*आजमगढ़ अदालत से सजा..*
गैंगरेप व अपहरण के मुकदमे में सुनवाई पूरी करने के बाद अदालत ने दो आरोपियों को बीस बीस साल के कारावास तथा तीस तीस हजार जुर्माने की सजा सुनाई ।जबकि दोअन्य आरोपियों को अपहरण के आरोप में सात सात वर्ष के कारावास तथा प्रत्येक को दस दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई ।यहफैसला शनिवार को अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट नंबर एक धीरेंद्र कुमार ने सुनाया। अभियोजन कहानी के अनुसार मेहनगर थाना क्षेत्र के थाना क्षेत्र के एक गांव में आरती पत्नी श्रीप्रकाश वादी मुकदमा की पुत्री को 24 अगस्त 2013 को वादी पुत्रीको घर से बुलाकर ले गई। वादी की पुत्री जब शाम तक घर नहीं लौटी तो उसकी खोजबीन की गई।आरती ने बताया कि आप के लड़की मेरे घर से चली गई है। बहुत खोजबीन करने के बाद 6 सितंबर 2013 को वादी की रिपोर्ट लिखी गई गई। जांच के दौरान यह तथ्य प्रकाश में आया किवादी पुत्री को आरती का लड़का राहुल व विपिन तथा सोमनाथ पुत्र संतलाल वहां से गांव से भगा ले गए ।पहले कानपुर में ले जाकर उसके साथ राहुल व बिपिन ने जबरदस्ती बलात्कार किया। और फिर उसे आगरा में बेच दिया ।वादी की लड़की कुछ होश आया तो उसने अपने आप को आगरा में पाया। लगभग डेढ़ साल के बाद किसी तरह से बचकर आजमगढ़ आई ।इस मामले में पुलिस ने जांच करने के बाद राहुल ,विपिन ,सोमनाथ तथा आरती के विरुद्ध चार्ज शीट कोर्ट में भेज दी।अभियोजन पक्ष की तरफ से सहायक शासकीय अधिवक्ता प्रेम नाथ यादव ने पीड़िता समेत छह गवाह न्यायालय में प्रस्तुत किया। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने आरती व शोभनाथ को सात साल की कैद व दस हजार रुपये जुर्माना तथा राहुल व विपिन को बीस साल के कारावास तथा तथा तीस तीस हजार जुर्माने की सजा सुनाई।साथ ही पीड़िता को जुर्माने की आधी राशि देने का आदेश भी दिया।





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