यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को जनता का फ़ोन रिसीव करने के साफ निर्देश दिए हैं।
लेकिन मुख्यमंत्री के तमाम दिए गए निर्देषों के बाद भी बड़े अधिकारी फ़ोन उठाने को लेकर लापरवाह बने हैं।
अब तो मुख्यमंत्री कार्यालय से किये गए फोन को भी अधिकारी कुछ समझ नहीं रहे, न रिसीव कर रहे हैं।
जिसमे कई ज़िलों के मंडलायुक्त, डीएम व एसपी-एसएसपपी शामिल हैं। मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव एसपी गोयल ने अधिकारियों की टीम ने रैंडम आधार पर कुछ जिलों के डीएम, कमिश्नर व एसपी व एसएसपी के सीयूीजी नंबर पर काल किया।
कुछ अधिकारियों ने फ़ोन उठाया, कुछ ने फ़ोन उठाना पसंद ही नहीं किया।
शासन ने मामले का संज्ञान लेते हुए, 25 डीएम व 4 कमिश्नर से फोन न उठाने पर तीन दिन में स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही वाराणसी, प्रयागराज, अयोध्या व बरेली के मंडलायुक्त से जवाब-तलब किया गया है।
इस सबंध में नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग ने संबंधित अधिकारियों को नोटिस दी है।
गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद, बदायूं, अलीगढ़, कन्नौज, संतकबीर नगर, सिद्धार्थनगर, गोरखपुर, फिरोजाबाद, हापुड़, अमरोहा, पीलीभीत, बलरामपुर, गोंडा, जालौन, कुशीनगर, औरया, कानपुर देहात, कानपुर झांसी, मऊ, वाराणसी, प्रयागराज, अयोध्या, बरेली व आजमगढ़ के ज़िलाधिकारी से सीयूजी फोन क्यों नहीं उठाया, इस पर तीन दिन में स्पष्टीकरण मांगा हैं।
आप को बता दे कि आगरा मंडल में तो किसी जिले के एसपी-एसएसपी ने फोन नहीं उठाया।
अलीगढ़, प्रयागराज, कानपुर नगर, रायबरेली, कन्नौज, औरया, कुशीनगर, जालौन में भी फ़ोन नहीं उठाया।

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