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*प्रेस विज्ञप्ति*
दिनांक
21 05 2021
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आज कारागार मुख्यालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दो महत्वपूर्ण बैठकें हुई :-
*पहली बैठक* दोपहर 12:30 बजे शुरू हुई . इसमें बंदियों को कोरोना से बचाने हेतु कारागारो में ओवरक्राउडिंग कम करने के उद्देश्य से रिहाई के पात्र बंदियों को पैरोल और अंतरिम जमानत पर
माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुरूप रिहा करने हेतु गठित
उच्चाधिकार प्राप्त कमेटी के अध्यक्ष माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबाद के चीफ जस्टिस न्यायमूर्ति
श्री संजय यादव की अध्यक्षता में हुई .
इसमें अपर मुख्य सचिव गृह, गोपन एवं कारागार श्री अवनीश अवस्थी, पुलिस महानिदेशक श्री हितेश चंद्र अवस्थी ,
डी जी जेल श्री आनंद कुमार
और
सचिव, राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण उप्र, श्री अशोक कुमार
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित रहे .
बैठक में DG जेल श्री आनंद कुमार ने जेलों में निरुध्द बन्दियों को कोविड संक्रमण से बचाने हेतु किये जा रहे उपायों की चीफ जस्टिस महोदय को जानकारी दी .
उन्होंने बताया कि वर्तमान में प्रदेश की 71 जेलों में 1,06,724 बंदी निरुद्ध हैं .
नए बंदियों से कारागारों में संक्रमण न फैले इस हेतु प्रदेश भर में 51 अस्थाई कारागारे बनाई गई है.
यहां 14 दिन रखने के उपरांत उनका कोविड टेस्ट कराने पर निगेटिव आए हुए बंदियों को ही मुख्य कारागार में भेजा जाता है जहां पुनः उन्हें 14 दिन को कोरेंटिन किया जाता है और रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद ही सामान्य बंदियों के साथ रखा जाता है.
इन उपायों के परिणाम स्वरूप जेलों में कोविड-19 के प्रसार पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा चुका है . वर्तमान में कारागारों में कोरोना के एक्टिव केसेज़ की संख्या घटकर मात्र 824 रह गई है .
45 वर्ष से ऊपर के टीकाकरण हेतु पात्र पाए गए 26312 बंदियों में से
24255 बंदियों को कोविड-19 का टीका लगाया जा चुका है .
यह भी अवगत कराया कि माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में वर्तमान में कुल 7767 विचाराधीन बन्दियों को अंतरिम जमानत पर,
तथा ,
1284 सिद्धदोष बंदियों को पैरोल पर रिहा किया जा चुका है .
चीफ जस्टिस महोदय ने सिद्धदोष बन्दियों को पैरोल और अंतरिम बेल पर विचाराधीन बन्दियों की रिहाई प्रकिया में तेज़ी लाने के निर्देश दिए .
*दूसरी बैठक*
सायंकाल 16:30 पर कारागार मुख्यालय के कमांड सेंटर में अपर मुख्य सचिव गृह ,गोपन एवं कारागार श्री अवनीश अवस्थी जी की अध्यक्षता में हुई . इसमें उनके साथ डीजी जेल श्री आनंद कुमार उपस्थित रहे .
जबकि वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सभी 71 जेलों के वरिष्ठ जेल अधीक्षक एवं अधीक्षक भी उपस्थित रहे .
अपर मुख्य सचिव महोदय ने बारी बारी से सभी जेल अधीक्षकों को निर्देशित किया कि सिद्धदोष बंदियों की पैरोल पर रिहाई हेतु संबंधित जिलों के जिला अधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक स्तर से अधिकतम एक दिन के अंदर बैठक कर के पात्र बंदियों की संस्तुतियों को भेजें इस प्रक्रिया में यदि जिलाधिकारी स्तर से कहीं कोई समस्या उत्पन्न हो रही हो तो उन्हें तत्काल अवगत कराया जाए .
अधिकांश जेल अधीक्षकों ने अवगत कराया कि उन्हें जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक के साथ सिद्धदोष बंदियों की पैरोल पर रिहाई हेतु बैठक का समय मिल चुका है और वे कल तक संस्तुति भेज देंगे .
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