के ठेकों की नहीं होती थी कोई जांच।
ना कभी सैंपलिंग की जाती थी ना स्टॉक चेक होता था, स्टॉक रजिस्टर तक मेंटेन नहीं था इन माफियाओं के ठेकों में, आपकारी विभाग का पूरा महकमा इन माफियाओं के कब्जे में था।उसी की आड़ में चलता था नकली शराब का पूरा धंधा, इस धंधे में बीट कांस्टेबल से लेकर जिले स्तर तक के आबकारी से जुड़े अधिकारी सीधे तौर पर शामिल थे।

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