उत्तराखंड का एक पत्रकार जो त्रिवेन्द्र सिंह रावत के हटने की कई वजहों में से एक वजह बना ! गैगस्टर एक्ट , चार सौ बीसी , राजद्रोह से लेकर ना जाने कौन कौन सी धारायें लगायी गयी उमेश कुमार पर ! कुख्यात अपराधियों की तरह सलूक किया गया पर हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट की दौड़ से वे ना सिर्फ़ सरकारी दमन से बचें बल्कि सरकार के ताबूत में कील ठोकने का काम किया !
यह इस बदलते दौर जब पत्रकार पत्तलचाट कार बन गये ये ख़बर सकूँ देने वाली है !
जब सत्ता अपने अभिमान में चूर हो ! राजा के चमचे सिपेहसलार राजा के स्तुतिगान मे सारे नियम क़ायदे ताक पर रखकर काम कर रहे हो तो पत्रकारों को उमेश बनना ही चहिये !
हो सकता है सत्ता परेशान करे ! मुक़दमे दायर करे ! झूठी जॉच कराये पर फिर उन लोगों की जन्मपत्री खोजने में भी पत्रकारों को दिन रात एक करना चहिये जो ऐसे अनैतिक काम कर रहे है ! इतिहास ऐसे ही बना करते है !
फ़िलहाल उत्तर प्रदेश के राज्यमुख्यालय पर पत्रकारों के बीच चुनाव हो रहे है उनके लिये उमेश को समझना ज़रूरी है

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