परिवार का नाम धूमिल किए जाने पर राज्यसभा सांसद ने थाई युवती के सम्बंध में विस्तृत जांच के लिए पुलिस कमिश्नर को लिखा पत्र
– मृत युवती, उसकी पृष्ठभूमि, पासपोर्ट नंबर, मोबाइल नंबर,कॉल डिटेल, लखनऊ में उसके रहने का विवरण और भारत में किसी भी अन्य जगह पर उसकी अन्य व्यक्तियों से मुलाकात के सम्बंध में जांच कर सभी तथ्य सार्वजनिक किए जाने का किया अनुरोध
लखनऊ, मई 8, 2021: थाईलैंड की नागरिक युवती की संदिग्ध मौत के मामले में राज्यसभा सांसद श्री संजय सेठ ने दुर्भावनापूर्ण सोशल मीडिया पोस्ट्स को उनके और उनके परिवार की प्रतिष्ठा को धूमिल करने वाला करार दिया। उन्होंने मृत थाई युवती के सम्बंध में गहनता से जांच कर सभी तथ्य सर्वजनिक किए जाने की मांग की है। उन्होंने श्री आई.पी. सिंह (IPSinghSp) या श्री महेंद्र कुड़िया (@GaDDastak) के खिलाफ ट्विटर तथा अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर उनके परिवार के सम्मान व प्रतिष्ठा को धूमिल करने के लिए आईटी एक्ट की धारा 2000 के तहत उचित विधिक कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने ऐसे दुर्भावनापीरन संदेश को वायरल करने वाले सभी सोशल मीडिया हैंडल्स/एकाउंट को प्रतिबंधित करने की भी मांग की है।
राज्यसभा सांसद श्री संजय सेठ ने लखनऊ के पुलिस आयुक्त श्री ध्रुवकांत ठाकुर को एक पत्र लिखकर मांग की है ,” “मृत युवती, उसकी पृष्ठभूमि, पासपोर्ट नंबर, मोबाइल नंबर के बारे में जांच करने का अनुरोध करता हूं। उसकी कॉल डिटेल, लखनऊ में उसके रहने का विवरण और भारत में किसी भी अन्य जगह पर उसकी अन्य व्यक्तियों से मुलाकात महत्वपूर्ण तथ्य हैं, जिनका विवरण जानना अति आवश्यक है।”
श्री संजय सेठ ने इस बात की भी मांग की है मृत थाई युवती को अस्पताल में किसने एडमिट कराया तथा वह व्यक्ति कौन था जिसने उसकी मेडिकल इमरजेंसी में सहायता की। साथ ही वायरल हो रहे सोशल मीडिया पोस्ट में “एजेंट सलमान” का बार बार जिक्र हुआ, उसकी भूमिका इस पूरे मामले में क्या है। इसकी भी जांच होनी चाहिए और इन सामग्रियों में वर्णित तथ्यों को श्री आई.पी. सिंह (IPSinghSp) या श्री महेंद्र कुड़िया (@GaDDastak) या व्हाट्सएप ग्रुप्स और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर वायरल किया है।
उन्होंने बताया कि मुझे मेरे दोस्तों और सहयोगियों ने सूचित किया है थाई युवती की मृत्यु के पश्चात कुछ दुर्भावनापूर्ण सोशल मीडिया पोस्ट, व्हाट्स ऐप और ट्विटर अकाउंट पर अपलोड और प्रसारित किए गए हैं। इनमें मनगढ़ंत और दुर्भावनापूर्ण सामग्री पोस्ट कर उनके परिवार की प्रतिष्ठा को धूमिल करने का कुत्सित प्रयास किया गया है।
मामले की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि पहले आईपी सिंह (@IPSinghSp) द्वारा ट्विटर पर इस तरह का एक कुत्सित ट्वीट पोस्ट किया गया फिर उसे राम दत्त तिवारी ने रिट्वीट किया और एक तस्वीर के साथ कई बार वायरल किया गया।
इस दुर्भावनापूर्ण कुत्सित सामग्री के स्रोत और उत्पत्ति के बारे में गहन जांच की नितांत आवश्यकता है। इस तरह की सामाग्री को पोस्ट और री-ट्वीट करने वालो के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। इस आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट करने वालों में महेंद्र कुड़िया (@GaDDastak) भी शामिल हैं, जिन्होंने बेतुका और फर्जी ट्वीट किया है, इसके भी सूचना के स्रोत, इसकी उत्पत्ति और शुद्धता के लिए कड़ी जांच की जरूरत है।इस पूरे मामले की साइबर सेल पुलिस से और आईटी सेल पुलिस से सख्त और गहन जांच कर इस तरह की कुत्सित दुर्भावनापूर्ण सामग्री की उत्पत्ति का पता लगाने और इस तरह के पोस्ट्स को शेयर करने वालों की मंशा का पता लगाना अति आवश्यक है।

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