नई दिल्ली :
दिल्ली हाईकोर्ट ने वॉट्सऐप की नई प्राइवेसी पॉलिसी के खिलाफ दायर एक जनहित याचिका (पीआईएल) पर केंद्र सरकार के साथ फेसबुक और वॉट्सऐप से जवाब मांगा है। चीफ जस्टिस डी एन पटेल और जस्टिस जसमीत सिंह की बेंच इस पर सुनवाई कर रही है। कोर्ट ने इन्हें 13 मई तक याचिका पर अपना पक्ष रखने को कहा है। बता दें कि वॉट्सऐप 15 मई से अपनी नई पॉलिसी लागू करने जा रहा है।
इधर, वॉट्सऐप ने बेंच को बताया कि लोगों की निजी बातचीत उनके टूल एंड टू एंड एनक्रिप्शन से सुरक्षित रहती है। ऐसे में प्राइवेसी प्रभावित होने का सवाल ही नहीं उठता। इस मामले में याचिकाकर्ता हर्षा गुप्ता ने दिल्ली हाईकोर्ट से कुछ अंतरिम आदेश देने की आग्रह किया, क्योंकि वॉट्सऐप 15 मई से अपनी पॉलिसी लागू करेगा।
क्या है वॉट्सऐप पॉलिसी विवाद?
वॉट्सऐप की नई पॉलिसी में लिखा कि हमारी सर्विसेज को ऑपरेट करने के लिए आप वॉट्सऐप को जो कंटेंट अपलोड, सबमिट, स्टोर, सेंड या रिसीव करते हैं, कंपनी उन्हें कहीं भी यूज, रिप्रोड्यूस, डिस्ट्रीब्यूट और डिस्प्ले कर सकती है। यूजर्स को ये पॉलिसी एग्री करना होगी। पहले नई पॉलिसी 8 फरवरी, 2021 से लागू होने वाली थी, लेकिन बाद में विवाद के चलते इसकी तारीख 15 मई कर दी गई।
कंपनी ने अपने ब्लॉग पर लिखा था, “हम इस बात का ध्यान रखना चाहते हैं कि इन शर्तों को पढ़ने और स्वीकार करने के लिए आपको पूरा समय मिले। इसलिए हमने तारीख आगे बढ़ा दी है। इसका मतलब है कि 8 फरवरी को किसी भी अकाउंट को सस्पेंड या डिलीट नहीं किया जाएगा। वॉट्सऐप की प्राइवेसी और सुरक्षा को लेकर जो गलत जानकारी फैल रही है, उसे दूर करने के लिए हम और भी कई कदम उठाएंगे। इसके बाद हम लोगों से पॉलिसी रिव्यू करने के लिए कहेंगे और उन्हें इसके लिए पूरा समय भी देंगे। बिजनेस ऑप्शन्स 15 मई से उपलब्ध होंगे।”



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