मंडी समिति में सचिव की मिली भगत से की जा रही है टैक्स चोरी
क्रासर:-गेट पास के नाम पर हो रही है हेराफेरी
खागा/ फतेहपुर 23 अप्रैल। नगर के राष्ट्रीय राज्य मार्ग स्थित मंडी समिति में गेट पास के नाम पर पूरी तरह से हेराफेरी की जा रही है। यहां तक की वहां पर फुटकर बिक्री करने वाले दुकानदारों से दुकान लगाने के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है।
जानकारी के अनुसार नगर के मंडी समिति में किसानों द्वारा उगा कर लाई गई फसल मंडी में बिक्री की जा रही है। जिसमें मंडी सचिव की मिलीभगत से उनसे टैक्स की वसूली बराबर की जा रही है। लेकिन सिक्स आर मे खेल किया जा रहा है।और सरकारी आंकड़ों में राजस्व क्या दिया जा रहा है इसका कोई अंदाज नहीं लगाया जा रहा है। इसी प्रकार व्यापारियों द्वारा माल खरीद कर नाइन आर के माध्यम से बाहर जाने वाले माल पर मिलने वाले गेट पास में भी पूरी तरह से खेल किया जा रहा है। यह खेल निरंतर चल रहा है । इसमें मंडी के उच्च अधिकारियों को भनक तक नहीं लग पा रही है। एक ही नाइन आर से कई गाड़ियां गेट से पार की जा रही हैं।
इतना ही नहीं मंडी में छोटा-मोटा लाइसेंस बनवा कर दुकान लगाकर बैठने वाले दुकानदार बड़े दुकानदारों को चोट पहुंचाने का काम कर रहे हैं। क्योंकि मंडी प्रमुख द्वारा इन छोटे दुकानदारों से अवैध वसूली की जा रही है। इसके चलते यह छोटे दुकानदार मंडी दुकानदारों के सामने अपनी अपनी दुकान सजाकर मनमानी तरीके से बिक्री कर रहे हैं। इस तरह के लगभग 150 से ज्यादा दुकानदार है। मंडी के उच्च अधिकारी इस ओर तनिक भी ध्यान नहीं दे रहे हैं। सुबह से न जाने कितनी गाड़ियों में माल निकल जाता है लेकिन उनका नाइन आर बनता है या नहीं। पुराने नाइन आर से ही माल पार कर रहे हैं। गेट पर छोटे-बड़े वाहनों से अवैध वसूली भी की जा रही है।
इस तरह के प्रकरण कई बार प्रकाश मे भी आए हैं लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई है। मण्डी से व्यापार करने वाले छोटे बड़े दुकानदारों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि मंडी के सचिव द्वारा माहवारी के हिसाब से वसूली की जाती है जिसका हिसाब एडवांस में भी ले लिया जाता है।इतना ही नही बल्कि सचिव द्वारा मण्डी के पक्के दुकानदारों से साफ सफाई बिजली पानी के नाम पर डेढ़ से दो हजार की अबैध वसूली की जा रही है। साथ में गेट से निकलने वाले छोटे वाहनो से प्रति वाहन दस रुपये से लेकर पचास रुपये तक की वसूली की जा रही है। यही हाल गल्ला मण्डी के दुकानदारों से किया जा रहा है। इस बाबत जब मंडी सचिव से दुकानों के बारे में जानकारी चाही गई तो उन्होंने बताया कि बड़े बाबू के न होने की वजह से कोई जानकारी नहीं मिल सकती है। मंडी के जिन लोगों द्वारा इस तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं वह पूरी तरह से गलत और निराधार है।

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