August 28, 2026

अवैध सम्पत्ति और स्टाम्प ड्यूटी चोरी मामले में मुख्यमंत्री ने दिए IAS अभिषेक प्रकाश के ख़िलाफ़ जाँच के आदेश- अजय मिश्रा

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*अवैध सम्पत्ति और स्टाम्प ड्यूटी चोरी मामले में मुख्यमंत्री ने दिए IAS अभिषेक प्रकाश के ख़िलाफ़ जाँच के आदेश*

 

*IAS अभिषेक प्रकाश ने DM लखीमपुर और DM बरेली रहते पारिवारिक सदस्यों के नाम ख़रीदी है सैकड़ों बीघे ज़मीन*

 

*सांसद वीरेंद्र सिंह ने IAS अभिषेक प्रकाश के ख़िलाफ़ साक्ष्यों सहित शिकायत भारत सरकार में की थी जिसमें उन्होंने कहा था कि IAS अभिषेक प्रकाश ने DM लखीमपुर खीरी में तैनाती के दौरान लगभग 300 बीघे ज़मीन की ख़रीददारी अपने परिवार जन (माता,पिता व भाई के अलावा कुछ अन्य व्यक्तियों सहितफ़र्ज़ी कम्पनियाँ बनाकर) के नाम की थी इसके अलावा बरेली में जिलाधिकारी रहने के दौरान इन महाशय ने लगभग 400 बीघे ज़मीन ख़रीदी है …..जी हाँ सत्य है चौकिए नहीं …. यह ज़मीन बरेली शाहजहाँपुर हाइवे से सटी हुई है … इतना ही नहीं इन ज़मीनों की ख़रीद में इनके द्वारा अपने डीएम होने का लाभ उठाते हुए स्टाम्प ड्यूटी की भी भारी मात्रा में चोरी की गयी है ।*

 

*DOPT ने उत्तर प्रदेश सरकार को इस पूरे प्रकरण की जाँच के लिए लिखा था पत्र भारत सरकार से पत्र आने के बाद काफ़ी दिनों तक यूपी के नियुक्ति विभाग ने खेल करते हुए पत्र को दबाए रखा उसके बाद जब नियुक्ति विभाग की नींद टूटी तो वर्तमान डीएम लखीमपुर खीरी और बरेली से आख्या माँगी गयी जिसमें लखीमपुर खीरी डीएम ने अभिषेक प्रकाश के प्रभाव में आकार मामले का गोलमोल जवाब शासन को भेज दिया। वहीं बरेली डीएम ने शासन को पत्र लिखते हुए कहा कि मामला अति गम्भीर है जो स्टाम्प चोरी के साथ साथ राजस्व से भी जुड़ा हुआ है आरोपी विशेष सचिव स्तर का है अतः पूरे मामले की जाँच दो प्रस्तर ऊपर के अधिकारी अर्थात् अपर मुख्य सचिव रैंक से कराने हेतु अनुरोध किया ।*

 

*उपरोक्त प्रकरण में नियुक्ति विभाग द्वारा ए॰सी॰एस॰ राजस्व रेणुका कुमार से जाँच कराने के लिए अनुमोदन हेतु फ़ाइल बड़ी मेहनत मशक़्क़त के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय भेजी गयी जिसे मुख्यमंत्री ने स्वीकृत कर दिया लेकिन वहाँ से फ़ाइल लौटने के बाद अभी भी ठंडे बस्ते में पड़ी है अब तक नियुक्ति विभाग इस प्रकरण में कोई भी आदेश जारी ना कर लीपा पोती में लगा हुआ। चुकी उपरोक्त प्रकरण काफ़ी समय से नियुक्ति विभाग में घूम रहा है वहीं इस पूरे प्रकरण के दौरान साहब को लखनऊ जैसे ज़िले का जिलाधिकरी बनाने के साथ साथ लखनऊ विकास प्राधिकरण का अतिरिक्त चार्ज दे दिया गया है साहब की ईमानदारी के चर्चे लखनऊ में चारों तरफ़ लोग चटकारे मारकर बताते हैं ।*