*भाग-01*
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*राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के साथ संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उद्गार*
– खिलाड़ियों से संवाद सदैव ही उत्साहवर्धक रहा है। आज जबकि पूरा देश-पूरी दुनिया कोरोना महामारी से लड़ रही है, ऐसे में खिलाड़ियों की सकारात्मक ऊर्जा, उनका हौसला और उनकी टीम भावना सभी के लिए प्रेरणास्पद है।
– इस महामारी काल में हर प्रदेशवासी की समुचित जांच को, उसे समय पर सही उपचार मिले, दवा मिले, ऐसी सभी व्यवस्थाओं के लिए सरकार द्वारा प्रयास किया जा रहा है।
– खेल और खिलाड़ियों के संवर्द्घन और प्रोत्साहन के लिए केंद्र और प्रदेश सरकार नीतिगत प्रयास कर रही है। प्रधानमंत्री जी ने ‘खेलो इंडिया खेलो’ अभियान शुरू किया तो नई शिक्षा नीति में खेलों को भी विशेष स्थान दिया गया है। वहीं राज्य सरकार खेलों के विकास के लिए हर गांव में खेल मैदान और ओपन जिम बनवा रही है। हमारी सरकार ने ओलंपिक, कॉमनवेल्थ, विश्वकप, एशियन खेल सहित सभी प्रतिष्ठित प्रतियोगिताओं के न केवल विजेताओं और प्रतिभागियों के सम्मान करते हुए 05 लाख से 06 करोड़ तक की प्रोत्साहन राशि प्रदान करती है। उदयीमान खिलाड़ियों के प्रोत्साहन और विकास के लिए सतत प्रयास किये जा रहे हैं। लक्ष्मण पुरस्कार और लक्ष्मीबाई पुरस्कार दिए जा रहे हैं। हमारी सरकार ने इसमें सभी खेल विधाओं को शामिल किया है।
– कोरोना कोई सामान्य वायरस नहीं अपितु महामारी है। यह अपनी पिछली लहर से 30 से 50 गुना अधिक संक्रामक है। ऐसे में थोड़ी सी असावधानी चपेट में ला सकता है।
– खिलाडी का जीवन बड़ा ही संयमित होता है। अनुशासित होता है। इस महामारी से बचाव के लिए उसी अनुशासन और संयम की जरूरत है। आपने अपने पुरुषार्थ से लाखों-करोड़ों लोगों के सामने आदर्श प्रस्तुत किया है, आपकी फैन फॉलोइंग है। अतः आज जबकि कुछ लोगों की नकारात्मक और भ्रामक प्रचार से आम आदमी सही जानकारी से वंचित हो जा रहा है, ऐसे में जरूरत है कि आप सभी लोगों को जागरूक करें। उन्हें बताएं कि मास्क लगाना अनिवार्य है, ग्लव्स पहनना जरूरी है। सैनीटाइजेशन आपको संक्रमित होने से बचाएगा। घर से अनावश्यक बाहर न निकलें। निकलें तो मास्क/ग्लव्स के सुरक्षा कवच के साथ निकलें।
– यह कोई सामान्य बीमारी नहीं है, कोरोना एक महामारी है। बचाव ही इसका सबसे सरल उपाय है।
– पिछले वर्ष कोविड की पहली लहर जब पीक पर थी, तब 68000 केस आये थे। एक दिन में 7750 केस अधिकतम आये थे। नियंत्रण के लगातार प्रयासों से यह घटते-घटते 85 तक आ गया था। लेकिन आज इसकी संक्रामकता अत्यधिक है। सामान्य दिनों में यदि 500 बेड का हॉस्पिटल है तो वहां 450-500 मरीज में से 35-40 को ऑक्सीजन और 05-10 को वेंटिलेटर की जरूरत होती थी। आज स्थिति अलग है। बीते 24 अप्रैल को एक ही दिन ने 38000 केस आये। इसके दृष्टिगत राज्य सरकार सभी जरूरी प्रयास कर रही है,लेकिन आम आदमी की सावधानी और जागरूकता बहुत जरूरी है।
– 02 मार्च 2020 को जब कोरोना का पहला केस आगरा में आया था, तब एनआईवी पुणे में टेस्ट कराना पड़ा। आज 2 लाख 97 हजार टेस्ट एक दिन में कर रहे हैं। अब तक 04.17 करोड़ से अधिक टेस्ट हम कर चुके हैं। जब पहला मरीज आया था तो सफदरजंग भेजना पड़ा था आज उत्तर प्रदेश में एल-1 श्रेणी के 1,16,000 बेड हैं, एल-2 और एल-3 के 70 हजार बेड हैं, आईसीयू है वेंटिलेटर हैं।ऑक्सीजन की आपूर्ति हर दिन बढ़ रही है। लगातार संसाधन बढ़ाये जा रहे हैं।
– इस बार संक्रमण 30 से 50 गुना ज्यादा तेज है और संसाधनों की भी अपनी सीमा है। फिर भी सभी जरूरी प्रयास किये जा रहे हैं। हर जिले की सीधी निगरानी हो रही है। आप की बात दूर तक जाएगी, लोगों को बताएं कि थोड़े भी लक्षण हों तो डरें नहीं, टेस्ट कराएं। चिकित्सक से परामर्श करें। ज्यादातर लोग घर में आइसोलेट रहते हुए पूर्णतः स्वस्थ हो रहे हैं। न सबको ऑक्सीजन चाहिए न सबको वेंटिलेटर। लेकिन टेस्ट जरूरी है। होम आइसोलेशन में सभी को मेडिकल किट मिल रहा है। हर दिन उनका स्वास्थ्य की जानकारी ली जा रही है। डॉक्टर लगातार उनके संपर्क में रहते हैं।
*भाग-02*
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*राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के साथ संवाद कार्यक्रम*
– उत्तर प्रदेश सर्वाधिक टेस्ट करने वाला राज्य है। अब तक यहां चार करोड़ 17 लाख से अधिक टेस्ट हो चुके हैं। यही नहीं हम सबसे ज्यादा टेस्ट कर रहे हैं तो यहां 18-44 आयु वर्ग के लोगों का टीकाकरण भी शुरू हो गया है। अभी 18+ का टीकाकरण उन जिलों में हो रहा है, जहां ज्यादा इंफेक्शन है। हमारा सॉफ्टवेयर भी टेस्टिंग मोड में है। 45 से अधिक आयु के लोगों का टीका भारत सरकार दे रही है। सभी को मुफ्त टीका लग रहा है। टीकाकरण कोविड से बचाव का सुरक्षा कवच है। आप सभी लोग अपना और अपने परिजनों का टीकाकरण जरूर कराएं। इसके लिए लोगों को जागरूक करने की जरूरत है।
– सरकार रैपिड रिस्पॉन्स टीम बढा रही हैं तो टेस्टिंग कैपिसिटी को भी बढाया जा रहा है। निगरानी समितियां लागातर एक्टिव हैं। हर जिले में आइसीसीसी बनाये गए हैं। होम आइसोलेशन के लोगों से संवाद हो रहा है।
– यह महामारी है। संसाधन कितने भी हो, कभी पर्याप्त नहीं होते। आज सभी को मानसिक सम्बल की जरूरत है। चुनौतियों से जूझना खिलाड़ियों से बेहतर कौन जानता है। टीम वर्क का महत्व खिलाड़ी बेहतर जानते हैं। यह समय अनावश्यक टिप्पणियों नहीं, भ्रम फैलाने वाली सूचनाओं के प्रसार का नहीं, एकजुट रहने का है। हमारे चिकित्सक कार्य कर रहे हिंम नर्सिंग स्टाफ लगे हैं। सब समर्पित हैं। हम सभी को एकजुट रहकर इसका सामना करना होगा। हमारी जीत तय है। हर खिलाड़ी समाज का सम्बल बने। लोगों को जागरूक करें। लोगों को बताएं कि शासन द्वारा समय समय पर जारी किए जा रहे गाइडलाइंस का पालन करें।
– संवाद कार्यक्रम में हॉकी, एथलेटिक्स और क्रिकेट सहित विभिन्न खेल विधाओं के प्रतिष्ठित खिलाड़ियों ने मुख्यमंत्री जी के समक्ष अपने विचार रखे।
– सुरेश रैना (क्रिकेटर) ने कहा कि वैश्विक महामारी कोरोना से बचाव के लिए प्रदेश सरकार सभी जरूरी कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री जी की सक्रियता लगातार बनी हुई है। हम सभी देखते रहते हैं, लेकिन इस लड़ाई को जीतने के लिए जरूरी है कि हम सभी एकजुट होकर प्रयास करें। बचाव सतर्कता सावधानी बहुत जरूरी है।
-विजय सिंह चौहान (एथेलेटिक्स) ने कहा कि कोविड महामारी से जुड़ी जानकारी को लेकर समाज मे कई तरह के भ्रमित करने वाली जानकारियां हैं। कुछ लोग नेगेटेविटी फैला रहे हैं। हमें इनसे सावधान रहना होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में सरकार लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सभी प्रबंध कर रही है लेकिन हमारी जिम्मेदारी भी है। हमें सतर्क, सावधान रहना होगा।
– अशोक ध्यानचंद (हॉकी) ने मुख्यमंत्री जी से संवाद करते हुए कहा कि कोविड से लड़ाई में संयमित जीवनशैली का बड़ा महत्व है। जो जितना फिट है उसे उतना ही कम खतरा है। हम सभी को योग/प्राणायाम को दिनचर्या में शामिल करना होगा। मुख्यमंत्री जी अपनी ओर से पूरे इंतज़ाम कर रहे हैं।।हमें समाज में जागरूकता फैलानी चाहिएयूपी यह लड़ाई जरूर जीतेगा।
– प्रीति दुबे (हॉकी) ने अपने विचार रखते हुए कहा कि आज समय एकजुट होने का है। कोविड पॉजिटिविटी को हम अपने मन की पॉजिटिविटी से हरा सकते हैं। फेक और भ्रमित करने वाली सूचनाओं से बचना होगा। इम्युनिटी बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए। बाकी सरकार द्वारा किये जा रहे प्रयास सराहनीय है। मुख्यमंत्री जी की कार्यशैली प्रेरित करती है।




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